{"_id":"64483e6800aed2df270463ba","slug":"sujal-scheme-effective-for-water-conservation-rohtak-news-c-17-1-133872-2023-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: जल संरक्षण के लिए सुजल योजना कारगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: जल संरक्षण के लिए सुजल योजना कारगर
Wed, 26 Apr 2023 02:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 26 Apr 2023 02:26 AM IST
विज्ञापन
रोहतक। वर्तमान में कम होते भू-जल स्तर के कारण पानी की मांग को पूरा करने और भावी पीढ़ी को विरासत में पर्याप्त भू-जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सु-जल योजना की नई पहल कारगर होगी। सरकार प्रदेश में सभी स्रोतों से उपलब्ध जल के समुचित उपयोग की तरफ कदम बढ़ा रही है। जल संसाधनों को संरक्षित रखने और जल संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके सार्थक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप पर्यावरण को सर्कुलर इकोनॉमी मानते हुए राज्य सरकार कई योजनाएं बना रही हैं। इसी कड़ी में वर्तमान समय की पानी की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य में पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उपचारित पानी का पुन: उपयोग, सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना, फसल विविधीकरण, तालाबों का जीर्णोद्धार कर उसके पानी का सिंचाई व अन्य कार्यों के लिए उपयोग को बढ़ावा देने जैसी विभिन्न पहल शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने जल की कमी को पूरा करने के लिए थ्री आर सिद्धांत अपनाने का किया आह्वान
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में सतही जल, भूजल और उपचारित अपशिष्ट जल को मिलाकर हरियाणा की कुल जल उपलब्धता 21 बीसीएम है। जबकि सभी क्षेत्रों को मिलाकर जल की कुल मांग 35 बीसीएम है। इस लिहाज से पानी की उपलब्धता और मांग में 14 बीसीएम का अंतर है। पानी की कमी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों और जनता से थ्री-आर सिद्धांत यानी रिडयूस, रिसाइकल और रियूज को अपनाने का आह्वान किया है, जो न केवल जल संरक्षण व जल संचयन में उपयुक्त सिद्ध होगा, बल्कि प्रदेश के एकीकृत विकास में भी अहम योगदान देगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने जल की कमी को पूरा करने के लिए थ्री आर सिद्धांत अपनाने का किया आह्वान
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में सतही जल, भूजल और उपचारित अपशिष्ट जल को मिलाकर हरियाणा की कुल जल उपलब्धता 21 बीसीएम है। जबकि सभी क्षेत्रों को मिलाकर जल की कुल मांग 35 बीसीएम है। इस लिहाज से पानी की उपलब्धता और मांग में 14 बीसीएम का अंतर है। पानी की कमी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों और जनता से थ्री-आर सिद्धांत यानी रिडयूस, रिसाइकल और रियूज को अपनाने का आह्वान किया है, जो न केवल जल संरक्षण व जल संचयन में उपयुक्त सिद्ध होगा, बल्कि प्रदेश के एकीकृत विकास में भी अहम योगदान देगा।
विज्ञापन