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वर्ल्ड टेबल टेनिस यूथ कंटेंडर में सुहाना सैनी ने जीता स्वर्ण पदक
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वर्ल्ड टेबल टेनिस स्पर्धा में विजयी सुहाना सैनी। विज्ञप्ति
रोहतक। इक्वाडोर में हुई वर्ल्ड टेबल टेनिस यूथ कंटेंडर में अंडर 17 आयुवर्ग में सुहाना सैनी ने रविवार को स्वर्ण पदक जीता। सुहाना सैनी ने फाइनल मैच में ब्राजील की खिलाड़ी ताकाहाशी को 3-0 के स्कोर से हराया। सेमीफाइनल मैच में अमेरिका (यूएसए) की खिलाड़ी शैली मॉयलैंड को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। इससे पहले सुहाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 46 से ज्यादा पदक जीत चुकी हैं। वहीं रविवार को सुहाना ने अंडर 19 आयुवर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
सुहाना सैनी के पिता विकास सैनी ने बताया कि इक्वाडोर हाई एल्टीट्यूड पर स्थित है। इसलिए वहां विपरीत परिस्थितियां हैं। ऑक्सीजन की कमी रहना वहां आम बात है। गेंद की गति भी धीमी होती है। भारतीय जलवायु से वहां की जलवायु बहुत भिन्न है। ऐसी परिस्थितियों में पदक जीतना बेहद ही कठिन कार्य है। सुहाना ने सूझबूझ व कड़े परिश्रम की वजह से स्वर्ण पदक जीता है। इक्वाडोर से पहले सुहाना ने मोरक्को डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर में अंडर 17 आयु वर्ग में रजत पदक व अंडर 19 आयु वर्ग में कांस्य पदक जीता था। स्वीडन में हुए डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर में अंडर 17 व अंडर 19 आयु वर्ग दोनों में कांस्य पदक जीते थे। सुहाना ने पांच माह पहले ट्यूनीशिया में हुई डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर में दोहरा स्वर्ण पदक जीता था। सुहाना की मां भावना सैनी टेबल टेनिस की खिलाड़ी रही हैं और खेल विभाग में कोच के पद पर रोहतक में ही तैनात हैं। सुहाना चार साल की उम्र से ही मां भावना से टेबल टेनिस के गुर सीखने लगी थी। सुहाना ने आठ साल की उम्र में वर्ष 2014 में स्टेट चैंपियनशिप जीती थी। वर्ष 2016 में नेशनल चैंपियनशिप जीती। अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर सुहाना अब तक करीब 85 से ज्यादा पदक जीत चुकी है।
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सुहाना के पिता विकास सैनी ने बताया कि अगले सप्ताह सुहाना डब्ल्यूटीटी फीडर प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चेक रिपब्लिक में जाएगी। वहां से सितंबर माह के पहले सप्ताह में सीधा वियतनाम के लाओस शहर में एशियन चैंपियनशिप में भाग लेने जाएगी। हाल में सुहाना अंडर 17 आयु वर्ग की वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें स्थान पर व अंडर 19 आयु वर्ग में नौवें स्थान पर है।
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सुहाना सैनी के पिता विकास सैनी ने बताया कि इक्वाडोर हाई एल्टीट्यूड पर स्थित है। इसलिए वहां विपरीत परिस्थितियां हैं। ऑक्सीजन की कमी रहना वहां आम बात है। गेंद की गति भी धीमी होती है। भारतीय जलवायु से वहां की जलवायु बहुत भिन्न है। ऐसी परिस्थितियों में पदक जीतना बेहद ही कठिन कार्य है। सुहाना ने सूझबूझ व कड़े परिश्रम की वजह से स्वर्ण पदक जीता है। इक्वाडोर से पहले सुहाना ने मोरक्को डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर में अंडर 17 आयु वर्ग में रजत पदक व अंडर 19 आयु वर्ग में कांस्य पदक जीता था। स्वीडन में हुए डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर में अंडर 17 व अंडर 19 आयु वर्ग दोनों में कांस्य पदक जीते थे। सुहाना ने पांच माह पहले ट्यूनीशिया में हुई डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर में दोहरा स्वर्ण पदक जीता था। सुहाना की मां भावना सैनी टेबल टेनिस की खिलाड़ी रही हैं और खेल विभाग में कोच के पद पर रोहतक में ही तैनात हैं। सुहाना चार साल की उम्र से ही मां भावना से टेबल टेनिस के गुर सीखने लगी थी। सुहाना ने आठ साल की उम्र में वर्ष 2014 में स्टेट चैंपियनशिप जीती थी। वर्ष 2016 में नेशनल चैंपियनशिप जीती। अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर सुहाना अब तक करीब 85 से ज्यादा पदक जीत चुकी है।
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सुहाना के पिता विकास सैनी ने बताया कि अगले सप्ताह सुहाना डब्ल्यूटीटी फीडर प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चेक रिपब्लिक में जाएगी। वहां से सितंबर माह के पहले सप्ताह में सीधा वियतनाम के लाओस शहर में एशियन चैंपियनशिप में भाग लेने जाएगी। हाल में सुहाना अंडर 17 आयु वर्ग की वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें स्थान पर व अंडर 19 आयु वर्ग में नौवें स्थान पर है।
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