{"_id":"669c169d590c54cc6b0e60b4","slug":"storm-water-line-rwas-will-go-to-public-court-the-corporation-has-a-long-list-of-irregularities-rohtak-news-c-17-roh1019-467133-2024-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्ट्रॉम वाटर लाइन : जनता की अदालत में जाएंगी आरडब्ल्यूए, निगम की लंबी है गड़बड़ियों की फेहरिस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्ट्रॉम वाटर लाइन : जनता की अदालत में जाएंगी आरडब्ल्यूए, निगम की लंबी है गड़बड़ियों की फेहरिस्त
विज्ञापन
20सीटीके19...सेक्टर दो में सफाई करते ठेकेदार के कर्मचारी। संवाद
रोहतक। सेक्टरों की स्ट्रॉम वाटर लाइन साफ न होने से परेशान ऑल सेक्टर्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन जनता की अदालत में जाएगी। इसके लिए रविवार को कम्यूनिटी सेंटर में लोगों के साथ पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें पूछा जाएगा कि मामले में और क्या कदम उठाए जाएं। उधर, नगर निगम में गड़बड़ियों की फेहरिस्त लंबी है।
शहर के सेक्टर एक, दो, तीन, चार व 14 में मानसून के समय बरसाती पानी भरता है। दो साल से समस्या और ज्यादा गहरा गई। इसके लिए नगर निगम की तरफ से सेक्टरों की 57 किलोमीटर लंबी स्ट्राॅम वाटर लाइन की सफाई का ठेका 1 करोड़ 39 लाख रुपये में हिसार के ठेकेदार ने लिया था। नियमों के तहत काम 6 माह में सितंबर तक पूरा किया जाना था, लेकिन काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। ऑल सेक्टर्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में शामिल जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन आरएस दहिया व सुखबीर सिंह हुड्डा रिटायर्ड एसडीओ, सिंचाई विभाग के रिटायर्ड एसडीओ सुरेंद्र रोहिल्ला व जोगेंद्र सिंह सिंधु को शामिल किया। एक्सपर्ट टीम ने दो माह वहां जांच की, जहां ठेकेदार ने काम किया। इसके बाद टेंडर व निगम का रिकाॅर्ड लेकर मिलान किया। रिपोर्ट में दिखाया कि ठेकेदार ने चार माह में मात्र 1.66 प्रतिशत काम किया है। अब दो माह में काम कैसे पूरा होगा। निगम मामले की जांच करवाए।
तेज बारिश हुई थी सेक्टरों में जलभराव तय
सेक्टरवासियों का कहना है कि ठेकेदार बचे दो माह में कैसे काम पूरा करेगा। निगम को चाहिए कि ठेकेदार को पेमेंट न करें, क्योंकि चार माह धरातल पर नाममात्र काम हुआ है, जबकि 30 जून से मानसून का सीजन शुरू हो गया था। काम टेंडर के मुताबिक सितंबर तक पूरा होना है। अगर ठेकेदार अब दिन-रात स्ट्रॉम वाटर लाइन की सफाई करेगा तब भी मौजूदा मानसून के सीजन में लाइन साफ नहीं हो सकेगी।
विज्ञापन
पांच सवालों का जवाब दें निगम के अधिकारी
1 मानसून का सीजन 30 जून से शुरू होगा, जबकि काम पूरा होने की समय सीमा सितंबर तक क्यों रखी गई।
2 चार माह ठेकेदार ने नाममात्र काम किया, अब दो माह में काम कैसे पूरा होगा।
3 हर साल सेक्टरों में जलभराव, फिर भी मार्च में अधिकारियों ने ठेका दिया।
4 ऑल सेक्टर्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने लिखित में शिकायत दी, निगम आयुक्त ने पत्र जारी कर दिया, फिर भी इंजीनियरिंग ब्रांच की टीम जांच करने सेक्टर में नहीं पहुंची।
5 अधिकारी बताएं, वे क्यों सार्वजनिक तौर पर जांच से भाग रहे हैं।
नगर निगम की गड़बड़ी सूची है लंबी
1 निगम एटीपी को विजिलेंस रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।
: पुलिस ने निगम के पटवारी कम कानूनो व उसके साथी को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया है।
: आर्य नगर थाने में निगम के दो जेडटीओ सहित चार के खिलाफ प्रॉपर्टी आईडी को लेकर केस दर्ज हो चुका है।
: पालिका बाजार के प्रधान गुलशन निझावन निगम के क्लर्क का स्टिंग ऑपरेशन कर चुके हैं।
: नगर निगम का फर्नीचर की खरीद का मामला भी लंबे समय तक चर्चा में रहा। विजिलेंस के डीएसपी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं हुई।
: निगम के अमृत प्रोजेक्ट पर खुद भाजपा के तत्कालीन सांसद ने सवाल उठाए थे, लेकिन जांच के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
- अशोक चौक से झज्जर चुंगी तक की सड़क के निर्माण पर उठा सवाल, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने भरवाए थे सैंपल, रिपोर्ट का अब तक इंतजार।
स्ट्रॉम वाटर सफाई मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। क्योंकि ठेकेदार ने चार माह में नाममात्र काम किया है। अब दो माह में कैसे छह काम का पूरा हो जाएगा। अधिकारी एक्सपर्ट की जांच रिपोर्ट पर सार्वजनिक तौर पर जांच करने से कतरा रहे हैं। अपने स्तर पर जांच की बात कह रहे हैं। मामले को जनता की अदालत में लेकर जाएंगे। इसके लिए रविवार को बैठक बुलाई गई है। इसके बाद विधायकों को मामले की जांच के लिए मांगपत्र सौंपा जाएगा।
आरएस छिल्लर, प्रधान ऑल सेक्टर्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
निगम की टीम कर रही जांच, जितना काम उतना ही होगा भुगतान
सेक्टर बनने के बाद पहली बार स्ट्रॉम वाटर लाइन की सफाई की जा रही है। इंजीनियरिंग ब्रांच की टीम जांच पड़ताल कर रही है। जितना काम हुआ है, उतने का ही भुगतान किया जाएगा। अभी ठेकेदार को कोई राशि जारी नहीं की गई है।
मनदीप धनखड़, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
विज्ञापन
शहर के सेक्टर एक, दो, तीन, चार व 14 में मानसून के समय बरसाती पानी भरता है। दो साल से समस्या और ज्यादा गहरा गई। इसके लिए नगर निगम की तरफ से सेक्टरों की 57 किलोमीटर लंबी स्ट्राॅम वाटर लाइन की सफाई का ठेका 1 करोड़ 39 लाख रुपये में हिसार के ठेकेदार ने लिया था। नियमों के तहत काम 6 माह में सितंबर तक पूरा किया जाना था, लेकिन काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। ऑल सेक्टर्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में शामिल जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन आरएस दहिया व सुखबीर सिंह हुड्डा रिटायर्ड एसडीओ, सिंचाई विभाग के रिटायर्ड एसडीओ सुरेंद्र रोहिल्ला व जोगेंद्र सिंह सिंधु को शामिल किया। एक्सपर्ट टीम ने दो माह वहां जांच की, जहां ठेकेदार ने काम किया। इसके बाद टेंडर व निगम का रिकाॅर्ड लेकर मिलान किया। रिपोर्ट में दिखाया कि ठेकेदार ने चार माह में मात्र 1.66 प्रतिशत काम किया है। अब दो माह में काम कैसे पूरा होगा। निगम मामले की जांच करवाए।
विज्ञापन
तेज बारिश हुई थी सेक्टरों में जलभराव तय
सेक्टरवासियों का कहना है कि ठेकेदार बचे दो माह में कैसे काम पूरा करेगा। निगम को चाहिए कि ठेकेदार को पेमेंट न करें, क्योंकि चार माह धरातल पर नाममात्र काम हुआ है, जबकि 30 जून से मानसून का सीजन शुरू हो गया था। काम टेंडर के मुताबिक सितंबर तक पूरा होना है। अगर ठेकेदार अब दिन-रात स्ट्रॉम वाटर लाइन की सफाई करेगा तब भी मौजूदा मानसून के सीजन में लाइन साफ नहीं हो सकेगी।
विज्ञापन
पांच सवालों का जवाब दें निगम के अधिकारी
1 मानसून का सीजन 30 जून से शुरू होगा, जबकि काम पूरा होने की समय सीमा सितंबर तक क्यों रखी गई।
2 चार माह ठेकेदार ने नाममात्र काम किया, अब दो माह में काम कैसे पूरा होगा।
3 हर साल सेक्टरों में जलभराव, फिर भी मार्च में अधिकारियों ने ठेका दिया।
4 ऑल सेक्टर्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने लिखित में शिकायत दी, निगम आयुक्त ने पत्र जारी कर दिया, फिर भी इंजीनियरिंग ब्रांच की टीम जांच करने सेक्टर में नहीं पहुंची।
5 अधिकारी बताएं, वे क्यों सार्वजनिक तौर पर जांच से भाग रहे हैं।
नगर निगम की गड़बड़ी सूची है लंबी
1 निगम एटीपी को विजिलेंस रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।
: पुलिस ने निगम के पटवारी कम कानूनो व उसके साथी को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया है।
: आर्य नगर थाने में निगम के दो जेडटीओ सहित चार के खिलाफ प्रॉपर्टी आईडी को लेकर केस दर्ज हो चुका है।
: पालिका बाजार के प्रधान गुलशन निझावन निगम के क्लर्क का स्टिंग ऑपरेशन कर चुके हैं।
: नगर निगम का फर्नीचर की खरीद का मामला भी लंबे समय तक चर्चा में रहा। विजिलेंस के डीएसपी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं हुई।
: निगम के अमृत प्रोजेक्ट पर खुद भाजपा के तत्कालीन सांसद ने सवाल उठाए थे, लेकिन जांच के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
- अशोक चौक से झज्जर चुंगी तक की सड़क के निर्माण पर उठा सवाल, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने भरवाए थे सैंपल, रिपोर्ट का अब तक इंतजार।
स्ट्रॉम वाटर सफाई मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। क्योंकि ठेकेदार ने चार माह में नाममात्र काम किया है। अब दो माह में कैसे छह काम का पूरा हो जाएगा। अधिकारी एक्सपर्ट की जांच रिपोर्ट पर सार्वजनिक तौर पर जांच करने से कतरा रहे हैं। अपने स्तर पर जांच की बात कह रहे हैं। मामले को जनता की अदालत में लेकर जाएंगे। इसके लिए रविवार को बैठक बुलाई गई है। इसके बाद विधायकों को मामले की जांच के लिए मांगपत्र सौंपा जाएगा।
आरएस छिल्लर, प्रधान ऑल सेक्टर्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
निगम की टीम कर रही जांच, जितना काम उतना ही होगा भुगतान
सेक्टर बनने के बाद पहली बार स्ट्रॉम वाटर लाइन की सफाई की जा रही है। इंजीनियरिंग ब्रांच की टीम जांच पड़ताल कर रही है। जितना काम हुआ है, उतने का ही भुगतान किया जाएगा। अभी ठेकेदार को कोई राशि जारी नहीं की गई है।
मनदीप धनखड़, कार्यकारी अभियंता नगर निगम