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Rohtak News: विकास को लेकर कंजूस शहर की सरकार, 28 करोड़ में से मात्र 4.74 करोड़ ही खर्च, अब 16 करोड़ बजट ही घटाया

Thu, 23 Mar 2023 01:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Mar 2023 01:52 AM IST
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Stingy city government regarding development, only 4.74 crores spent out of 28 crores, now only 16 crores budget has been reduced
जिला विकास भवन में आयोजित नगर निगम हाउस की बैठक में अपनी बात रखते मेयर मनमोहन गोयल । संवाद
रोहतक। शहर में विकास कार्य करवाने में शहर की सरकार पूरी तरह नाकाम रही। आलम यह रहा कि साल 2022-23 में विकास कार्यों पर 28 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन मेयर व 25 पार्षद मिलकर मात्र 4 करोड़ 74 लाख के काम ही करवा सके। हाउस में आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा बोले, मेरे पास जादू की छड़ी तो है नहीं, लेकिन हर वार्ड में एक-एक करोड़ के काम करवाने का वादा करता हूं। जवाब में मेयर बोले, चार साल के कार्यकाल में कई आयुक्त आए और गए, अब किसी के वादे पर विश्वास नहीं हो रहा, चाहे आप काम करवा ही दें।
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बजट को लेकर हाउस की बैठक में निगम आयुक्त ने साल 2023-24 का बजट पेश किया। अधिकारियों का आशंका थी कि निगम पार्षद कड़े सवाल-जवाब करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। क्योंकि पार्षदों को बजट पर मंथन करने का मौका ही नहीं मिला। बैठक के अंदर तो पार्षदों को बजट की कॉपी दी गई। उस पर ज्यादातर पार्षद ने सवाल-जवाब ही नहीं किए।
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जब आयुक्त ने बजट के आंकड़े पढ़ने शुरू किए तो वार्ड छह से पार्षद सुरेश किराड़ बोले, साहब विकास नहीं हो रहा। लोग सवाल पूछ रहे हैं। सड़कें टूटी पड़ी हैं। आयुक्त ने कहा कि 25-25 लाख के उन वार्डों में काम करवा दिए हैं, जहां से प्रस्ताव आए। कुछ जगह तकनीकी दिक्क्त रही हैं। बीच में वार्ड नंबर 9 के पार्षद जयभगवान ठेकेदार बोले, बोहर गांव नाला साफ न होने से सड़क पर गंदा पानी खड़ा है। पहले निगम उसे साफ करवाए। आयुक्त बोले, चंडीगढ़ प्रस्ताव भेजा है। इसी बीच डिप्टी मेयर अनिल बोले, साहब चंडीगढ़ गया प्रस्ताव आज तक वापस नहीं आया। आप अपने स्तर पर तत्काल नाला साफ करवा दें, ताकि लोगों को राहत मिल सके। आयुक्त ने सहमति दे दी।
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पीपीपी पर कांग्रेसी व भाजपा पार्षद उलझे
हाउस में चल रही नोक-झोंक के बीच वार्ड 11 के कांग्रेसी पार्षद कदम सिंह बोले, साहब इस परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जान छुड़वाओ। यह परिवार पहचान पत्र नहीं, परिवार उत्पीड़न पत्र बन गया है। इसी बीच वार्ड 6 से भाजपा पार्षद सुरेश किराड़ बोले, सरकार ने सोच-समझ कर योजना लागू की है। शुरू में तो दिक्कत होगी, बाद में फायदा भी होगा। इस पर दोनों पार्षद काफी देर तक बहस करते रहे।

मेयर साहब अच्छे आदमी, लेकिन अगली बार भाजपा से न बनें
हाउस में कांग्रेसी पार्षदों ने भी मेयर की तारीफ की। पार्षद कदम सिंह बोले, मेयर ईमानदार आदमी है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन अगली बार भाजपा से न बनें। अब तक के कार्यकाल में शहर में फीते कोई और काटता रहा, मेयर पीछे खड़े रहे। जवाब में मेयर मनमोहन गोयल बोले, जब मुझको कोई दिक्कत नहीं, आपको क्यों दर्द हो रहा है। इस बात पर सभी पार्षद ठहाका लगाकर हंसने लगे।

आयुक्त बोले, नगर दर्शन पर डालें अर्जी, पार्षदों ने किया इन्कार
हाउस की बैठक में नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि पार्षद अपने वार्ड के विकास कार्यों की अर्जी नगर दर्शन पोर्टल पर डालें। वहां से अर्जी सीधी चंडीगढ़ जाएगी। ऐसे में आराम से बजट मंजूर हो जाएगी। इस पर मेयर व पार्षद बोले, वे ऐसा नहीं करेंगे। निगम उनके माध्यम से एक-एक करोड़ के विकास कार्य दिसंबर 2023 तक करवा दें। क्योंकि जनवरी में उनका कार्यकाल पूरा हो जाएगा।


प्रत्येक वार्ड में इस वर्ष एक-एक करोड़ रुपए का विकास कार्य करवाने का संकल्प सराहनीय है। पहली बार वास्तविकता के आधार पर बजट बनाया गया हैं, लेकिन यह भी कटु सत्य है कि नगर निगम के अधिकारी पांच वर्ष में अनावश्यक खर्चों को कम नहीं कर पाए और न ही राजस्व बढ़ाने का कोई उपाय खोज पाए हैं। नागरिक अस्पताल के पास स्थित आठ दुकानों को चार वर्षों में किराए पर नहीं दे सके। शहीद भगतसिंह पार्किंग का संचालन नहीं कर पाए, मेडिकल मोड़ स्थित रेस्टोरेंट को किराए पर नहीं दे पाये,अप्पू घर पर निर्माणाधीन फूड कोर्ट में निगम का चार करोड़ खर्च हो चुका है, लेकिन सब कुछ खंडहर हो रहा है। सोनीपत स्टैंड पर कम्युनिटी सेंटर के निर्माण पर अधिकारी चार वर्ष में किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाए।
कंचन खुराना, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 13

चार साल के कार्यकाल में निगम कुत्ते व बंदर तक नहीं पकड़ सका। विकास कार्य करवाना तो दूर की बात। कई बार हाउस में प्रस्ताव पास करके भेजे गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सेक्टरों में सड़क अधूरी पड़ी हैं। पार्षदों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जब पार्षद दोबारा लोगों के बीच जाएंगे तो क्या जवाब देंगे।
कदम सिंह अहलावत, कांग्रेसी पार्षद वार्ड 11

उनके वार्ड में बाहरी एरिया ज्यादा है, जहां विकास कार्य नहीं हुआ है। सबसे ज्यादा उनके वार्ड के लोगों को जरूरत है। इस पर आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा बोले, आप चिंता न करें। एक नंबर वार्ड मैं गोद लेता हूं। इस पर दूसरे पार्षदों ने कहा कि आयुक्त के पास तो सभी 22 वार्ड हैं। सभी में काम करवाएं।



कृष्ण सहरावत, पार्षद, वार्ड नंबर एक

प्रॉपर्टी आईडी ने आम आदमी तो दूर पार्षदों तक की नींद उड़ा रखी है। खुद उनके मकान को पहले काॅमर्शियल बताया गया। अब रिहायशी बनाया तो किसी और के नाम चढ़ा दिया। आयुक्त से मांग की जाती है कि वार्ड वाइज कैंप लगाकर प्रॉपर्टी आईडी ठीक की जाएं।
सूरजमल किलोई, पूर्व पार्षद नगर निगम

सदन में गूंजा अमर उजाला का नाम
हाउस की बैठक में अमर उजाला का नाम लेते हुए मेयर मनमोहन गोयल बोले- बैठक से एक रात पहले अमर उजाला की तरफ से पूछा गया, मेयर साहब, यह आपका आखिरी बजट है। शहरवासियों के लिए नया क्या करेंगे। क्योंकि आपको शहर के सवा छह लाख लोगों ने सीधा वोट डालकर चुना था। आयुक्त की तरफ इशारा करते हुए मेयर ने कहा, अब आप बताओ मैं क्या जवाब दूं। निगम के पास विकास के नाम पर पैसा ही नहीं है।

नई स्ट्रीट लाइट लगवाएगा निगम, आयुक्त ने मांगी जगह
हाउस की बैठक में आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि हर वार्ड में अप्रैल माह से स्ट्रीट लाइट लगवाई जाएंगी। इसके लिए पार्षद अपनी सूची दे दे। साथ ही पुलिस ने भी रिपोर्ट बनाकर भेजी है। कहां कहां किस वार्ड में लाइट लगनी अनिवार्य है।
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