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प्रदेश में आठ साल प्रथम रहा राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल सांघी सीबीएसई में होगा शामिल

Tue, 22 Sep 2020 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2020 12:27 AM IST
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State Model Culture School Sanghi will be included in CBSE for the first eight years in the state
State Model Culture School Sanghi will be included in CBSE for the first eight years in the state - फोटो : RohtakCity
प्रदेश व शिक्षा विभाग का सिरमौर बना डॉ. सरूप सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांघी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के लिए सफलता की कहानी बनकर रह जाएगा। बोर्ड परीक्षा में लगातार आठ वर्ष तक शानदार परिणाम देकर हरियाणा में नंबर एक का दर्जा पाने वाले इस स्कूल समेत प्रदेश के 22 मॉडल संस्कृति स्कूल इसी सत्र से सीबीएसई बोर्ड में शामिल किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार व बोर्ड की ओर से कार्रवाई की जा रही है। स्कूल ने प्राचार्य जयपाल दहिया के नेतृत्व में एक ही नहीं, अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इनके लिए स्कूल व प्राचार्य को अनेक बार सम्मानित किया गया।
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पायलट प्रोजेक्ट के तहत होगा शामिल
मॉडल संस्कृति स्कूल समेत प्रदेश के 22 ऐसे स्कूलों को पायलट प्राजेक्ट के तहत सीबीएसई में शामिल किया जा रहा है। यह ट्रायल सफल रहा तो सरकार की ओर से बनाए गए 119 और मॉडल संस्कृति स्कूल व हाल ही में बनाए गए एक हजार प्राथमिक स्तरीय मॉडल संस्कृति स्कूल सीबीएसई में शामिल होंगे।
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स्कूल को विभागों से लेने होंगे प्रमाण पत्र
मॉडल संस्कृति स्कूूूल को सीबीएसई में शामिल होने से पहले कुछ जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करनी होगी। इसमें पीडब्लूडी बीऐंडआर से भवन का स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्वास्थ्य विभाग से हेल्थ एंड सेनेटरी सर्टिफिकेट, सेफ ड्रिंकिंग वाटर, दमकल से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। स्कूल का संचालन डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ही करेगा। स्टाफ भी यही होगा। यहां सिर्फ बोर्ड बदल जाएगा।
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लिखित परीक्षा से प्रवेश लेने वाला पहला स्कूल
मॉडल संस्कृति स्कूल सांघी में विद्यार्थियों को लिखित परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में ऐसा यह अपने आपमें पहला स्कूल है। दाखिले के लिए यहां हर वर्ष जिले के करीब 32 गांवों के विद्यार्थियों में होड़ लगी रहती है। कुछ विद्यार्थी को शहर से यहां पढ़ने जाते हैं। स्कूल का शैक्षणिक माहौल, शिक्षण व्यवस्था, योग्य स्टाफ व बेहतर प्रबंधन इसकी वजह बताई गई हैं।
सांघी में 68 वर्ष पूर्व शुरू हुआ था स्कूल
शिक्षा विभाग ने सांघी में ग्रामीण इलाके के बच्चों को उनके घर के पास ही शिक्षा मुहैया कराने के लिए वर्ष 1952 में स्कूल शुरू किया था। इसका नामकरण गांव के ही डॉ. सरूप सिंह के नाम पर हुआ। वे वर्ष 1990 से 95 तक गुजरात के राज्यपाल रहे थे। वर्ष 2007 में सरकार ने इसे राजकीय माडल संस्कृति स्कूल घोषित किया। इसके बाद से यहां अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हुई। स्कूल को अनेक जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गई।

स्कूल में सुविधाएं
- स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ सिस्टम।
- नई तकनीक से पढ़ाई को स्मार्ट क्लास रूम।
- अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए लैब।
- गणित विद्यार्थियों की सुविधा को लैब।
- विद्यार्थियों की सुविधा को 24 घंटे बिजली।
- खेल गतिविधियों के लिए बड़ा खेल मैदान।
स्कूल की उपलब्धियां
- बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत मेरिट प्राप्त करना।
- वर्ष 2010 से 18 तक प्रदेश स्तर पर प्रथम आना।
- प्राचार्य को 2019 में राज्य शिक्षक अवार्ड मिला।
- मेरे यार सुदामा रे गीत की फेम विधि सामने आई।
- विद्यार्थी जितेश, अंकित व निकिता लेफ्टिनेंट बने।
- जेईई मेंस में अनुज, अंजू व योगता का हुआ चयन।
- वर्ष 2015 के आईटी परिणाम में विद्यार्थी प्रदेश में प्रथम रहा।
- कौशल विकास में स्कूल को प्रदेश में तीसरा स्थान मिला।
- वर्ष 2018 में योगिता ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।
- भाषण व लेखन में स्कूल दो साल प्रदेश में अव्वल रहा।
- प्रधानमंत्री स्वच्छता अवॉर्ड एक बार प्रदेश व तीन बार जिला स्तर पर मिला।
पिछले कुछ वर्षों से सांघी स्कूल की जिम्मेदारी प्राचार्य के रूप में संभालने का अवसर मिला। यहां रह कर कुछ नए प्रयोग किए। वे सफल रहे। स्कूल को बेहतर बनाने व विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा देने का प्रयास कामयाब रहा। प्रदेश का पहला अंग्रेजी माध्यम का मॉडल संस्कृति स्कूल हरियाणा की विशेष पहचान बन कर उभरा है। यह सभी के लिए गर्व की बात है। अब सरकार ने यह स्कूल सीबीएसई के तहत चलाने की योजना बनाई है। यह एक अच्छा प्रयास है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत कक्षा पहली से 12वीं तक के 22 स्कूल लिए जा रहे हैं।
जयपाल दहिया, प्राचार्य, डॉ. सरूप सिह राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सांघी।
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