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Rohtak News: बाप-बेटे के रिश्ते और जीवन यात्रा के उतार-चढ़ाव का मंचन किया
Sat, 29 Mar 2025 02:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 29 Mar 2025 02:34 AM IST
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय एमडीयू में वीरवार देर रात रंग रास थिएटर इवेंट के अंतर्गत गिन्नी बब्बर की ओर से निर्देशित नाटक साइकिल ऑफ लाइफ का मंचन किया गया।
जीवन यात्रा के उतार-चढ़ाव और एक बाप-बेटे के संवेदनशील रिश्ते को दर्शाते इस नाटक ने विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर दर्शकों को खूब पसंद आया। नाटक में ललित प्रकाश ने बुजुर्ग पिता, अविनाश तोमर ने बेटे और सिम्पी ने मां की भूमिका निभाई। कलाकारों ने बाप-बेटे की नोकझोंक से शुरू होकर पिता की मृत्यु के बाद बेटे के जीवन में आए बदलाव व इस पूरे परिदृश्य में मां की स्थिति का चित्रण जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने की। उन्होंने कहा कि नाटक जीवन की सच्चाई को प्रस्तुत करते हैं और मानवीय भावनाओं को सशक्त रूप से व्यक्त करते हैं। संयोजक प्रो. हरीश कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विश्व रंगमंच दिवस के महत्व और नाट्य परंपरा के इतिहास पर प्रकाश डाला। रंग महोत्सव के संयोजक प्रो. रणदीप राणा ने महोत्सव के उद्देश्यों के बारे में बताया। रघुविंद्र मलिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की ओर से रंगकर्मी डाॅ. आनंद शर्मा, अविनाश सैनी, मनीषा हंस, अरुण शर्मा, कृष्ण नाटक और दुष्यंत को सम्मानित किया गया। शोधार्थी प्रिया ने बेहतरीन मंच संचालन किया व आभार प्रदर्शन निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने किया।
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जीवन यात्रा के उतार-चढ़ाव और एक बाप-बेटे के संवेदनशील रिश्ते को दर्शाते इस नाटक ने विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर दर्शकों को खूब पसंद आया। नाटक में ललित प्रकाश ने बुजुर्ग पिता, अविनाश तोमर ने बेटे और सिम्पी ने मां की भूमिका निभाई। कलाकारों ने बाप-बेटे की नोकझोंक से शुरू होकर पिता की मृत्यु के बाद बेटे के जीवन में आए बदलाव व इस पूरे परिदृश्य में मां की स्थिति का चित्रण जीवंत कर दिया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने की। उन्होंने कहा कि नाटक जीवन की सच्चाई को प्रस्तुत करते हैं और मानवीय भावनाओं को सशक्त रूप से व्यक्त करते हैं। संयोजक प्रो. हरीश कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विश्व रंगमंच दिवस के महत्व और नाट्य परंपरा के इतिहास पर प्रकाश डाला। रंग महोत्सव के संयोजक प्रो. रणदीप राणा ने महोत्सव के उद्देश्यों के बारे में बताया। रघुविंद्र मलिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की ओर से रंगकर्मी डाॅ. आनंद शर्मा, अविनाश सैनी, मनीषा हंस, अरुण शर्मा, कृष्ण नाटक और दुष्यंत को सम्मानित किया गया। शोधार्थी प्रिया ने बेहतरीन मंच संचालन किया व आभार प्रदर्शन निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने किया।
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