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Rohtak News: समाज कल्याण विभाग ने 78 लाख की रिकवरी बगैर देगी 31 एनओसी

Tue, 06 Jun 2023 02:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jun 2023 02:14 AM IST
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Social welfare department will give 31 NOCs without recovery of 78 lakhs
रोहतक। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व खुफिया विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को जिला समाज कल्याण विभाग में दबिश दी, जहां बड़ा घोटाला सामने आया। रोहतक ब्लॉक के रिकाॅर्ड की छानबीन में खुलासा हुआ कि समाज कल्याण विभाग ने साल 2022 व 2023 में 78 लाख की रिकवरी किए बगैर 31 लोगों को एनओसी जारी कर दी। इससे सरकार को लाखों रुपये का घाटा हुआ है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है। अब आगे की कार्रवाई सरकार के निर्देशानुसार होगी।
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सुबह करीब साढ़े 10 बजे मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के इंस्पेक्टर दिनेश ढाका व खुफिया विभाग के इंस्पेक्टर तेज सिंह व एसआई सतपाल सैनी के नेतृत्व में संयुक्त टीम समाज कल्याण विभाग में पहुंची। सबसे पहले रोहतक ब्लॉक का रिकाॅर्ड खंगाला, जिसमें विभाग की तरफ से रिकवरी वसूल कर अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा कराया जाता है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के मुताबिक दोपहर एक बजे तक चली जांच में पता चला है कि ट्रेजरी की तरफ से समाज कल्याण विभाग से साल 2022 व 2023 में अब तक कुल 153 एनओसी मांगी गई। जांच में पता चला कि 51 लोगों ने फर्जीवाड़ा करके पति या पत्नी की पेंशन के बावजूद बुढ़ापा पेंशन ले रखी है। ऐसे में विभाग को ऐसे लोगों से 12 प्रतिशत ब्याज सहित रिकवरी वसूल कर एनओसी जारी करनी थी, लेकिन विभाग ने 20 केस में ही रिकवरी की है। 31 केस में करीब 78 लाख रुपये की रिकवरी नहीं की गई। जबकि एनओसी जारी कर दी गई।
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इसलिए लेनी होती है समाज कल्याण विभाग से एनओसी
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ महिलाओं ने पति के सरकारी नौकरी में होने के बावजूद बुढ़ापा पेंशन बनवा ली। पति की मौत के बाद जब वे ट्रेजरी में अपनी पेंशन बनवाने गई तो विभाग उनसे समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी की गई एनओसी मांगता है। समाज कल्याण विभाग आधार कार्ड या दूसरे रिकाॅर्ड की जांच कर पता करता है कि संबंधित महिला बुढ़ापा या दूसरी पेंशन तो नहीं ले रही थी। अगर पेंशन ली गई है तो नियम यह है कि समाज कल्याण विभाग पूरी राशि 12 प्रतिशत ब्याज सहित वसूल करके खजाने में जमा करवाएगा। इसके बाद ही एनओसी जारी की जाएगी।
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जिले में पांच ब्लॉक, एक ही विभाग में मिली 78 लाख की गड़बड़ी
जिले के अंदर पांच ब्लॉक हैं, जिसमें रोहतक, महम, सांपला, कलानौर व लाखनमाजरा शामिल हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने न केवल रोहतक ब्लॉक की 153 केस की जांच की है, जिसमें 31 केस ऐसे मिले, जिसमें बिना रिकवरी एनओसी जारी की गई। ब्लॉक के अंदर पूरा रोहतक शहर व आसपास के गांवों का एरिया आता है। अब मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बाकी चार ब्लॉक की भी जांच करेगी। इसके लिए मुख्यालय से अनुमति ली जाएगी।

सूचना मिली थी कि समाज कल्याण विभाग में बिना रिकवरी के एनओसी जारी की गई हैं। इसके लिए रोहतक ब्लॉक के साल 2022 व 2023 के अब तक के रिकाॅर्ड की जांच की। 153 केस में से 102 में रिकवरी की जरूरत नहीं थी। जबकि 20 केस में रिकवरी की गई है, जबकि 31 केस ऐसे मिले, जिसमें करीब 78 लाख रिकवरी की जानी थी, लेकिन नहीं की गई। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी गई है।
-इंस्पेक्टर दिनेश ढाका, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, रोहतक
2012 में मरे भाई को जिंदा दिखाकर काट दी पेंशन
मकड़ौली खुर्द से आए चांद सिंह ने बताया कि उसके भाई सुनील की मौत 2012 में मौत हो गई थी। इसके बाद भाई की पत्नी विधवा पेंशन ले रही थी, लेकिन डेढ़ साल पहले विभाग ने सुनील को जिंदा दिखाकर पेंशन बंद कर दी। माह में 15 दिन समाज कल्याण विभाग के चक्कर काटते हैं। कर्मचारी कहते हैं कि फाइल चंडीगढ़ भेज रखी है। ऊपर से ही पेंशन बनकर आएगी, लेकिन अब तक पेंशन नहीं बनी। चांद सिंह ने कार्यालय में आए मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के अधिकारियों को अपनी परेशानी बताई है।

बड़ी बेटी की उम्र 44 साल, फिर भी नहीं बनी मां की बुढ़ापा पेंशन
पिलाना गांव से आए सतीश ने बताया कि उसकी मां रोशनी देवी की उम्र 60 साल से ज्यादा हो गई है। इतना ही नहीं, बड़ी बेटी की उम्र 44 साल है। इसके बावजूद विभाग बुढ़ापा पेंशन नहीं बना रहा है। वे लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
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