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जिला अस्पताल में छह व पीजीआई में 12 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित

Sat, 17 Sep 2022 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2022 12:57 AM IST
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Six beds in district hospital and 12 beds in PGI reserved for dengue patients
सामान्य अस्पताल के डेंगू वार्ड का निरीक्षण करते एसमओ डॉ. रमेश। अमर उजाला
रोहतक। कोरोना संक्रमण के साथ ही जिले में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग व पीजीआईएमएस अलर्ट पर हैं। जिला अस्पताल में छह व पीजीआईएमएस में 12 बेड मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। इन बेडों पर मच्छरदानी भी उपलब्ध रहेगी। पहले अस्पतालों में यह व्यवस्था नहीं थी।
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हालांकि आपात स्थिति में मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए जिला अस्पताल को पीजीआईएमएस के भरोसे रहना होगा, जबकि पीजीआईएमएस में इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था है। फिलहाल जिले में अभी तक 11 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। विभाग का प्रयास है कि लोगों को जागरूक कर बीमारी को आगे न बढ़ने दिया जाए। इसके लिए पूरी टीम को अलर्ट किया गया है।
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सिविल सर्जन कार्यालय ने डेंगू रोकने के लिए एंटी लार्वा एक्टिविटी टीम को जांच के निर्देश दे रखे हैं। टीम लगातार जांच कर रही है और लार्वा मिलने पर संबंधित को नोटिस भी दे रही है। वहीं जिला चिकित्सा अधिकारी ने निजी अस्पताल संचालकों को निर्देश जारी किए हैं कि वह डेंगू मरीजों की पुष्टि होने पर विभाग को तत्काल सूचित करें। इसके बाद विभाग संबंधित एरिया के लोगों के सैंपल जांच करवा कर नगर निगम टीम को अलर्ट करता है ताकि वह फॉगिंग करवाई जा सके। निजी लैब के लिए तय किया गया है कि वह मरीजों से इसकी जांच के लिए 600 रुपये ही फीस वसूल सकते हैं। इसकी जानकारी देने के लिए सभी को अपने काउंटर पर नोटिस भी चस्पा करना अनिवार्य है।
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ब्लड बैंक है लेकिन प्लेटलेट्स निकालने की मशीन नहीं
जिला अस्पताल की बात करें तो यहां डॉक्टर, बेड, ब्लड बैंक, लैब, फिजिशियन की व्यवस्था है। लेकिन जरूरत पड़ने पर मरीज को चढ़ाने के लिए प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने की सुविधा नहीं है। इसके लिए मरीज को पीजीआईएमएस ब्लड बैंक भेजा जाता है। अस्पताल प्रशासन ने प्रथम तल पर बने वार्ड पर छह बेड आरक्षित कर रखे हैं। इन सभी पर मच्छरदानी उपलब्ध कराई गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश ने बताया कि यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो वह बेडों की संख्या बढ़ा देंगे। अस्पताल में नोडल अधिकारी बनाया गया है और 24 घंटे जांच के लिए एलटी, दो फिजिशियन व एक जनरल चेस्ट के डॉक्टर की व्यवस्था है।
पहले की तुलना में नहीं हैं अधिक केस
पीजीआईएमएस के डीएमएस डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि डेंगू के मरीज पहले की तुलना में कम है। हमारे यहां सी-ब्लॉक में 12 बेड आरक्षित हैं। सीबीसी जांच के साथ प्लेटलेट्स तक सभी उपचार के संसाधन हमारे यहां उपलब्ध है। यदि मरीजों के लिए बेडों की संख्या बढ़ानी पड़ती है तो समस्या नहीं है। संस्थान मरीज का हर तरह से उपचार करने में सक्षम हैं। आपातकालीन विभाग को डेंगू के मरीजों का ध्यान रखने के लिए अलर्ट किया गया है।
निजी अस्पतालों की मनमानी बिगाड़ रही आंकड़ों को
एक तरफ जिले में महज 11 डेंगू के मरीज हैं, जबकि निजी अस्पताल में बुखार के मरीजों की भरमार है। निजी अस्पताल मरीजों के डेंगू ग्रस्त होने की सूचना आगे भी नहीं भेज रहे हैं। इसके साथ ही मरीजों को प्लेटलेट्स भी निजी ब्लड बैंक से उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिले में 11 डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। हम लोगों को जागरूक करने के अलावा जांच अभियान भी चला रहे हैं। यदि कोई निजी अस्पताल मरीज की जानकारी छिपाता है या जांच के लिए अधिक फीस वसूलता है तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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