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Rohtak News: पराए मुल्क बैठे भाइयों के लिए प्रेम भेज रहीं बहनें

Wed, 06 Aug 2025 12:44 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Aug 2025 12:44 AM IST
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Sisters are sending love to their brothers living in a foreign country
चंचल दुआ, निवासी पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी - फोटो : गांव में घुसा बाढ़ का पानी।
रोहतक। रक्षाबंधन से चार दिन पहले अपने भाइयों से कोसों दूर बैठी बहनों ने राखियां भेजनी शुरू कर दी है। बहनें ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म व स्पीड पोस्ट दोनों माध्यम से विदेश व देश में रह रहे भाइयों को अपना प्रेम कोरियर से भेज रही हैं। देश में राखी भेजने का शुल्क 500 रुपये तक है तो विदेश के लिए 2500 रुपये खर्च आता है।
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इधर, तीन दिन से डाक विभाग में तकनीकी कारणों से राखी भेजने में परेशानी बनी हुई है। महिलाओं का कहना है कि पहले परिवार की बेटियां रक्षाबंधन के अवसर मिलती थीं। भागदौड़ भरी जिंदगी में घर चलाने के लिए किसी बहन का भाई देश में तो किसी का विदेश में घर से कोसों है। इस कारण कोरियर के माध्यम से राखियां भेजी जाती हैं।
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फोटो: 18
स्पीड पोस्ट के माध्यम से भाई राखी भेजते हैं। इसमें 200 रुपये तक का खर्चा आता है। बेटा पांच साल से कनाडा में है। इसलिए बेटी हर वर्ष अपने भाई को राखी भेजती है। इसमें 2500 रुपये खर्चा आता है।
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-चंचल दुआ, निवासी पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी

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फोटो:19
भाई फौजी है। पहले नियुक्ति श्रीनगर में थी। वहां स्पीड पोस्ट से राखी भेजती थी। इसमें 400 रुपये खर्च आता था। अब असम में है। इस बार राखी भेजनी है। पहले रक्षाबंधन पर परिवार की बेटियां एकत्रित होती थीं। शादी के बाद रक्षाबंधन पर भी मुश्किल से मिलना होता है। -शर्मिला देशवाल, निवासी विशाल नगर।

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फोटो:20
हर साल 100 राखियां वाघा बॉर्डर पर तैनात फौजी भाइयों के लिए कोरियर करती हूं। इसमें 2500 से 3000 रुपये खर्च आता है। अब एक सहेली भी रक्षा सूत्र भेजने में सहयोगी बनती है। -कोमल, निवासी रोहतक।

चंचल दुआ, निवासी पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी

चंचल दुआ, निवासी पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी- फोटो : गांव में घुसा बाढ़ का पानी।

चंचल दुआ, निवासी पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी

चंचल दुआ, निवासी पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी- फोटो : गांव में घुसा बाढ़ का पानी।

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