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Rohtak News: श्रीराम गए वनवास, दशरथ ने त्यागे प्राण

Tue, 08 Oct 2024 03:50 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Oct 2024 03:50 AM IST
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Shri Ram went to exile, Dashrath sacrificed his life
07jjrp20- झज्जर। रामलीला में मंचन करते कलाकार। स्त्रोत- आयोजक
झज्जर। दिल्ली गेट स्थित रामलीला ग्राउंड में श्री प्राचीन रामलीला कमेटी की तरफ से रामलीला का मंचन जारी है। सोमवार को दशरथ मरण, केवट नाव कराना सहित कई दृश्यों की मनोहर प्रस्तुति दी। मंचन के दौरान श्रीराम वनवास चले जाते हैं तो राजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं।
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प्रस्तुति के प्रारंभ में भगवान श्रीराम गंगाघाट पहुंचते हैं और केवट से कहते हैं कि हमें नाव से गंगा पार करा दो। केवट कहता है, प्रभु मैं आपके मर्म को जानता हूं, आपके चरणों में जादू है। मेरी काठ की नाव उस पत्थर से कोमल है, यदि मेरी नाव, नारी बन गई तो हमारे सारे परिवार के लोग भूखे मर जाएंगे, मेरे पास कोई दूसरा रोजगार नहीं है। इसी नाव के सहारे मैं अपना जीवन-यापन करता हूं। प्रभु श्रीराम केवट से बार-बार उसे पार उतारने को कहते हैं।
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केवट कहता है कि अगर आप उस पार जाना चाहते हैं, तो मुझे आदेश दीजिए मैं आपके चरणों को पखारूंगा। तब अपनी नाव पर आपको बैठाकर उस पार उतारूंगा। भगवान श्रीराम जी ने आदेश दिया। केवट ने प्रभु श्रीराम के चरणों को पखारा। उसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को नाव में बैठाकर उस पार उतारा।
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उधर, सुमंतजी अयोध्या पहुंचते हैं और राजा दशरथ को बताते हैं कि श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को बहुत समझाया, मगर वह वापस नहीं आए और वन की ओर चले गए। यह शब्द सुनकर राजा दशरथ हाय राम, हाय राम कहते हुए अपने प्राण त्याग दिए। पूरे अयोध्यावासी शोक में डूब गए। रामलीला मंचन में लालचंद गर्ग, वेदप्रकाश दुहन, हेमंत शर्मा शैंकी, मोहित सिंघल, रिंकू पंडित, गुलाब प्रजापति, यशपाल कुकु पार्षद, कालू गुर्जर पूर्व पार्षद मौजूद रहे।



श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ ने त्यागे प्राण, अयोध्या में पसरा शोक
उस पार पहुंचने पर नाव उतरवायी देने के लिए श्रीराम जी के पास कुछ भी नहीं था। इस दौरान माता सीता ने अपनी मुद्रिका उतार कर प्रभु श्रीराम को दिया। प्रभु श्रीराम केवट को मुद्रिका देने लगे। तब केवट ने हाथ जोड़कर बोला मैंने आज क्या नहीं पाया। आज तक मैंने जितनी भी मजदूरी की, लेकिन आज आपके चरणों को धोकर कृतार्थ हो गया। मेरे सारे दुख दूर हो गए।
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