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Rohtak News: सेक्टरों में 40 साल बाद भी नहीं बदली गई सीवर लाइन
Thu, 11 Sep 2025 02:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 11 Sep 2025 02:34 AM IST
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सेक्टर-1 के ग्रीन रोड पर सीवर ओवरफ्लो से बनी जलभराव की स्थिति। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। वीआईपी क्षेत्र कहे जाने वालों सेक्टरों में सीवर ओवरफ्लो व निकासी लोगों के लिए मुसीबत बनी है। साल 1985 में पुरानी तकनीक से डाली गई सीवर लाइनों को अब भी नहीं बदला जा सका है। मार्च 2024 में बरसाती पाइपलाइन की सफाई का कार्य डेढ़ साल बाद भी पूरा नहीं किया गया।
सेक्टर-1, 2, 3 व 14 विकसित होने के बाद नगर निगम को हैंडओवर किए गए हैं लेकिन नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास एक ही गली की देखरेख से लोग परेशान हो गए हैं। विभाग एक-दूसरे पर कार्य की जिम्मेदारी थोप रहे हैं।
सेक्टर-1, 2, 3, 4 व 14 की व्यवस्थाएं नगर निगम और एचएसवीपी के पास है। इनमें घरेलू सीवर लाइन व बरसाती पाइपलाइन की सफाई व सुधार कार्य ठप पड़ा है। स्थानीय लोगों की ओर से शिकायत दी जा चुकी है लेकिन सुधार नहीं किया जा रहा है।
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सरकार ने इन्हें साल 2016 में नगर निगम के अधीन कर दिया था। नगर निगम को बरसाती पाइपलाइन, पार्क और सड़क आदि की जिम्मेदारी दी गई जबकि पेयजल आपूर्ति और घरेलू सीवर लाइन एचएसवीपी को दी गई।
इन्हीं सेक्टरों में पुरानी तकनीक से सीवर और बरसाती पाइपलाइन डाली गई हैं। कई स्थानों पर एक-दूसरे से ये दोनों पाइपलाइन लिंक हैं। 1985 के बाद से सीवर लाइन अंदर से खस्ता होकर जाम हो गई है। लोग शिकायत करते हैं तो विभाग स्थायी समाधान नहीं करते और थोड़ी-बहुत गाद निकाल देते हैं।
रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना कि मार्च 2024 में 6 माह के लिए लगाया गया 1 करोड़ 39 लाख 40 हजार रुपये से होने वाला बरसाती पाइपलाइन के सफाई का कार्य अधर में है। मशीन से किया जाने वाला कार्य 19 माह बाद भी नहीं हो सका। इसका मुख्य कारण पुरानी लाइन बताई जा रही है।
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घरेलू सीवर लाइन की रूटीन में सफाई की जा रही है। कई स्थानों पर सीवर लाइन प्रभावित हैं। वहां पंप से पानी उठाकर निकासी की जा रही है। - जगमाल सिंह, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी।
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सरकार से बार-बार पत्र लिखकर मांग की जा चुकी है कि एक ही विभाग को सीवर और बरसाती पाइपलाइन की जिम्मेदारी दी जाए ताकि समस्या का समाधान हो जाए।
- कदम सिंह अहलावत, संयोजक, ऑल सेक्टर्स रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन।
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सात साल में सीवर लाइन की सफाई नहीं की गई है। सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं। विभाग व कर्मचारियों को शिकायत करते हैं तो खानापूर्ति करते चले जाते हैं।
- सुमन, सेक्टर-3 ग्रीन रोड।
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कहने को वीआईपी सेक्टर है लेकिन सुविधाओं और साफ-सफाई के मामले में व्यवस्थाएं बिल्कुल ठप हैं। घरों के बाहर सीवर ओवरफ्लो होकर गंदगी फैलती है।
- फूलवती, सेक्टर-3
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रोहतक। वीआईपी क्षेत्र कहे जाने वालों सेक्टरों में सीवर ओवरफ्लो व निकासी लोगों के लिए मुसीबत बनी है। साल 1985 में पुरानी तकनीक से डाली गई सीवर लाइनों को अब भी नहीं बदला जा सका है। मार्च 2024 में बरसाती पाइपलाइन की सफाई का कार्य डेढ़ साल बाद भी पूरा नहीं किया गया।
सेक्टर-1, 2, 3 व 14 विकसित होने के बाद नगर निगम को हैंडओवर किए गए हैं लेकिन नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास एक ही गली की देखरेख से लोग परेशान हो गए हैं। विभाग एक-दूसरे पर कार्य की जिम्मेदारी थोप रहे हैं।
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सेक्टर-1, 2, 3, 4 व 14 की व्यवस्थाएं नगर निगम और एचएसवीपी के पास है। इनमें घरेलू सीवर लाइन व बरसाती पाइपलाइन की सफाई व सुधार कार्य ठप पड़ा है। स्थानीय लोगों की ओर से शिकायत दी जा चुकी है लेकिन सुधार नहीं किया जा रहा है।
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सरकार ने इन्हें साल 2016 में नगर निगम के अधीन कर दिया था। नगर निगम को बरसाती पाइपलाइन, पार्क और सड़क आदि की जिम्मेदारी दी गई जबकि पेयजल आपूर्ति और घरेलू सीवर लाइन एचएसवीपी को दी गई।
इन्हीं सेक्टरों में पुरानी तकनीक से सीवर और बरसाती पाइपलाइन डाली गई हैं। कई स्थानों पर एक-दूसरे से ये दोनों पाइपलाइन लिंक हैं। 1985 के बाद से सीवर लाइन अंदर से खस्ता होकर जाम हो गई है। लोग शिकायत करते हैं तो विभाग स्थायी समाधान नहीं करते और थोड़ी-बहुत गाद निकाल देते हैं।
रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना कि मार्च 2024 में 6 माह के लिए लगाया गया 1 करोड़ 39 लाख 40 हजार रुपये से होने वाला बरसाती पाइपलाइन के सफाई का कार्य अधर में है। मशीन से किया जाने वाला कार्य 19 माह बाद भी नहीं हो सका। इसका मुख्य कारण पुरानी लाइन बताई जा रही है।
घरेलू सीवर लाइन की रूटीन में सफाई की जा रही है। कई स्थानों पर सीवर लाइन प्रभावित हैं। वहां पंप से पानी उठाकर निकासी की जा रही है। - जगमाल सिंह, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी।
सरकार से बार-बार पत्र लिखकर मांग की जा चुकी है कि एक ही विभाग को सीवर और बरसाती पाइपलाइन की जिम्मेदारी दी जाए ताकि समस्या का समाधान हो जाए।
- कदम सिंह अहलावत, संयोजक, ऑल सेक्टर्स रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन।
सात साल में सीवर लाइन की सफाई नहीं की गई है। सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं। विभाग व कर्मचारियों को शिकायत करते हैं तो खानापूर्ति करते चले जाते हैं।
- सुमन, सेक्टर-3 ग्रीन रोड।
कहने को वीआईपी सेक्टर है लेकिन सुविधाओं और साफ-सफाई के मामले में व्यवस्थाएं बिल्कुल ठप हैं। घरों के बाहर सीवर ओवरफ्लो होकर गंदगी फैलती है।
- फूलवती, सेक्टर-3

सेक्टर-1 के ग्रीन रोड पर सीवर ओवरफ्लो से बनी जलभराव की स्थिति। संवाद

सेक्टर-1 के ग्रीन रोड पर सीवर ओवरफ्लो से बनी जलभराव की स्थिति। संवाद

सेक्टर-1 के ग्रीन रोड पर सीवर ओवरफ्लो से बनी जलभराव की स्थिति। संवाद

सेक्टर-1 के ग्रीन रोड पर सीवर ओवरफ्लो से बनी जलभराव की स्थिति। संवाद