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वित्तमंत्री बाेले, ढींगरा आयोग गठन की कैबिनेट कापी देख लें हुड्डा, कांग्रेस फंसती देख बौखलाई
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 04 Jul 2016 02:15 AM IST
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वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु
- फोटो : amar ujala
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ढींगरा आयोग के गठन की संवैधानिकता पर सवाल उठा रहे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि अगर हुड्डा और कांग्रेस के अन्य नेताओं को आयोग के गठन के संबंध में कैबिनेट में पास प्रस्ताव की कापी देखनी है तो देख सकते हैं। कैबिनेट ने प्रस्ताव पास करके ही ढींगरा आयोग का गठन किया था। हुड्डा और वाड्रा मामले में फंसते दिख रहे हैं तो कांग्रेस के नेता बौखला गए हैं। इस कारण उनको सपने में भी ढींगरा रिपोर्ट ही दिखाई दे रही है।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जस्टिस ढींगरा के सरकार से फायदा लेने या नहीं लेने का इससे ही पता चलता है कि वह आजतक न सीएम से मिले हैं और न कभी फोन पर उनसे बातचीत की। जहां तक सड़क बनवाने की बात है तो कोई भी विकास कार्य कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे सकता है। ऐसा ही उन्होंने किया था। इससे उनको कोई निजी फायदा नहीं हुआ है, न ही नियम विरुद्ध सड़क बनी है। पूर्व सीएम हुड्डा के शासनकाल में भूमि आवंटन और अधिग्रहण को सुप्रीम कोर्ट से रद्द करने पर वित्तमंत्री ने चुटकी ली। कहा कि जिस तरह से हुड्डा ने जमीनों के घोटाले किए हैं, उस पर वह ‘भूमि घोटाले के नुस्खे’ नाम से किताब लिख सकते हैं। वह हाईकोर्ट तक को गुमराह करते थे और जमीनों की बंदरबांट कर देते थे।
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रविवार को पत्रकारों से बातचीत में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जस्टिस ढींगरा के सरकार से फायदा लेने या नहीं लेने का इससे ही पता चलता है कि वह आजतक न सीएम से मिले हैं और न कभी फोन पर उनसे बातचीत की। जहां तक सड़क बनवाने की बात है तो कोई भी विकास कार्य कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे सकता है। ऐसा ही उन्होंने किया था। इससे उनको कोई निजी फायदा नहीं हुआ है, न ही नियम विरुद्ध सड़क बनी है। पूर्व सीएम हुड्डा के शासनकाल में भूमि आवंटन और अधिग्रहण को सुप्रीम कोर्ट से रद्द करने पर वित्तमंत्री ने चुटकी ली। कहा कि जिस तरह से हुड्डा ने जमीनों के घोटाले किए हैं, उस पर वह ‘भूमि घोटाले के नुस्खे’ नाम से किताब लिख सकते हैं। वह हाईकोर्ट तक को गुमराह करते थे और जमीनों की बंदरबांट कर देते थे।
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