{"_id":"5d7ea3918ebc3e939d46a136","slug":"security-personnel-not-seen-at-rohtak-railway-station-till-noon-intensive-checking-in-evening-rohtak-news-rtk518184982","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहतक रेलवे स्टेशन पर दोपहर तक नहीं दिखे सुरक्षाकर्मी, शाम को सघन चेकिंग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहतक रेलवे स्टेशन पर दोपहर तक नहीं दिखे सुरक्षाकर्मी, शाम को सघन चेकिंग की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मसूद अहमद के नाम से स्टेशन मास्टर को धमकी भरा पत्र मिलने से एसआईबी (स्पेशल इंटेलीजेंस बिंग), आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो), प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। इसके बाद उच्चाधिकारियों के आदेश पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया फिर भी दोपहर तक स्टेशन पर नाममात्र की सुरक्षा दिखी। दोपहर बाद आरपीएफ जवानों ने सघन चेकिंग की। संदिग्धों से पूछताछ और यात्रियों के सामान की तलाशी ली। वहीं, जांच अधिकारी ने बताया कि धमकी भरा पत्र साधारण डाक से आया है, इसलिए पत्र कहां से आया, इसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि डाकघर की मुहर काफी हल्की है।
जानकारी के अनुसार स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा को शनिवार दोपहर डाकिया के माध्यम से दो पत्र मिले। इसमें एक पत्र भेजने वाले ने अपना नाम जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर मसूद अहमद निवासी जम्मू-कश्मीर करांची पाकिस्तान बताते हुए छह राज्य के रोहतक समेत 12 स्टेशन और मंदिरों को निशाना बनाने की धमकी दी। इस मामले की जानकारी के बाद जीआरपी व आरपीएफ अधिकारियों ने स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई एलर्ट जारी किया है। स्टेशनों पर सघन चेकिंग के निर्देश जारी किए गए। रविवार दोपहर में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर न जीआरपी और न आरपीएफ की सुरक्षा व्यवस्था नजर आई, न यात्रियों के सामान की चेकिंग की गई।
रेलवे स्टेशन पर आने-जाने पर नहीं कोई रोक टोक
रोहतक रेलवे स्टेशन पर हर रोज करीब 20 हजार यात्री आते हैं। रविवार को आने-जाने के लिए कोई रोकटोक नहीं दिखी। स्टेशन पर आने तीन प्रमुख रास्ते हैं। एक मुख्य गेट, दूसरा टिकट काउंटर गेट और तीसरा आरपीएफ थाने के पास। इसके अलावा माल गोदाम अथवा वैश्य कॉलेज की तरफ से भी रास्ता है। हकीकत यह है कि सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक रास्ते पर जीआरपी का काउंटर बना हुआ है। इसके अलावा कहीं पर भी सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आती।
विज्ञापन
एक नजर में स्टेशन की सुरक्षा
जीआरपी
- एरिया रोहतक, गोहाना, कलानौर, खरैंठी और खरावड़
- तीन एसआई, तीन एएसआई और 34 हवलदार व सिपाही
- एक भी मैंटल डिटेक्टर नहीं, सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे
आरपीएफ
- एरिया गोहाना, घेवरा, रोहतक आउटर व जींद लाइन
- इंस्पेक्टर को मिलाकर करीब 40 सुरक्षा कर्मी
- मैंटल डिटेक्टर नहीं, खोजी कुत्ता रखा गया
धमकी भरे पत्र का मजमून
हम अपने जेहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। इस बार भारत सरकार के होश उड़ा देंगे। आठ अक्टूबर रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, महाराष्ट्र के मुंबई सिटी स्टेशन, चेन्नई, बंगलूरू, जयपुर, कोटा, भोपाल, इटारसी, दुर्ग स्टेशनों को दहला देंगे। यह मामला धारा 124ए, 153ए, 295ए, 505(1)बी में दर्ज किया गया है। पत्र में कहा गया है कि हम जेहादी हजारों की संख्या में हिंदुस्तान को तबाह कर देंगे। चारों और खून ही खून नजर आएगा।
पत्र किसी की शरारत, आतंकवादी संगठन नहीं लिखते आतंकी
जानकारों का कहना है कि पत्र के लब्बोलुआब से स्पष्ट होता है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है। इसकी वजह अव्वल तो पत्र में कहीं भी उर्दू का कोई अल्फाज नहीं। दूसरे कोई भी आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं कहता। वह अपने को सिर्फ जेहादी मानते हैं आतंकवादी नहीं।
जांच अधिकारी ने डाकिया से की पूछताछ
जीआरपी थाना प्रभारी स्नेहीराज ने बताया कि मामले को लेकर जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र ने पत्र और उसके लिफाफे को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद मुख्य इलाके के डाकिया को थाने पर बुलाकर पूछताछ की गई। बताते हैं कि डाकिया ने बताया कि मुख्य डाकघर से रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से दो डाक मिली थी, जो उसने सीधे स्टेशन पर दी। उससे पूछा गया कि वह स्टेशन आते समय किसी से मिला था या किसी ने तो डाक नहीं दी। इस पर उसने स्पष्ट इनकार कर दिया।
लिफाफे की मुहर अस्पष्ट, डाकघर से साधा संपर्क
जिस लिफाफे के अंदर धमकी भरा पत्र आया था, उस पर डाकघर की मुहर काफी हल्की है। मुहर कहां से लगी है, इसका पता लगाने में जांच अधिकारी जुट गए हैं। बताते हैं कि डाक विभाग के अफसर ने जांच अधिकारी को सोमवार बुलाया है।
आरपीएफ की एसआईबी टीम ने ली जानकारी
स्टेशनों को उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने के बाद आरपीएफ की एसआईबी (स्पेशल इंटेलीजेंस बिंग) सक्रिय हो गई है। इसके चलते रविवार को रोहतक आए एक अफसर ने आरपीएफ और जीआरपी से मामले में जानकारी हासिल की। उन्होंने ट्रेनों के साथ-साथ स्टेशन पर संदिग्धों पर नजर रखने और सक्रियता बढ़ाने के आदेश दिए।
जैश-ए-मोहम्मद का धमकी भरा पत्र मिलने के बाद से हाई एलर्ट किया हुआ है, जिसके चलते स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। दावा किया कि शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि 2:30 बजे तक चेकिंग की। रविवार को हाई एलर्ट के बावजूद स्टेशन पर कहीं भी सुरक्षा इंतजाम व जीआरपी कर्मियों के नहीं मिलने के सवाल पर कहा कि सभी को सघन चेकिंग के आदेश दिए गए हैं। अंबाला से आकर पता करके ही बताया जा सकेगा की हकीकत क्या है?
- स्नेहीराज, थाना प्रभारी जीआरपी रोहतक
जांच के चलते धमकी भरे पत्र और लिफाफे की मूल प्रति कब्जे में ली गई है। चूंकि धमकी भरा पत्र साधारण डाक से आया है, इसलिए उसके बारे में यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि पत्र कहां से आया। इसकी वजह डाकघर की मुहर का काफी हल्का होना भी है। जांच की जा रही है मगर इसको लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है।
- नरेंद्र सिंह, जांच अधिकारी जीआरपी रोहतक
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा को शनिवार दोपहर डाकिया के माध्यम से दो पत्र मिले। इसमें एक पत्र भेजने वाले ने अपना नाम जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर मसूद अहमद निवासी जम्मू-कश्मीर करांची पाकिस्तान बताते हुए छह राज्य के रोहतक समेत 12 स्टेशन और मंदिरों को निशाना बनाने की धमकी दी। इस मामले की जानकारी के बाद जीआरपी व आरपीएफ अधिकारियों ने स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई एलर्ट जारी किया है। स्टेशनों पर सघन चेकिंग के निर्देश जारी किए गए। रविवार दोपहर में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर न जीआरपी और न आरपीएफ की सुरक्षा व्यवस्था नजर आई, न यात्रियों के सामान की चेकिंग की गई।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर आने-जाने पर नहीं कोई रोक टोक
रोहतक रेलवे स्टेशन पर हर रोज करीब 20 हजार यात्री आते हैं। रविवार को आने-जाने के लिए कोई रोकटोक नहीं दिखी। स्टेशन पर आने तीन प्रमुख रास्ते हैं। एक मुख्य गेट, दूसरा टिकट काउंटर गेट और तीसरा आरपीएफ थाने के पास। इसके अलावा माल गोदाम अथवा वैश्य कॉलेज की तरफ से भी रास्ता है। हकीकत यह है कि सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक रास्ते पर जीआरपी का काउंटर बना हुआ है। इसके अलावा कहीं पर भी सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आती।
विज्ञापन
एक नजर में स्टेशन की सुरक्षा
जीआरपी
- एरिया रोहतक, गोहाना, कलानौर, खरैंठी और खरावड़
- तीन एसआई, तीन एएसआई और 34 हवलदार व सिपाही
- एक भी मैंटल डिटेक्टर नहीं, सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे
आरपीएफ
- एरिया गोहाना, घेवरा, रोहतक आउटर व जींद लाइन
- इंस्पेक्टर को मिलाकर करीब 40 सुरक्षा कर्मी
- मैंटल डिटेक्टर नहीं, खोजी कुत्ता रखा गया
धमकी भरे पत्र का मजमून
हम अपने जेहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। इस बार भारत सरकार के होश उड़ा देंगे। आठ अक्टूबर रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, महाराष्ट्र के मुंबई सिटी स्टेशन, चेन्नई, बंगलूरू, जयपुर, कोटा, भोपाल, इटारसी, दुर्ग स्टेशनों को दहला देंगे। यह मामला धारा 124ए, 153ए, 295ए, 505(1)बी में दर्ज किया गया है। पत्र में कहा गया है कि हम जेहादी हजारों की संख्या में हिंदुस्तान को तबाह कर देंगे। चारों और खून ही खून नजर आएगा।
पत्र किसी की शरारत, आतंकवादी संगठन नहीं लिखते आतंकी
जानकारों का कहना है कि पत्र के लब्बोलुआब से स्पष्ट होता है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है। इसकी वजह अव्वल तो पत्र में कहीं भी उर्दू का कोई अल्फाज नहीं। दूसरे कोई भी आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं कहता। वह अपने को सिर्फ जेहादी मानते हैं आतंकवादी नहीं।
जांच अधिकारी ने डाकिया से की पूछताछ
जीआरपी थाना प्रभारी स्नेहीराज ने बताया कि मामले को लेकर जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र ने पत्र और उसके लिफाफे को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद मुख्य इलाके के डाकिया को थाने पर बुलाकर पूछताछ की गई। बताते हैं कि डाकिया ने बताया कि मुख्य डाकघर से रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से दो डाक मिली थी, जो उसने सीधे स्टेशन पर दी। उससे पूछा गया कि वह स्टेशन आते समय किसी से मिला था या किसी ने तो डाक नहीं दी। इस पर उसने स्पष्ट इनकार कर दिया।
लिफाफे की मुहर अस्पष्ट, डाकघर से साधा संपर्क
जिस लिफाफे के अंदर धमकी भरा पत्र आया था, उस पर डाकघर की मुहर काफी हल्की है। मुहर कहां से लगी है, इसका पता लगाने में जांच अधिकारी जुट गए हैं। बताते हैं कि डाक विभाग के अफसर ने जांच अधिकारी को सोमवार बुलाया है।
आरपीएफ की एसआईबी टीम ने ली जानकारी
स्टेशनों को उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने के बाद आरपीएफ की एसआईबी (स्पेशल इंटेलीजेंस बिंग) सक्रिय हो गई है। इसके चलते रविवार को रोहतक आए एक अफसर ने आरपीएफ और जीआरपी से मामले में जानकारी हासिल की। उन्होंने ट्रेनों के साथ-साथ स्टेशन पर संदिग्धों पर नजर रखने और सक्रियता बढ़ाने के आदेश दिए।
जैश-ए-मोहम्मद का धमकी भरा पत्र मिलने के बाद से हाई एलर्ट किया हुआ है, जिसके चलते स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। दावा किया कि शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि 2:30 बजे तक चेकिंग की। रविवार को हाई एलर्ट के बावजूद स्टेशन पर कहीं भी सुरक्षा इंतजाम व जीआरपी कर्मियों के नहीं मिलने के सवाल पर कहा कि सभी को सघन चेकिंग के आदेश दिए गए हैं। अंबाला से आकर पता करके ही बताया जा सकेगा की हकीकत क्या है?
- स्नेहीराज, थाना प्रभारी जीआरपी रोहतक
जांच के चलते धमकी भरे पत्र और लिफाफे की मूल प्रति कब्जे में ली गई है। चूंकि धमकी भरा पत्र साधारण डाक से आया है, इसलिए उसके बारे में यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि पत्र कहां से आया। इसकी वजह डाकघर की मुहर का काफी हल्का होना भी है। जांच की जा रही है मगर इसको लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है।
- नरेंद्र सिंह, जांच अधिकारी जीआरपी रोहतक