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Rohtak News: इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत 11 को
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रोहतक। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 11 मई को दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष नीरजा कुलवंत कलसन व प्राधिकरण की देखरेख में यह आयोजन किया जा रहा है। सीजेएम अनिल कौशिक के मार्गदर्शन में इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए जिला न्यायालय परिसर के लिटीगेंट हाॅल में एक हेल्प डेस्क शुरू किया गया है।
सीजेएम ने बताया कि लोक अदालत विवादों को सौहार्द समझौते के माध्यम से सुलझाने का एक वैकल्पिक मंच है। इसमें सभी प्रकार के सिविल वाद तथा समझौता वर्जित अपराधों को छोडक़र सभी आपराधिक मामले भी लोक अदालतों के माध्यम से निपटाए जा सकते हैं। लोक अदालत में मामलों का निपटारा संबंधित पार्टियों की सहमति से किया जाता है। इसमें कोई फीस नहीं होती है। यदि न्यायालय में लंबित वाद मे कोर्ट फीस जमा करवाई गई हो तो लोक अदालत में वाद का निपटारा हो जाने पर वह कोर्ट फीस वापिस कर दी जाती है। लोक अदालतों के माध्यम से निपटाए गए फैसलों से आपसी भाईचारे की भावना बढ़ती है।
इस मौके पर राजबीर कश्यप, सुपरिटेंडेंट विजय शर्मा, संदीप कुमार, एलएडीसी अरविंद बत्रा, अंकित गुलिया, राज मल्होत्रा, विशाल कुमार, पूजा दलाल, कामीनी चौपड़ा, बबीता, ज्योति, पीएलवी साहिल व अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
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सीजेएम ने बताया कि लोक अदालत विवादों को सौहार्द समझौते के माध्यम से सुलझाने का एक वैकल्पिक मंच है। इसमें सभी प्रकार के सिविल वाद तथा समझौता वर्जित अपराधों को छोडक़र सभी आपराधिक मामले भी लोक अदालतों के माध्यम से निपटाए जा सकते हैं। लोक अदालत में मामलों का निपटारा संबंधित पार्टियों की सहमति से किया जाता है। इसमें कोई फीस नहीं होती है। यदि न्यायालय में लंबित वाद मे कोर्ट फीस जमा करवाई गई हो तो लोक अदालत में वाद का निपटारा हो जाने पर वह कोर्ट फीस वापिस कर दी जाती है। लोक अदालतों के माध्यम से निपटाए गए फैसलों से आपसी भाईचारे की भावना बढ़ती है।
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इस मौके पर राजबीर कश्यप, सुपरिटेंडेंट विजय शर्मा, संदीप कुमार, एलएडीसी अरविंद बत्रा, अंकित गुलिया, राज मल्होत्रा, विशाल कुमार, पूजा दलाल, कामीनी चौपड़ा, बबीता, ज्योति, पीएलवी साहिल व अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
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