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Rohtak News: किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन के लिए दी वैज्ञानिक सलाह
Wed, 11 Jun 2025 03:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 11 Jun 2025 03:51 AM IST
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10सीटीके02 आसन गांव में किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन की जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक। स्रोत :
रोहतक। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से खेती को विकसित बनाने व आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान कंसाला, आसन, पाकस्मा, मरोधी, मोखरा, बसाना, जलालपुर व घिलौड़ खुर्द गांव में आयोजित किया गया। इसमें अनेक किसानों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डाॅ. मीना सिवाच ने बताया कि खरीफ मौसम की फसलों में किसानों की समस्याओं व आवश्यकता अनुरूप वैज्ञानिक सलाह देना अभियान का उद्देश्य है। इस दौरान धान, बाजरा, कपास, ज्वार के उन्नत बीजों की उपलब्धता, किस्मों के प्रकार, बीज उपचार से फसल को विभिन्न रोगों व कीटों से प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण जैसे विभिन्न विषयों पर किसानों की समस्या का समाधान किया गया।
शिविर में किसानों को मिट्टी की जांच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त करना, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, ड्रोन तकनीक, बुआई से पहले की तैयारी, कृषक उत्पादक संगठन, सिंचाई के लिए टपका, स्प्रिंकलर के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान डाॅ. मीनाक्षी सांगवान, डाॅ. सुकीर्ती , डा. रुपेंदर, डाॅ. जगत सिंह और डाॅ. गोगराज उपस्थित रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डाॅ. मीना सिवाच ने बताया कि खरीफ मौसम की फसलों में किसानों की समस्याओं व आवश्यकता अनुरूप वैज्ञानिक सलाह देना अभियान का उद्देश्य है। इस दौरान धान, बाजरा, कपास, ज्वार के उन्नत बीजों की उपलब्धता, किस्मों के प्रकार, बीज उपचार से फसल को विभिन्न रोगों व कीटों से प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण जैसे विभिन्न विषयों पर किसानों की समस्या का समाधान किया गया।
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शिविर में किसानों को मिट्टी की जांच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त करना, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, ड्रोन तकनीक, बुआई से पहले की तैयारी, कृषक उत्पादक संगठन, सिंचाई के लिए टपका, स्प्रिंकलर के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान डाॅ. मीनाक्षी सांगवान, डाॅ. सुकीर्ती , डा. रुपेंदर, डाॅ. जगत सिंह और डाॅ. गोगराज उपस्थित रहे।
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