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जींद: छात्तर गांव में फिर हुआ विवाद, अनुसूचित जाति के युवक को पीटा, सिर में आई चोट, अस्पताल में भर्ती
Fri, 22 Oct 2021 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 11:48 PM IST
सार
जींद के छात्तर गांव में अनुसूचित जाति के लोगों के बहिष्कार का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि शुक्रवार देर रात अनुसूचित जाति के युवक के साथ मारपीट करने की एक और घटना सामने आई है। आरोप है 10-15 लोगों ने युवक को घेरकर पीटा है।
मारपीट में घायल विजपाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के जींद जिले के छात्तर गांव में करीब ढाई माह से चल रहे जातीय विवाद के बीच शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे फिर से अनुसूूचित जाति के एक युवक से मारपीट की गई। 30 वर्षीय विजयपाल को सिर में चोट आई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। फिलहाल घायल युवक का इलाज जींद के नागरिक अस्पताल में चल रहा है।
छात्तर गांव निवासी विशाल ने बताया कि विजयपाल रात करीब साढ़े नौ बजे दूसरे मोहल्ले से अपने घर आ रहा था। इसी दौरान गैर अनुसूचित जाति के करीब 10-15 लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान विजयपाल का मोबाइल भी छीनकर गांव के पशु तालाब में फेंक दिया गया। विशाल के अनुसार जब विजयपाल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब भी दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति के मोहल्ले पर भी हमला करने का प्रयास किया।
सामाजिक बहिष्कार के बाद बिगड़ी स्थित
विशाल के अनुसार गांव के कुछ युवकों ने एक अगस्त को अनुसूचित जाति के मोहल्ले में जाकर रात के समय अभद्रता की थी। इस पर विवाद निपट गया था। इसके बाद 11 सितंबर को घोघड़ियां गांव में हो रहे खेलकूद मुकाबले देखने के लिए अनुसूचित जाति का एक युवक गया था। इस दौरान गांव कुछ गैर अनुसूचित जाति के लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। इस मामले में जब युवक ने पुलिस को शिकायत दी तो उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। विशाल के अनुसार शिकायत वापस नहीं लेने पर 26 सितंबर को गांव के प्रभावशाली लोगों ने पंचायत कर उनका सामाजिक बहिष्कार करने का एलान कर दिया। इसके बाद से उन्हें दूध, सब्जियां व अन्य जरूरी सामान दूसरे गांवों से लाने पड़ रहे हैं।
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23 लोगों के खिलाफ दर्ज है एफआईआर
सामाजिक बहिष्कार के मामले में उचाना थाना पुलिस ने गांव के 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जींद के लघु सचिवालय के बाहर भीम आर्मी द्वारा धरना दिया जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया था दौरा
दिन में इस मामले में भीम आर्मी व अन्य संगठनों के लोगों ने दौरा किया था। अनुसूचित जातियों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रजत कलसन ने बताया कि इसके बाद यह मारपीट हुई है। कलसन के अनुसार पुलिस ने जानकारी दी है कि तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
एसपी जींद वसीम अकरम ने बताया कि गांव छात्तर में झगड़ा होने के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी। तुरंत उचाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसमें एक लड़के को चोट लगी है। इसको तुरंत इलाज के लिए जींद के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में तनाव व घेराव जैसी कोई बात नहीं है। न ही किसी व्यक्ति विशेष को अस्पताल जाने से रोका गया है। पुलिस ने अपनी गाड़ी से घायल को अस्पताल लाई है। बस्ती को घेरने संबंधी आरोप निराधार हैं। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
छात्तर गांव निवासी विशाल ने बताया कि विजयपाल रात करीब साढ़े नौ बजे दूसरे मोहल्ले से अपने घर आ रहा था। इसी दौरान गैर अनुसूचित जाति के करीब 10-15 लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान विजयपाल का मोबाइल भी छीनकर गांव के पशु तालाब में फेंक दिया गया। विशाल के अनुसार जब विजयपाल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब भी दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति के मोहल्ले पर भी हमला करने का प्रयास किया।
सामाजिक बहिष्कार के बाद बिगड़ी स्थित
विशाल के अनुसार गांव के कुछ युवकों ने एक अगस्त को अनुसूचित जाति के मोहल्ले में जाकर रात के समय अभद्रता की थी। इस पर विवाद निपट गया था। इसके बाद 11 सितंबर को घोघड़ियां गांव में हो रहे खेलकूद मुकाबले देखने के लिए अनुसूचित जाति का एक युवक गया था। इस दौरान गांव कुछ गैर अनुसूचित जाति के लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। इस मामले में जब युवक ने पुलिस को शिकायत दी तो उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। विशाल के अनुसार शिकायत वापस नहीं लेने पर 26 सितंबर को गांव के प्रभावशाली लोगों ने पंचायत कर उनका सामाजिक बहिष्कार करने का एलान कर दिया। इसके बाद से उन्हें दूध, सब्जियां व अन्य जरूरी सामान दूसरे गांवों से लाने पड़ रहे हैं।
23 लोगों के खिलाफ दर्ज है एफआईआर
सामाजिक बहिष्कार के मामले में उचाना थाना पुलिस ने गांव के 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जींद के लघु सचिवालय के बाहर भीम आर्मी द्वारा धरना दिया जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया था दौरा
दिन में इस मामले में भीम आर्मी व अन्य संगठनों के लोगों ने दौरा किया था। अनुसूचित जातियों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रजत कलसन ने बताया कि इसके बाद यह मारपीट हुई है। कलसन के अनुसार पुलिस ने जानकारी दी है कि तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
एसपी जींद वसीम अकरम ने बताया कि गांव छात्तर में झगड़ा होने के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी। तुरंत उचाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसमें एक लड़के को चोट लगी है। इसको तुरंत इलाज के लिए जींद के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में तनाव व घेराव जैसी कोई बात नहीं है। न ही किसी व्यक्ति विशेष को अस्पताल जाने से रोका गया है। पुलिस ने अपनी गाड़ी से घायल को अस्पताल लाई है। बस्ती को घेरने संबंधी आरोप निराधार हैं। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है।