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Rohtak News: सासरौली-कालियावास सड़क निर्माण आचार संहिता के फेर में उलझा
Thu, 04 Apr 2024 10:09 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 04 Apr 2024 10:09 PM IST
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04jjrp11साल्हावास। सासरौली सें बिरोहड मार्ग की हुई खस्ता हालत ।संवाद
साल्हावास। सासरौली से वाया बिरोहड होते हुए कालियावास की तरफ जाने वाली लगभग 15 किलोमीटर सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। क्षतिग्रस्त सड़क निर्माण आचार संहिता के फेर में उलझ गया है। इसके लिए लोकनिर्माण विभाग एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेज चुका है। ऐसे में आचार संहिता हटने के बाद ही प्रशासनिक स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
सड़क में गड्ढे होने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। राहगीर हिचकोले खाने को विवश हैं। सड़क निर्माण के लिए बिरोहड गांव में पिछले कई दिनों तक ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया था। धरना-प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर समस्या के निजात के लिए लोगों को आश्वासन दिया था। फरवरी माह में भी विधायक गीता भुक्कल ने फिर से इस मुद्दे को उठाया था। सरपंच प्रतिनिधि रवींद्र सहरावत ने बताया कि टूटी सड़क की वजह से राहगीर परेशान हैं। एक दशक पहले बनी सड़क पर कारपेटिंग का काम भी नहीं हुआ। अब पिछले 10 वर्षों से सड़क पर पैच भी नहीं हुआ है। सासरौली से चरखी दादरी जाने बाला यह मुख्य मार्ग होने के बावजूद अधिकारी इस सड़क की अनदेखी कर रहे हैं। यह सड़क सासरौली से कालियावास चरखी दादरी की तरफ जाने वाले जाने वाली मुख्य सड़क है।
वर्जन
सासरौली-बिरोहड मार्ग के लिए एस्टीमेट बनवाकर मुख्यालय में भेजा हुआ है। आचार संहिता के कारण प्रशासनिक अनुमति नहीं मिल पाई है। अनुमति मिलते ही इस सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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आशीष मोर, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग झज्जर
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सड़क में गड्ढे होने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। राहगीर हिचकोले खाने को विवश हैं। सड़क निर्माण के लिए बिरोहड गांव में पिछले कई दिनों तक ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया था। धरना-प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर समस्या के निजात के लिए लोगों को आश्वासन दिया था। फरवरी माह में भी विधायक गीता भुक्कल ने फिर से इस मुद्दे को उठाया था। सरपंच प्रतिनिधि रवींद्र सहरावत ने बताया कि टूटी सड़क की वजह से राहगीर परेशान हैं। एक दशक पहले बनी सड़क पर कारपेटिंग का काम भी नहीं हुआ। अब पिछले 10 वर्षों से सड़क पर पैच भी नहीं हुआ है। सासरौली से चरखी दादरी जाने बाला यह मुख्य मार्ग होने के बावजूद अधिकारी इस सड़क की अनदेखी कर रहे हैं। यह सड़क सासरौली से कालियावास चरखी दादरी की तरफ जाने वाले जाने वाली मुख्य सड़क है।
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वर्जन
सासरौली-बिरोहड मार्ग के लिए एस्टीमेट बनवाकर मुख्यालय में भेजा हुआ है। आचार संहिता के कारण प्रशासनिक अनुमति नहीं मिल पाई है। अनुमति मिलते ही इस सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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आशीष मोर, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग झज्जर