फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Salvation implicated in Corona's lockdown

कोरोना के लॉकडाउन में फंसा मोक्ष

Wed, 01 Apr 2020 10:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2020 10:24 PM IST
विज्ञापन
Salvation implicated in Corona's lockdown
रोहतक। रामबाग श्मशान। - फोटो : RohtakCity
कोरोना वायरस के साइड इफेक्ट से लोग आहत हैं। महामारी के कारण लागू हुए लॉकडाउन में मृतकों का मोक्ष भी फंस गया है। लॉकडाउन में मरने वालों का न पिंड दान हो पा रहा है न गंगा में अस्थियों का विसर्जन। एसडीएम से अनुमति लेकर गंगा तट तक पहुंचने वालों को भी मायूस लौटना पड़ रहा है। इसकी वजह वहां मोक्ष की रस्म निभाने वाले पंडितों का नहीं मिलना है। ऐसे में लोग श्मशान में ही अपनों की अस्थियां रखने को विवश हैं। लॉकडाउन हटने के बाद इन्हें विधि-विधान के साथ गंगा में प्रवाहित किया जाएगा।
विज्ञापन

शरीर तो पीजीआई में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दान कर दिया, अब पिंडदान का इंतजार
शहर के प्रेम नगर की हैफेड वाली गली में रहने वाले 80 वर्षीय जगदीश कपूर का 15 मार्च को निधन हो गया था। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन ने अपना शरीर पीजीआई के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दान करने की इच्छा जाहिर की थी। उनकी यह इच्छा पूरी करते हुए बेटे विनोद व दलीप ने शव पीजीआई को दान कर दिया। वहां से उनके नाखून व बाल मिले। अब परिवार को उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित कर उनके पिंडदान की रस्म अदा करनी है। उनके पोते रोहित ने बताया कि लॉकडाउन के चलते पहले तो हरिद्वार में गंगा तट तक पहुंचना ही मुश्किल है। फिर वहां पंडित का नहीं मिलना दादा के मोक्ष की प्रक्रिया को रोके हुए है। इसलिए अब लॉकडाउन के बाद ही वहां जाएंगे।
विज्ञापन

हरिद्वार में नहीं मिले पंडित
शहर में रहने वाले अनिल भाटिया के 62 वर्षीय भाई सुशील का निधन हो गया। उनके एक रिश्तेदार ने बताया कि मृतक की अस्थियां लेकर हरिद्वार गए थे। इसके लिए एसडीएम से अनुमति भी ली। वहां पहुंच कर भी मृतक के पिंडदान की रस्म पूरी नहीं हो पाई। पंडित नहीं मिलने से यह रस्म अधूरी रह गई। अब इसके लिए बाद में जाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम से अनुमति लेने पर भी जांच के लिए रास्ते में 20 जगहों पर रोका
प्रेम नगर में ही रहने वाले एक परिवार के बुजुर्ग का 17 मार्च को निधन हुआ था। यह परिवार मृतक के मोक्ष व पिंडदान के लिए रविवार को हरिद्वार गए। इसके लिए एसडीएम से अनुमति भी ली। इस अनुमति के बावजूद 20 जगहों पर उन्हें रोका गया। हर जगह जांच की प्रक्रिया से गुजरने के बाद गंगा तट तक पहुंचा। यहां पिंडदान के लिए पंडित ही नहीं मिला। इसलिए खुद ही अस्थियों का गंगा में विसर्जन करके लौट आए। अब पिंड दान के बाद दोबारा जाना होगा।
लॉकडाउन के चलते मृतक की अस्थियों का विसर्जन नहीं हो पा रहा है। मंदिर में छह लोगों की अस्थियां सुरक्षित रखी हैं। लॉकडाउन खुलने पर ही इनका विसर्जन हो पाएगा। तभी इनके परिजन अस्थियों को लेकर जाएंगे।
पंडित विनय चतुर्वेदी, पुजारी, रामबाग मंदिर।
जीवन-मरण के बंधन से बंधे लोग रोज अपनी आयु पूरी कर आत्मा से परमात्मा में विलीन हो रहे हैं। इन दिनों रामबाग में ऐसे रोजाना तीन मामले आ रहे हैं। लॉकडाउन के चलते मरने वाले का पिंडदान नहीं हो पा रहा है। यहां 22 मार्च से अब तक 32 लोगों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है।
सुरेंद्र बतरा, उपप्रधान, रामबाग सेवा समिति।
समिति प्रधान रमेश सहगल की देखरेख में समिति काम कर रही है। लॉकडाउन में रोजाना औसतन तीन मृतकों की अंत्येष्टि की जाती है। इनमें से ज्यादा अस्थियां ले जाते हैं। अब तक सात लोगों ने लॉकडाउन हटने तक अस्थियां यहीं रखवाई है। यहां 22 मार्च से अब तक 22 शवों का दाह संस्कार हो चुका है।
किशनलाल, मैनेजर, शिव मंदिर श्मशान भूमि।
लॉकडाउन के चलते 20 से ज्यादा लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है। यहां 22 मार्च से अब तक 11 शवों को अंतिम संस्कार हो चुका है। इनमें से दो महिलाएं व नौ पुरुष हैं। इनके परिजन अस्थियां ले गए हैं।

मनमोहन आजाद, प्रधान, श्मशान भूमि गोहाना रोड।

रोहतक। मृतकों का रिकार्ड जांचते रामबाग मंदिर के पुजारी पंडित विनय चतुर्वेदी।

रोहतक। मृतकों का रिकार्ड जांचते रामबाग मंदिर के पुजारी पंडित विनय चतुर्वेदी।- फोटो : RohtakCity

रोहतक। लॉक डाउन के चलते रामबाग श्मशान भूमि में रखी अस्थियां।

रोहतक। लॉक डाउन के चलते रामबाग श्मशान भूमि में रखी अस्थियां।- फोटो : RohtakCity

रोहतक। शिव श्मशाम भूमि में सुरक्षित रखी गई अस्थियां।

रोहतक। शिव श्मशाम भूमि में सुरक्षित रखी गई अस्थियां।- फोटो : RohtakCity

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed