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साई की फुटबाल एकेडमी में एंट्री के लिए खिलाड़ियों ने दिखाया दम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 14 Oct 2015 02:10 AM IST
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देश में साई की नई खुलने वाली फुटबाल एकेडमी में एंट्री पाने के लिए मंगलवार को खिलाड़ियों ने खूब दम दिखाया।
इसके लिए राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में ट्रायल हुए, जिसमें पहले दिन 110 खिलाड़ी पहुंचे। इनमें प्रदेश के सभी जिलों के खिलाड़ी शामिल रहे।
वहीं हिसार से आने वाले खिलाड़ियों की सबसे अधिक संख्या रही। यह ट्रायल अभी दो दिन ओर चलेगा। इसके बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे।
साई ने फीफा वर्ल्ड कप 2017 के लिए टीम तैयार करने को दिल्ली, कोलकाता, बंगलूरू में अपनी एकेडमी खोलने की योजना बनाई है। उन एकेडमी में खिलाड़ियों के लिए ही ट्रायल शुरू किए गए है।
रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंगलवार से ट्रायल शुरू हुए जो बृहस्पतिवार तक चलेंगे। साई के इस फुटबाल एकेडमी खोलने से लेकर खिलाड़ी चुनने के प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रोहित पाराशर ने बताया कि पहले दिन लगभग 110 खिलाड़ी ट्रायल के लिए आये।
उन सभी को पहले टीमों में बांटकर मैच कराये गये और उसके बाद उनको अलग-अलग फुटबाल खिलाकर देखा गया। सभी एकेडमी में 40-40 खिलाड़ियों को रखा जाना है और दिल्ली में खुलने वाली एकेडमी में उत्तर भारत के राज्यों से खिलाड़ी रखे जाएंगे।
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हमें भी विदेशियों की तरह सोचना होगा: रोहित पाराशर
भारत के चीफ कोच और साई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोहित पाराशर मूल रूप से बहादुरगढ़ के बराही गांव के रहने वाले हैं। वह कहते है कि 1951 से लेकर 1982 तक का एक समय था, जब फुटबाल में भारत की टीम अच्छा प्रदर्शन करती थी और एशियन में गोल्ड तक जीता है। इस समय फुटबाल को लेकर विदेशों में नई-नई टेकभनोलॉजी है, लेकिन भारत में नई टेकभनोलॉजी लागू नहीं हो रही है। अब जब सुधार शुरू हुआ तो दूसरी टीमों के सामने देश की टीम बनाने में थोड़ा समय लगेगा।
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इसके लिए राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में ट्रायल हुए, जिसमें पहले दिन 110 खिलाड़ी पहुंचे। इनमें प्रदेश के सभी जिलों के खिलाड़ी शामिल रहे।
वहीं हिसार से आने वाले खिलाड़ियों की सबसे अधिक संख्या रही। यह ट्रायल अभी दो दिन ओर चलेगा। इसके बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे।
साई ने फीफा वर्ल्ड कप 2017 के लिए टीम तैयार करने को दिल्ली, कोलकाता, बंगलूरू में अपनी एकेडमी खोलने की योजना बनाई है। उन एकेडमी में खिलाड़ियों के लिए ही ट्रायल शुरू किए गए है।
रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंगलवार से ट्रायल शुरू हुए जो बृहस्पतिवार तक चलेंगे। साई के इस फुटबाल एकेडमी खोलने से लेकर खिलाड़ी चुनने के प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रोहित पाराशर ने बताया कि पहले दिन लगभग 110 खिलाड़ी ट्रायल के लिए आये।
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उन सभी को पहले टीमों में बांटकर मैच कराये गये और उसके बाद उनको अलग-अलग फुटबाल खिलाकर देखा गया। सभी एकेडमी में 40-40 खिलाड़ियों को रखा जाना है और दिल्ली में खुलने वाली एकेडमी में उत्तर भारत के राज्यों से खिलाड़ी रखे जाएंगे।
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हमें भी विदेशियों की तरह सोचना होगा: रोहित पाराशर
भारत के चीफ कोच और साई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोहित पाराशर मूल रूप से बहादुरगढ़ के बराही गांव के रहने वाले हैं। वह कहते है कि 1951 से लेकर 1982 तक का एक समय था, जब फुटबाल में भारत की टीम अच्छा प्रदर्शन करती थी और एशियन में गोल्ड तक जीता है। इस समय फुटबाल को लेकर विदेशों में नई-नई टेकभनोलॉजी है, लेकिन भारत में नई टेकभनोलॉजी लागू नहीं हो रही है। अब जब सुधार शुरू हुआ तो दूसरी टीमों के सामने देश की टीम बनाने में थोड़ा समय लगेगा।