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पढ़ाई से जरूरी बच्चों की सेफ्टी, नहीं खुलने चाहिए स्कूल
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लॉकडाउन के बाद से ही देशभर में स्कूल-कॉलेज बंद हैं। कोरोना के संक्रमणकाल में स्कूल खोलने के लिए केंद्र सरकार गाइडलाइंस तैयार करने में जुटी है। सरकार मंत्रालयों और विशेषज्ञों की भी इस बारे में राय ले रही है। जुलाई या अगस्त में स्कूल खोले जा सकते हैं। हरियाणा बोर्ड की तरफ से पिछले दिनों आए एक पत्र के अनुसार शिक्षा विभाग जुलाई से नौंवी से बारहवीं तक के स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। कोरोना प्रकोप के बीच स्कूल खोले जाने पर अभिभावक क्या सोचते हैं, इस बारे में अमर उजाला ने अभिभावकों से जानी उनकी राय....।
सबसे पहले बच्चों की सेफ्टी जरूरी है। जैसे हालात हैं उसमें स्कूलों का खोलना सही फैसला सही नहीं। महामारी से सभी को डर लगता है। जुलाई या अगस्त से स्कूल खुल भी जाते हैं तो हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। छोटे-छोटे बच्चे हैं पढ़ाई से ज्यादा जरूरी हैं बच्चों की जिंदगी।
- शिम्पी गुलाटी, होम मेकर
बच्चे जरूरी हैं पढ़ाई तो बाद में भी होती रहेगी। वैसे भी ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चे अच्छा पढ़ रहे हैं। टीचर्स पूरी मेहनत कर रहे हैं। महामारी के इस दौर में बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग नहीं अपना सकते। अगर स्कूल खुलते हैं तो हम बच्चों को स्कूल में नहीं भेजेंगे।
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- गीत परूथी, गृहिणी
हर दिन कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्कूलों का खुलना सही फैसला नहीं है। अभिभावकों के लिए अपने बच्चे की सेफ्टी जरूरी है। जान है तो जहान है। अगर बच्चा एक साल नहीं भी पढ़ता है तो कोई बात नहीं। महामारी कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। ऐसे में स्कूलों को खोलना सही फैसला नहीं है।
- तृप्ता वाही, इवेंट आग्रेइनाइजर
स्कूल नहीं खुलने चाहिए, बच्चों की सेफ्टी जरूरी है। बच्चें देश का भविष्य और आने वाला कल हैं। स्कूलों से पहले सभी सरकारी दफ्तर, राज्यसभा और संसद खुलनी चाहिए। बच्चों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो एजूकेशन भी हो जाएगी। लेकिन स्वास्थ्य ही ठीक नहीं होगा तो एजूकेशन का क्या करेंगे। इन्हीं बच्चों में से कल को कोई साइंटिस्ट, जवान, किसान और बिजनेसमैन बनेंगे।
-सतीश रंगा, सहायक प्राध्यापक
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सबसे पहले बच्चों की सेफ्टी जरूरी है। जैसे हालात हैं उसमें स्कूलों का खोलना सही फैसला सही नहीं। महामारी से सभी को डर लगता है। जुलाई या अगस्त से स्कूल खुल भी जाते हैं तो हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। छोटे-छोटे बच्चे हैं पढ़ाई से ज्यादा जरूरी हैं बच्चों की जिंदगी।
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- शिम्पी गुलाटी, होम मेकर
बच्चे जरूरी हैं पढ़ाई तो बाद में भी होती रहेगी। वैसे भी ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चे अच्छा पढ़ रहे हैं। टीचर्स पूरी मेहनत कर रहे हैं। महामारी के इस दौर में बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग नहीं अपना सकते। अगर स्कूल खुलते हैं तो हम बच्चों को स्कूल में नहीं भेजेंगे।
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- गीत परूथी, गृहिणी
हर दिन कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्कूलों का खुलना सही फैसला नहीं है। अभिभावकों के लिए अपने बच्चे की सेफ्टी जरूरी है। जान है तो जहान है। अगर बच्चा एक साल नहीं भी पढ़ता है तो कोई बात नहीं। महामारी कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। ऐसे में स्कूलों को खोलना सही फैसला नहीं है।
- तृप्ता वाही, इवेंट आग्रेइनाइजर
स्कूल नहीं खुलने चाहिए, बच्चों की सेफ्टी जरूरी है। बच्चें देश का भविष्य और आने वाला कल हैं। स्कूलों से पहले सभी सरकारी दफ्तर, राज्यसभा और संसद खुलनी चाहिए। बच्चों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो एजूकेशन भी हो जाएगी। लेकिन स्वास्थ्य ही ठीक नहीं होगा तो एजूकेशन का क्या करेंगे। इन्हीं बच्चों में से कल को कोई साइंटिस्ट, जवान, किसान और बिजनेसमैन बनेंगे।
-सतीश रंगा, सहायक प्राध्यापक