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नियम 134ए: 27 तक ड्रा नहीं तो पूरे शहर को कर देंगे जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 23 Apr 2016 02:21 AM IST
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सवा घंटे तक सड़क पर उलझते रहे अभिभावक और राहगीर
- फोटो : अमर उजाला
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नियम 134ए की दाखिला सूची पर रोक लगाने के विरोध में अभिभावकों की ओर से शिक्षा विभाग को दिया अल्टीमेटम शुक्रवार को खत्म हो गया। आक्रोशित अभिभावकों ने दोबारा से डीएलएफ मोड़ पर जाम लगा दिया और भरी दोपहरी में तपती जमीन पर बैठकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सवा घंटे तक जाम में अभिभावक और राहगीर उलझते रहे, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। मारपीट की नौबत भी आई, लेकिन कुछ लोगों ने स्थिति पर काबू पा लिया।
गुस्साए अभिभावक व बच्चे राहगीरों के वाहन के आगे सड़क पर लेट गए। थोड़ी देर में सिटी थाने के एसएचओ जगबीर सिंह मौके पर पहुंचे और सभी अभिभावकों को लघु सचिवालय में ले गए। जहां अभिभावकों ने एसडीएम मुनीश नागपाल व डीईओ सत्यवती नांदल के सामने दुखड़ा रोया। नाराज अभिभावकाें ने डीईओ से कहा कि मैडम लिखकर दे दो गरीब बच्चों को पढ़ने का अधिकार नहीं है, यह अधिकार केवल अमीर घराने के बच्चों का है। डीईओ नांदल ने अभिभावकाें को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को चंडीगढ़ में बैठे उच्च अधिकारियों तक पहुंचा देंगी।
अभिभावकों की अगुवाई कर रहे दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष एडवोकेट सत्यवीर सिंह हुड्डा ने प्रशासन को 27 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। हुड्डा ने कहा कि अगर 27 अप्रैल तक ड्रा नहीं निकाला गया तो वे पूरे रोहतक शहर को जाम कर देंगे।
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इससे पहले, शुक्रवार सुबह 10:15 बजे, काफी संख्या में अभिभावक मानसरोवर पार्क में जुट गए। यहां सवा दो घंटे तक बैठक हुई।
दोपहर 12:30 बजे सभी अभिभावक नारेबाजी करते हुए पार्क से बाहर निकले और 12:35 पर डीएलएफ मोड़ पर जाम लगा दिया। अभिभावकों ने राहगीरों को रोकना शुरू कर दिया। राहगीरों ने अभिभावकों से रास्ता देने की गुहार भी लगाई, लेकिन किसी की एक नहीं सुनी गई। एक अकेला होमगार्ड स्थिति को नहीं संभाल पाया। राहगीर सड़क के बीचोंबीच लगे बेरिकेड्स को हटाते तो अभिभावक व युवा उसे लगा देते। अभिभावकों और राहगीरों के बीच खींचतान भी हुई। दोपहर 1:16 बजे सिटी थाने के एसएचओ जगबीर सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। थानेदार आंदोलन के अगवा एडवोकेट सत्यवीर हुड्डा को गिरफ्तार करके ले जाने लगे, पर अभिभावकों ने उन्हें रोक लिया। एसएचओ ने कहा कि यहां जाम लगाने से कुछ नहीं होगा, वे लघु सचिवालय में पहुंच अफसरों से बातचीत करें।
दोपहर 1:20 बजे सभी अभिभावक रोष मार्च करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। दोपहर 1:53 बजे, एसडीएम मुनीश नागपाल और डीईओ सत्यवती नांदल पहुंचे और अभिभावकों के सवालों का जवाब दिया। अब 27 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया गया है। बता दें कि दो दिन पहले लगाए गए जाम को लेकर पुलिस ने एडवोकेट सत्यवीर हुड्डा पर जाम लगाने का केस दर्ज किया है।
राहगीरों ने कहा: हक चाहिए तो चंडीगढ़ जाकर लो
किला रोड बाजार में कुछ खरीदारी करने गई थी और अब सेक्टर एक में जाना है। बच्चों के स्कूल की छुट्टी का समय हो रहा है, पर हमें आगे जाने नहीं दिया जा रहा है। वे इंतजार कर रहे होंगे। इस तरह से जाम लगाकर जनता को परेशान करना बहुत गलत है।
- अपराजिता।
दिल्ली से रोहतक में डॉक्टर को दिखाने के लिए आया हूं। डॉक्टर से समय लिया है। आधे घंटे से इंतजार कर रहा हूं। अगर समय पर नहीं पहुंचा तो समस्या हो जाएगी। यहां जाम में फंसा हूं।
- यशपाल।
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गुस्साए अभिभावक व बच्चे राहगीरों के वाहन के आगे सड़क पर लेट गए। थोड़ी देर में सिटी थाने के एसएचओ जगबीर सिंह मौके पर पहुंचे और सभी अभिभावकों को लघु सचिवालय में ले गए। जहां अभिभावकों ने एसडीएम मुनीश नागपाल व डीईओ सत्यवती नांदल के सामने दुखड़ा रोया। नाराज अभिभावकाें ने डीईओ से कहा कि मैडम लिखकर दे दो गरीब बच्चों को पढ़ने का अधिकार नहीं है, यह अधिकार केवल अमीर घराने के बच्चों का है। डीईओ नांदल ने अभिभावकाें को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को चंडीगढ़ में बैठे उच्च अधिकारियों तक पहुंचा देंगी।
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अभिभावकों की अगुवाई कर रहे दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष एडवोकेट सत्यवीर सिंह हुड्डा ने प्रशासन को 27 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। हुड्डा ने कहा कि अगर 27 अप्रैल तक ड्रा नहीं निकाला गया तो वे पूरे रोहतक शहर को जाम कर देंगे।
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इससे पहले, शुक्रवार सुबह 10:15 बजे, काफी संख्या में अभिभावक मानसरोवर पार्क में जुट गए। यहां सवा दो घंटे तक बैठक हुई।
दोपहर 12:30 बजे सभी अभिभावक नारेबाजी करते हुए पार्क से बाहर निकले और 12:35 पर डीएलएफ मोड़ पर जाम लगा दिया। अभिभावकों ने राहगीरों को रोकना शुरू कर दिया। राहगीरों ने अभिभावकों से रास्ता देने की गुहार भी लगाई, लेकिन किसी की एक नहीं सुनी गई। एक अकेला होमगार्ड स्थिति को नहीं संभाल पाया। राहगीर सड़क के बीचोंबीच लगे बेरिकेड्स को हटाते तो अभिभावक व युवा उसे लगा देते। अभिभावकों और राहगीरों के बीच खींचतान भी हुई। दोपहर 1:16 बजे सिटी थाने के एसएचओ जगबीर सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। थानेदार आंदोलन के अगवा एडवोकेट सत्यवीर हुड्डा को गिरफ्तार करके ले जाने लगे, पर अभिभावकों ने उन्हें रोक लिया। एसएचओ ने कहा कि यहां जाम लगाने से कुछ नहीं होगा, वे लघु सचिवालय में पहुंच अफसरों से बातचीत करें।
दोपहर 1:20 बजे सभी अभिभावक रोष मार्च करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। दोपहर 1:53 बजे, एसडीएम मुनीश नागपाल और डीईओ सत्यवती नांदल पहुंचे और अभिभावकों के सवालों का जवाब दिया। अब 27 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया गया है। बता दें कि दो दिन पहले लगाए गए जाम को लेकर पुलिस ने एडवोकेट सत्यवीर हुड्डा पर जाम लगाने का केस दर्ज किया है।
राहगीरों ने कहा: हक चाहिए तो चंडीगढ़ जाकर लो
किला रोड बाजार में कुछ खरीदारी करने गई थी और अब सेक्टर एक में जाना है। बच्चों के स्कूल की छुट्टी का समय हो रहा है, पर हमें आगे जाने नहीं दिया जा रहा है। वे इंतजार कर रहे होंगे। इस तरह से जाम लगाकर जनता को परेशान करना बहुत गलत है।
- अपराजिता।
दिल्ली से रोहतक में डॉक्टर को दिखाने के लिए आया हूं। डॉक्टर से समय लिया है। आधे घंटे से इंतजार कर रहा हूं। अगर समय पर नहीं पहुंचा तो समस्या हो जाएगी। यहां जाम में फंसा हूं।
- यशपाल।