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Rohtak News: बारिश से बर्बादी...किसानों ने उधार लेकर संजोए थे सपने
Fri, 08 Aug 2025 02:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 08 Aug 2025 02:39 AM IST
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रोहतक के सांपला के खेतों में पानी में डूबीं फसल दिखाते किसान। संवाद
सांपला। चुलियाणा के किसानों के लिए बारिश आफत बनकर आई है। गांव के किसानों ने कर्ज लेकर किसी तरह फसलों की बिजाई व रोपाई की थी और भविष्य के लिए अरमान बोए थे लेकिन अब उन पर पानी फिर गया।
बारिश से गांव में करीब 250 एकड़ धान की फसलें डूब गईं। किसानों ने प्रशासन से जल्द निकासी की मांग की। किसानों का कहना है यदि जल्द निकासी नहीं हुई तो उनकी फसलेंं पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी। इसकी वजह से परिवार के लिए संजोए सपने भी टूट जाएंगे। इलाके में चार-पांच दिन तक लगातार हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। चुलियाणा से खरावड़ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ लगते खेतों में इतना पानी भर गया कि फसलें पूरी तरह पानी में डूब गईं।
क्या कहते हैं किसान
किसान बिल्लू, हरेंद्र, संदीप, अनिल बलजीत, कर्मवीर, मोनू, विनोद, दर्शन ने बताया कि उन्होंने ज्यादातर एरिया में धान की फसलेंं लगा रखी हैं। इसी फसल के सहारे उनकी आजीविका चलती है। यदि समय पर निकासी नहीं हुई तो गेहूं की बिजाई पर भी संकट छा जाएगा।
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प्रशासन से चार पंप लगाने की मांग
खेतों के साथ कोई ड्रेन नहीं लगती है। सिर्फ दुलहेड़ा माइनर लगती है। प्रशासन ने अब एक पंप चालू किया है। माइनर पर लगाया गया है। ज्यादा एरिया होने की वजह से एक पंप से ज्यादा पानी की निकासी नहीं हो रही। किसानों ने प्रशासन से चार पंप लगाने की मांग की है ताकि जल्द पानी की निकासी हो सके और उनकी फसल नष्ट होने से बच सकती है।
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बारिश से गांव में करीब 250 एकड़ धान की फसलें डूब गईं। किसानों ने प्रशासन से जल्द निकासी की मांग की। किसानों का कहना है यदि जल्द निकासी नहीं हुई तो उनकी फसलेंं पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी। इसकी वजह से परिवार के लिए संजोए सपने भी टूट जाएंगे। इलाके में चार-पांच दिन तक लगातार हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। चुलियाणा से खरावड़ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ लगते खेतों में इतना पानी भर गया कि फसलें पूरी तरह पानी में डूब गईं।
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क्या कहते हैं किसान
किसान बिल्लू, हरेंद्र, संदीप, अनिल बलजीत, कर्मवीर, मोनू, विनोद, दर्शन ने बताया कि उन्होंने ज्यादातर एरिया में धान की फसलेंं लगा रखी हैं। इसी फसल के सहारे उनकी आजीविका चलती है। यदि समय पर निकासी नहीं हुई तो गेहूं की बिजाई पर भी संकट छा जाएगा।
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प्रशासन से चार पंप लगाने की मांग
खेतों के साथ कोई ड्रेन नहीं लगती है। सिर्फ दुलहेड़ा माइनर लगती है। प्रशासन ने अब एक पंप चालू किया है। माइनर पर लगाया गया है। ज्यादा एरिया होने की वजह से एक पंप से ज्यादा पानी की निकासी नहीं हो रही। किसानों ने प्रशासन से चार पंप लगाने की मांग की है ताकि जल्द पानी की निकासी हो सके और उनकी फसल नष्ट होने से बच सकती है।