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रोहतक में हादसा: मकान की छत गिरने से 15 साल की लड़की की मौत, 102 साल की दादी बची
Thu, 08 Sep 2022 12:28 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 08 Sep 2022 12:28 PM IST
सार
बैंसी गांव निवासी शेरा ने बताया कि रात को वह बच्चों के साथ अपने कमरे में सोया हुआ था। उसकी 102 साल की मां रामदेवी अंदर वाले कमरे में सो रही थी। 15 साल की बेटी रेनू करीब 12 बजे अपनी दादी के पास जाकर सो गई। थोड़ी देर बाद छत गिरने की आवाज सुनाई दी।
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रोहतक में गिरी मकान की छत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
रोहतक के गांव बैंसी में बुधवार रात को मकान की छत गिर गई। इस हादसे में परिवार की 15 साल की बेटी रेनू की मौत हो गई, जबकि उसकी 102 साल की दादी बच गई। उसकी हालत खतरे से बाहर है। बेटी की मौत से आहत पिता का कहना है कि बेटी ही पूरा घर संभालती थी। उसे डॉक्टर बनाने का सपना देखा था, इसके लिए 11वीं में साइंस के विषय दिलवाए थे, लेकिन पता नहीं था यूं हादसा हो जाएगा।
बैंसी गांव निवासी शेरा ने बताया कि रात को वह बच्चों के साथ अपने कमरे में सोया हुआ था। उसकी 102 साल की मां रामदेवी अंदर वाले कमरे में सो रही थी। 15 साल की बेटी रेनू करीब 12 बजे अपनी दादी के पास जाकर सो गई। थोड़ी देर बाद छत गिरने की आवाज सुनाई दी। अंदर जाकर देखा तो मां पूरी तरह मिट्टी में दबी हुई थी, जबकि रेनू भी घायल थी। दोनों को मलबे से निकालकर पीजीआई ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान रेनू की मौत हो गई। रामदेवी का उपचार चल रहा है।
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बैंसी गांव निवासी शेरा ने बताया कि रात को वह बच्चों के साथ अपने कमरे में सोया हुआ था। उसकी 102 साल की मां रामदेवी अंदर वाले कमरे में सो रही थी। 15 साल की बेटी रेनू करीब 12 बजे अपनी दादी के पास जाकर सो गई। थोड़ी देर बाद छत गिरने की आवाज सुनाई दी। अंदर जाकर देखा तो मां पूरी तरह मिट्टी में दबी हुई थी, जबकि रेनू भी घायल थी। दोनों को मलबे से निकालकर पीजीआई ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान रेनू की मौत हो गई। रामदेवी का उपचार चल रहा है।
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तीन साल पहले हुई थी मां की मौत
शेरा ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं। बेटी की उम्र 15 साल थी, जबकि बेटा पांच साल का है। पत्नी की तीन साल पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। घर में बुजुर्ग मां है। साथ ही एक बहन भी रहती है। बेटी रेनू पूरे घर का ध्यान रखती थी। साथ ही 10वीं के बाद 11वीं कक्षा में मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी। बेटी के जाने से वह पूरी तरह टूट गया है।
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