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Rohtak News: वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में रोहतक की बेटी रीतिका खरकड़ा ने जीता सोना
Sun, 01 Jun 2025 02:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 01 Jun 2025 02:49 AM IST
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31सीटीके26...जयदीप नरवाल।
रोहतक। वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए रोहतक की बेटी पहलवान रीतिका ने शानदार प्रदर्शन करके स्वर्ण पदक जीता। यह प्रतियोगिता मंगोलिया में आयोजित की जा रही है। जिले में ही अभ्यास करने वाली पुष्पा ने रजत व पहलवान जयदीप नरवाल ने कांस्य पदक जीता। कोच मनदीप ने बताया कि फाइनल मैच में रीतिका ने मंगोलिया के खिलाड़ी को 5-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
कोच विजेंद्र ने बताया कि पुष्पा जिले के महादेव अखाड़े में अभ्यास करती हैं, लेकिन मूल रूप से भिवानी की निवासी हैं। महम चौबीसी के गांव खरकड़ा की रीतिका ने खेल की शुरुआत हैंडबॉल से की थी, लेकिन पिता जगबीर हुड्डा ने उनको एकल खेल में भाग लेने की सलाह दी व रीतिका ने पहलवानी को चुना।
माता-पिता व कोच ने हौसला बढ़ाया कुश्ती में की वापसी
उन्होंने कुश्ती की शुरुआत 72 किलोग्राम भारवर्ग में की। उन्होंने दर्जनों मेडल इस वजन में जीते, लेकिन यह भारवर्ग ओलंपिक में न होने के कारण 76 किग्रा में खेलना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने संघर्ष किया, कई प्रतियोगिताओं में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ा। यहां से वह इस कदर निराश हो गई कि मैट को छोड़ने का ही मन बना लिया, लेकिन माता-पिता व कोच ने हौसला बढ़ाया तो रीतिका ने शानदार वापसी की और कीर्तिमान बनाया।
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पिता जगबीर हुड्डा ने बताया कि पदक जीतने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। रीतिका जिले के छोटूराम स्टेडियम में कोच मनदीप के पास अभ्यास करती हैं। उन्होंने बताया कि 2024 विश्व सैन्य प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। 2024 में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
जयदीप की जीत से गांव में खुशी का माहौल
वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में पहलवान जयदीप की जीत से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। वह मूलरूप से सोनीपत जिले के गांव बनवासा के रहने वाले हैं, लेकिन मेहर सिंह अखाड़े में अभ्यास करते हैं। सीनियर कोच रणबीर सिंह ढाका, सीनियर कोच रवि अहलावत, अखाड़ा संचालक मोहित मलिक, रिटायर कैप्टन धर्मवीर हुड्डा, कोच जयवीर हुड्डा, कोच हरदीप सिंह रोज, कोच सोनू कुमार, कोच रिंकू राठी व गुरु मेहर सिंह अखाड़ा टीम ने विजेता खिलाड़ी को बधाई दी।
जयदीप के पिता विरेंद्र खेती करते हैं व मां शीला गृहिणी हैं। दो बड़ी बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। जयदीप ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उसके सपनों को कभी दबने नहीं दिया। उन्होंने बताया 2012 में अपने चचेरे भाई संसार को देखकर इस खेल में कदम रखा था।
जयदीप की उपलब्धियां
वर्ष 2023 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक, 2021 में कैडेट वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य, 2022 जूनियर एशियन चैंपियनशिप में रजत, 2023 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य, 2024 अंडर-23 एशिया चैंपियनशिप में रजत, 2024 में नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। 12 बार हरियाणा कुमार का खिताब जीत चुका है।
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कोच विजेंद्र ने बताया कि पुष्पा जिले के महादेव अखाड़े में अभ्यास करती हैं, लेकिन मूल रूप से भिवानी की निवासी हैं। महम चौबीसी के गांव खरकड़ा की रीतिका ने खेल की शुरुआत हैंडबॉल से की थी, लेकिन पिता जगबीर हुड्डा ने उनको एकल खेल में भाग लेने की सलाह दी व रीतिका ने पहलवानी को चुना।
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माता-पिता व कोच ने हौसला बढ़ाया कुश्ती में की वापसी
उन्होंने कुश्ती की शुरुआत 72 किलोग्राम भारवर्ग में की। उन्होंने दर्जनों मेडल इस वजन में जीते, लेकिन यह भारवर्ग ओलंपिक में न होने के कारण 76 किग्रा में खेलना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने संघर्ष किया, कई प्रतियोगिताओं में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ा। यहां से वह इस कदर निराश हो गई कि मैट को छोड़ने का ही मन बना लिया, लेकिन माता-पिता व कोच ने हौसला बढ़ाया तो रीतिका ने शानदार वापसी की और कीर्तिमान बनाया।
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पिता जगबीर हुड्डा ने बताया कि पदक जीतने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। रीतिका जिले के छोटूराम स्टेडियम में कोच मनदीप के पास अभ्यास करती हैं। उन्होंने बताया कि 2024 विश्व सैन्य प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। 2024 में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
जयदीप की जीत से गांव में खुशी का माहौल
वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में पहलवान जयदीप की जीत से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। वह मूलरूप से सोनीपत जिले के गांव बनवासा के रहने वाले हैं, लेकिन मेहर सिंह अखाड़े में अभ्यास करते हैं। सीनियर कोच रणबीर सिंह ढाका, सीनियर कोच रवि अहलावत, अखाड़ा संचालक मोहित मलिक, रिटायर कैप्टन धर्मवीर हुड्डा, कोच जयवीर हुड्डा, कोच हरदीप सिंह रोज, कोच सोनू कुमार, कोच रिंकू राठी व गुरु मेहर सिंह अखाड़ा टीम ने विजेता खिलाड़ी को बधाई दी।
जयदीप के पिता विरेंद्र खेती करते हैं व मां शीला गृहिणी हैं। दो बड़ी बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। जयदीप ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उसके सपनों को कभी दबने नहीं दिया। उन्होंने बताया 2012 में अपने चचेरे भाई संसार को देखकर इस खेल में कदम रखा था।
जयदीप की उपलब्धियां
वर्ष 2023 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक, 2021 में कैडेट वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य, 2022 जूनियर एशियन चैंपियनशिप में रजत, 2023 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य, 2024 अंडर-23 एशिया चैंपियनशिप में रजत, 2024 में नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। 12 बार हरियाणा कुमार का खिताब जीत चुका है।

31सीटीके26...जयदीप नरवाल।

31सीटीके26...जयदीप नरवाल।