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छह दिनों बाद आज से खुलेंगे सभी निजी स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 11 May 2016 02:09 AM IST
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स्कूल जाते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
जिले के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। करीब छह दिन बंद रहने के बाद निजी स्कूल बुधवार से खुलेंगे। इससे जिले के 350 से अधिक निजी स्कूलों में पढ़ रहे 19 हजार बच्चे स्कूल जा सकेंगे। इस तरह उन बच्चों की पढ़ाई सुचारू हो सकेगी जिनके मां बाप ने स्कूल को पूरी फीस दे रखी है। हालांकि, निजी स्कूलों का साफ कहना है कि वह नियम 134ए के तहत बच्चों को दाखिला नहीं देंगे। निजी स्कूलों के संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार बकाया भुगतान नहीं करती बच्चों को दाखिला नहीं दिया जाएगा।
बता दें कि नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों के दाखिले के लिए सरकार और निजी स्कूलों की रार में वे बच्चे भी पिस रहे हैं, जिनके अभिभावकों ने निजी स्कूलों को पूरी फीस दे रखी है। छह दिन की बंदी के बाद बुधवार से निजी स्कूल खुल रहे हैं। इससे कम से कम वे बच्चे तो पढ़ सकेंगे जिनके मां बाप ने स्कूलों को पूरी फीस दे रखी है। फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को भी कुछ स्कूल खोले गए थे, जिसमें स्कूलों के टीचरों और अन्य स्टाफ को बुलाया गया था। एसोसिएशन के स्टेट सेक्रेटरी विजय टिटौली ने बताया कि बच्चों के भविष्य के संबंध में वह भी चिंतित हैं। इसीलिए बुधवार से जिले के सभी निजी स्कूल खोल दिए जाएंगे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए अतिरिक्त क्लॉस लगाएंगे।
तीन साल में साढ़े तीन 3.5 हजार को दाखिला
नियम 134ए के तहत पिछले तीन साल में जिले में लगभग 3.5 हजार बच्चों को दाखिला दिया गया है। पदाधिकारियों के अनुसार, हर साल 1200 से 1500 के बीच बच्चों को दाखिला दिया गया है।
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बता दें कि नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों के दाखिले के लिए सरकार और निजी स्कूलों की रार में वे बच्चे भी पिस रहे हैं, जिनके अभिभावकों ने निजी स्कूलों को पूरी फीस दे रखी है। छह दिन की बंदी के बाद बुधवार से निजी स्कूल खुल रहे हैं। इससे कम से कम वे बच्चे तो पढ़ सकेंगे जिनके मां बाप ने स्कूलों को पूरी फीस दे रखी है। फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को भी कुछ स्कूल खोले गए थे, जिसमें स्कूलों के टीचरों और अन्य स्टाफ को बुलाया गया था। एसोसिएशन के स्टेट सेक्रेटरी विजय टिटौली ने बताया कि बच्चों के भविष्य के संबंध में वह भी चिंतित हैं। इसीलिए बुधवार से जिले के सभी निजी स्कूल खोल दिए जाएंगे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए अतिरिक्त क्लॉस लगाएंगे।
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तीन साल में साढ़े तीन 3.5 हजार को दाखिला
नियम 134ए के तहत पिछले तीन साल में जिले में लगभग 3.5 हजार बच्चों को दाखिला दिया गया है। पदाधिकारियों के अनुसार, हर साल 1200 से 1500 के बीच बच्चों को दाखिला दिया गया है।
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