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Rohtak News: मलेरिया उन्मूलन की राह पर रोहतक, डेंगू का खतरा बरकरार
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सिविल सर्जन कार्यालय में चिकित्सकों के साथ बैठक करते सीएमओ डॉ. अनिल बिरला। स्रोत: स्वास्थ्य वि
रोहतक। गर्मी के साथ मक्खी-मच्छरों से फैलने वाले संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसमें मलेरिया व डेंगू मुख्य हैं। पिछले चार के आंकड़ों पर नजर डालें तो मलेरिया फैलाने वाली मादा एनाफ्लीज से खतरा कम हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान का असर कहें या शिक्षा का प्रसार, मगर मलेरिया केस इकाई के अंक से ऊपर नहीं गए हैं। यही वजह है कि जिला मलेरिया उन्मूलन की ओर बढ़ रहा है। इसके विपरीत डेंगू नई चुनौती बनकर उभरा है। पिछले कुछ वर्षों में डेंगू केस लगातार बढ़ रहे हैं। यह स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता का विषय बना हुआ है।
पिछले चार वर्षों में मलेरिया संक्रमित केस छह से कम होकर तीन रह गए हैं जबकि वर्ष 2021 में ये केस शून्य रहे। इकाई में अंक मलेरिया केसों का रहना जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के समान है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का प्रयास इस संख्या को शून्य करना है। यह स्थिति लगातार तीन वर्ष रहने पर ही रोहतक मलेरिया एलिमनेट जिला कहलाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल यह लक्ष्य वर्ष 2030 रखा है। जबकि जिला इससे पहले ही मलेरिया मुक्त होने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
इधर, डेंगू के केसों में वृद्धि स्वास्थ्य विभाग की चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में यह संख्या बढ़ी है। डेंगू केस जिले में 200 से 500 के बीच रहे हैं। इसमें वर्ष 2021 में सबसे अधिक 469 डेंगू केस रहे। स्वास्थ्य मलेरिया की तरह डेंगू की रोकथाम को लेकर भी प्रयासरत है। इसी कड़ी में लार्वा विरोधी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। लोगों को मच्छर जनित रोगों से अवगत कराते हुए लार्वा नहीं पनपने देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जोहड़ों व गड्ढों में जमा रहने वाले पानी में मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही हैं।
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मच्छरों से निजात के लिए आज मनाया जाएगा स्वच्छता दिवस
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने 25 अप्रैल को लोगों से विश्व मलेरिया दिवस पर मच्छरों से बचाव के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। इस संबंध में बुधवार को अपने कार्यालय में चिकित्सकों के साथ बैठक भी की। यहां मच्छरों को नहीं पनपने देने के संबंध में जरूरी जानकारी भी दी गई। साथ ही सप्ताह में एक दिन ड्राइंग डे के रूप में अवश्य मनाने की अपील की। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग वीरवार को नितानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ड्राइंग कंपटीशन व करोथा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नुक्कड़ नाटक के साथ ड्राइंग कंपटीशन करा रहा है। इसका उद्देश्य आम जन तक जागरूकता संदेश पहुंचाना है।
मच्छर जनित रोगों पर अंकुश लगाया जा सकता है। इसके लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। विभाग लोगों को जागरूक बनाने पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में लार्वा विरोधी गतिविधियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। जिला मलेरिया एलिमनेट करने की दिशा में बढ़ रहा है। डेंगू को भी इसी तरह समाप्त किया जा सकता है। इसमें जन सहयोग जरूरी है।
डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।
आंकड़ों से समझें स्थिति
वर्ष डेंगू मलेरिया स्लाइड
2020 221 06 112979
2021 469 00 133775
2022 254 03 156017
2023 304 03 170530
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पिछले चार वर्षों में मलेरिया संक्रमित केस छह से कम होकर तीन रह गए हैं जबकि वर्ष 2021 में ये केस शून्य रहे। इकाई में अंक मलेरिया केसों का रहना जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के समान है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का प्रयास इस संख्या को शून्य करना है। यह स्थिति लगातार तीन वर्ष रहने पर ही रोहतक मलेरिया एलिमनेट जिला कहलाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल यह लक्ष्य वर्ष 2030 रखा है। जबकि जिला इससे पहले ही मलेरिया मुक्त होने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
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इधर, डेंगू के केसों में वृद्धि स्वास्थ्य विभाग की चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में यह संख्या बढ़ी है। डेंगू केस जिले में 200 से 500 के बीच रहे हैं। इसमें वर्ष 2021 में सबसे अधिक 469 डेंगू केस रहे। स्वास्थ्य मलेरिया की तरह डेंगू की रोकथाम को लेकर भी प्रयासरत है। इसी कड़ी में लार्वा विरोधी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। लोगों को मच्छर जनित रोगों से अवगत कराते हुए लार्वा नहीं पनपने देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जोहड़ों व गड्ढों में जमा रहने वाले पानी में मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही हैं।
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मच्छरों से निजात के लिए आज मनाया जाएगा स्वच्छता दिवस
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने 25 अप्रैल को लोगों से विश्व मलेरिया दिवस पर मच्छरों से बचाव के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। इस संबंध में बुधवार को अपने कार्यालय में चिकित्सकों के साथ बैठक भी की। यहां मच्छरों को नहीं पनपने देने के संबंध में जरूरी जानकारी भी दी गई। साथ ही सप्ताह में एक दिन ड्राइंग डे के रूप में अवश्य मनाने की अपील की। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग वीरवार को नितानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ड्राइंग कंपटीशन व करोथा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नुक्कड़ नाटक के साथ ड्राइंग कंपटीशन करा रहा है। इसका उद्देश्य आम जन तक जागरूकता संदेश पहुंचाना है।
मच्छर जनित रोगों पर अंकुश लगाया जा सकता है। इसके लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। विभाग लोगों को जागरूक बनाने पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में लार्वा विरोधी गतिविधियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। जिला मलेरिया एलिमनेट करने की दिशा में बढ़ रहा है। डेंगू को भी इसी तरह समाप्त किया जा सकता है। इसमें जन सहयोग जरूरी है।
डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।
आंकड़ों से समझें स्थिति
वर्ष डेंगू मलेरिया स्लाइड
2020 221 06 112979
2021 469 00 133775
2022 254 03 156017
2023 304 03 170530