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यूक्रेन में फंसे एमबीबीएस कर रहे रोहतक के छात्र, विदेश मंत्रालय से लेकर सांसद तक लगा चुके घर लाने की गुहार
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28 सीटीवाई 06वीकेपी: अनुवाक चौधरी यूक्रेन में अपने साथी भारतीय छात्रों के साथ।
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। एमबीबीएस करने यूक्रेन गए देश के सैंकड़ों छात्र कोरोना के कारण वहां फंस गए हैं। इसमेें रोहतक के भी दर्जनों छात्र हैं, जिनमें एक तहसीलदार का बेटा, एक भाजपा नेता का और एक आयुर्वेदिक अधिकारी का। अलग-अलग विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों ने विदेश मंत्रालय से लेकर रोहतक के सांसद तक को ई-मेल भेजकर यूक्रेन से वतन लाने की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है।
भाजपा नेता डॉक्टर दिनेश घिलौड़ ने बताया कि उसका बेटा अनुवाक चौधरी दो साल से यूक्रेन की जफरोसिया स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस का कोर्स कर रहा है। वह फिलहाल द्वितीय वर्ष का छात्र है। डॉ. दिनेश ने दावा किया कि अनुवाक के अलावा रोहतक से दर्जनों और भी छात्र हैं, जो यूक्रेन की अलग-अलग विवि में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार से उनकी मांग है कि छात्रों को यूक्रेन से निकाल कर सकुशल वतन लाया जाए।
अंकल, तेजी से फैल रहा यूक्रेन में कोरोना, लगने लगा है डर
अनुवाक ने यूक्रेन से बातचीत में बताया कि भारत से यहां 10 से 12 हजार छात्र अलग-अलग विवि में पढ़ाई कर रहे हैं। ज्यादातर दक्षिण भारत से हैं। मार्च माह में जब पीएम मोदी ने भारत में लॉकडाउन किया, उसके तीन दिन बाद यहां भी लॉकडाउन हो गया था। यूक्रेन की आबादी करीब 4 करोड़ है, लेकिन कोरोना मरीजों की संख्या 8 हजार के पास बताई गई है। जबकि भारत में 1 अरब 30 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या होने के बावजूद कोरोना की इतनी रफ्तार नहीं है। उन्होंने 22 जून की फ्लाइट बुक करवा रखी थी, लेकिन कोरोना के कारण अब पढ़ाई भी बंद हो गई। विवि ऑनलाइन होमवर्क भेेेजते हैं। दूसरा, जब वे बाजार में सामान लेने जाते हैं तो लोग कोरोना को गंभीरता से नहीं लेते। इस कारण वे जल्दी अपने वतन लौटना चाहते हैं।
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सांसद डॉ.अरविंद शर्मा का आया था जवाब
अनुवाक ने बताया कि उसने विदेश मंत्रालय व सांसद रोहतक डॉ. अरविंद शर्मा को ई-मेल करके यहां से निकलवाने की व्यवस्था करने की मांग की थी। सांसद का जवाब भी आया था कि उन्होंने विदेश मंत्रालय को पत्र भेज दिया है, लेकिन यूक्रेन सरकार या विवि प्रशासन कोई जवाब नहीं दे रहा है।
गृह मंत्रालय ने डीसी से मांगा विदेश में पढ़ रहे छात्रों का ब्योरा
गृह मंत्रालय की तरफ से सभी जिलों के डीसी से पत्र भेजकर उन छात्रों का ब्योरा मांगा गया है, जो विदेश में पढ़ने गए हैं। मंगलवार को डीसी ने भी एसपी रोहतक व सीटीएम को पत्र भेजकर ब्योरा एकत्रित करने के लिए कहा है। गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि विदेशों में छात्र पढ़ने गए थे, लेकिन कोरोना महामारी के कारण विदेशों से फ्लाइंट बंद हैं। फिर भी जिला स्तर पर प्रशासन ऐसे छात्रों का ब्योरा भेजे, जो वापस लौटना चाहते हैं।
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भाजपा नेता डॉक्टर दिनेश घिलौड़ ने बताया कि उसका बेटा अनुवाक चौधरी दो साल से यूक्रेन की जफरोसिया स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस का कोर्स कर रहा है। वह फिलहाल द्वितीय वर्ष का छात्र है। डॉ. दिनेश ने दावा किया कि अनुवाक के अलावा रोहतक से दर्जनों और भी छात्र हैं, जो यूक्रेन की अलग-अलग विवि में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार से उनकी मांग है कि छात्रों को यूक्रेन से निकाल कर सकुशल वतन लाया जाए।
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अंकल, तेजी से फैल रहा यूक्रेन में कोरोना, लगने लगा है डर
अनुवाक ने यूक्रेन से बातचीत में बताया कि भारत से यहां 10 से 12 हजार छात्र अलग-अलग विवि में पढ़ाई कर रहे हैं। ज्यादातर दक्षिण भारत से हैं। मार्च माह में जब पीएम मोदी ने भारत में लॉकडाउन किया, उसके तीन दिन बाद यहां भी लॉकडाउन हो गया था। यूक्रेन की आबादी करीब 4 करोड़ है, लेकिन कोरोना मरीजों की संख्या 8 हजार के पास बताई गई है। जबकि भारत में 1 अरब 30 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या होने के बावजूद कोरोना की इतनी रफ्तार नहीं है। उन्होंने 22 जून की फ्लाइट बुक करवा रखी थी, लेकिन कोरोना के कारण अब पढ़ाई भी बंद हो गई। विवि ऑनलाइन होमवर्क भेेेजते हैं। दूसरा, जब वे बाजार में सामान लेने जाते हैं तो लोग कोरोना को गंभीरता से नहीं लेते। इस कारण वे जल्दी अपने वतन लौटना चाहते हैं।
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सांसद डॉ.अरविंद शर्मा का आया था जवाब
अनुवाक ने बताया कि उसने विदेश मंत्रालय व सांसद रोहतक डॉ. अरविंद शर्मा को ई-मेल करके यहां से निकलवाने की व्यवस्था करने की मांग की थी। सांसद का जवाब भी आया था कि उन्होंने विदेश मंत्रालय को पत्र भेज दिया है, लेकिन यूक्रेन सरकार या विवि प्रशासन कोई जवाब नहीं दे रहा है।
गृह मंत्रालय ने डीसी से मांगा विदेश में पढ़ रहे छात्रों का ब्योरा
गृह मंत्रालय की तरफ से सभी जिलों के डीसी से पत्र भेजकर उन छात्रों का ब्योरा मांगा गया है, जो विदेश में पढ़ने गए हैं। मंगलवार को डीसी ने भी एसपी रोहतक व सीटीएम को पत्र भेजकर ब्योरा एकत्रित करने के लिए कहा है। गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि विदेशों में छात्र पढ़ने गए थे, लेकिन कोरोना महामारी के कारण विदेशों से फ्लाइंट बंद हैं। फिर भी जिला स्तर पर प्रशासन ऐसे छात्रों का ब्योरा भेजे, जो वापस लौटना चाहते हैं।