फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Rohtak Lok Sabha seat, Deepender got third biggest victory in 72 years, failed to break his own record

रोहतक लोकसभा सीट: 72 साल में दीपेंद्र को तीसरी बड़ी जीत मिली, अपना ही रिकाॅर्ड तोड़ने से चूके; ये समीकरण बने

Wed, 05 Jun 2024 02:00 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 05 Jun 2024 02:00 PM IST
सार

रोहतक लोकसभा सीट प्रदेश की सबसे हॉट सीट है। यहां कांग्रेस व भाजपा ने जीत हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रखा था। रोहतक का रण जीतने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के परिवार ने पूरा जोर लगा दिया। वहीं, इस सीट को जीतने के लिए भाजपा ने पूरा जोर लगाया।

विज्ञापन
Rohtak Lok Sabha seat, Deepender got third biggest victory in 72 years, failed to break his own record
दीपेंद्र हुड्डा और सतपाल ब्रह्मचारी - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रदेश की रोहतक सीट पर भाजपा की कांग्रेस के जाट वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति उल्टी पड़ गई। जाट मतदाताओं ने एकजुट होकर कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा को वोट दिया जबकि दूसरी तरफ गैर जाट वोट बैंक बिखर गया। 72 साल के चुनावी इतिहास में दीपेंद्र हुड्डा ने मत प्रतिशत के हिसाब से तीसरी सबसे बड़ी जीत हासिल की। हालांकि वे अपने 2009 के 69 प्रतिशत वोट हासिल करने के रिकाॅर्ड को तोड़ नहीं सके।

विज्ञापन


रोहतक लोकसभा सीट प्रदेश की सबसे हॉट सीट है। यहां कांग्रेस व भाजपा ने जीत हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रखा था। रोहतक का रण जीतने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के परिवार ने पूरा जोर लगा दिया। पांच साल पहले रोहतक शहर, कलानौर, बहादुरगढ़ व कोसली में हार मिली थी, वहीं जमकर चुनाव प्रचार किया। परिणाम यह रहा कि संसदीय क्षेत्र के नौ हलकों में कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा जीतने में कामयाब रहे। भाजपा के ट्रंप कार्ड कोसली व रोहतक शहर में भी कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हुई है। एक भी राउंड में भाजपा प्रत्याशी डाॅ. अरविंद शर्मा आगे नहीं निकल सके।
विज्ञापन


बिजली-पानी, सीवर जैसी बुनियादी मुद्दों पर घिरी भाजपा
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने जहां बिजली, पानी, सीवर व दूसरी बुनियादी समस्याओं चुनाव में मुद्दा बनाया, जबकि भाजपा मोदी के नाम पर वोट मांगती रही। 10 साल केंद्र व साढ़े 9 साल प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद भाजपा स्थानीय मुद्दों पर कांग्रेस के सवालों का जवाब नहीं दे सकी। ऐसे में शहरी मतदाता भी कांग्रेस की ओर आकर्षित हुए जबकि ग्रामीण क्षेत्र में पहले ही किसान आंदोलन के नाम पर भाजपा का विरोध हो रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा नहीं लगा सकी जाट वोट बैंक में सेंध, कांग्रेस नॉन-जाट का विश्वास जीतने में रही कामयाब
रोहतक सीट पर पांच साल पहले भाजपा ने जाट व नॉन जाट के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था। परिणाम यह हुआ कि कोसली व रोहतक से भाजपा प्रत्याशी को अच्छी बढ़त मिली। अबकी बार भाजपा ने रणनीति बदली और जाट वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास किया। न केवल दिल्ली बाईपास के एक निजी बैंक्वेट हाॅल में समुदाय विशेष के युवाओं का सम्मेलन बुलाया, बल्कि गढ़ी सांपला-किलोई हलके की जसिया रैली में मंच से जाट समुदाय को आकर्षित करने के लिए समाज के लिए किए गए कार्यों को गिनाया। इसके बावजूद हलके से कांग्रेस 77 हजार वोट से लीड लेने में कामयाब हुई है जबकि कोसली व रोहतक शहर में भी भाजपा जीत नहीं सकी।

भाजपा केंद्रीय नेता भी नहीं जिता सके रोहतक का रण
रोहतक की सीट जीतने के लिए भाजपा ने पूरा जोर लगाया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने झज्जर में रैली की जबकि मध्यप्रदेश प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव कोसली, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बहादुरगढ़, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी समरगोपालपुर व केंद्रीय नेता नितिन गडकरी कोसली में आए। इसके बावजूद भाजपा को करारी हार मिली।


प्रदेश की राजनीति पर पड़ेगा असर
रोहतक में शानदार जीत का प्रदेश की सियासत पर असर पड़ेगा क्योंकि लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का न केवल कांग्रेस, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी कद बढ़ा है। एसआरके गुट जहां सिरसा तक सीमित रहा, वहीं हुड्डा ने सिरसा को छोड़कर पूरे प्रदेश में कांग्रेस के लिए प्रचार किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed