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रोहतक जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड: छह हत्याओं का आरोपी कोच व पूर्व फौजी दोषी करार, 21 फरवरी को सुनाई जाएगी सजा
Mon, 19 Feb 2024 01:11 PM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Mon, 19 Feb 2024 01:11 PM IST
सार
रोहतक के जाट कॉलेज अखाड़ा में 12 फरवरी 2021 को छह लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में कोर्ट ने सुखविंदर और मनोज को दोषी करार दिया है। अदालत 21 फरवरी को बहस के बाद सजा सुनाएगी।
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दोषी कोच सुखविंदर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रोहतक जाट कॉलेज के बहुचर्चित अखाड़ा हत्याकांड में आरोपी कुश्ती कोच सोनीपत जिले के गांव रिंढाणा निवासी सुखविंदर व हथियार सप्लाई करने के दोषी पूर्व सैनिक मनोज निवासी मुजफ्फरनगर, यूपी को दोषी करार दिया है। एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत 21 फरवरी को बहस के बाद सजा सुनाएगी। पीड़ित पक्ष के वकील जय हुड्डा ने बताया कि वकीलों का वर्क सस्पेंड होने के कारण सोमवार को सजा पर बहस नहीं हो सकी।
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हुड्डा ने बताया कि जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड 12 फरवरी 2021 को हुआ था। उस दिन सात लोगों को गोली मारी गई थी। मुख्य कोच मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, मांडोठी निवासी कोच सतीश, मोखरा निवासी प्रदीप व महिला पहलवान यूपी की मथुरा निवासी पूजा तोमर की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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मनोज के बेटे चार वर्षीय सरताज ने बाद में दम तोड़ दिया था। अखाड़े के बाहर गोली लगने से घायल हुए निडाना निवासी अमरजीत को गंभीर हालत में गुरुग्राम ले जाया गया था। यहां उनकी जान बच गई थी। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी।
तेजी से हुई गवाही, हर सप्ताह दो गवाह पेश
छह लोगों की हत्या व एक पर जानलेवा हमले के मामले की एक साल से तेजी से सुनवाई चल रही थी। ज्यादातर समय अदालत में हर सप्ताह दो दिन गवाही की प्रक्रिया हुई। आरोपी पक्ष अदालत में पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सका, जबकि पीड़ित पक्ष के लोगों ने ठोस गवाही दी।
करनाल से रोहतक लेकर पहुंची पुलिस
आरोपी कोच सुखविंदर को गिरफ्तारी के बाद कभी जमानत नहीं मिली। उसे सुनवाई के दौरान भी कोर्ट में पेशी पर नहीं लाया जाता था। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही अदालत में सुनवाई होती थी। सोमवार को सजा के चलते पुलिस की एक टीम आरोपी कोच को करनाल जेल से रोहतक लेकर पहुंची। अब दोषी करार देने के बाद आरोपी को रोहतक जेल में ही रखा गया है। साथ ही अदालत ने जेल अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की हिदायत दी है।