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कमिश्नर और आईजी संग जाट नेताओं की चार घंटे की बैठक में भी नहीं बनी बात

Mon, 13 Jun 2016 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Mon, 13 Jun 2016 02:18 AM IST
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लघु सचिवालय में हुई मीटिंग में रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, झज्जर से पहुंचे जाट नेता - फोटो : amar ujala
आरक्षण समेत अन्य मांगों को लेकर कई जिलों में चल रहे जाट समाज के धरने को खत्म कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों संग जाट नेताओं की रविवार को मीटिंग हुई। लघु सचिवालय में चार घंटे तक चली मैराथन बैठक में कोई समाधान नहीं निकल पाया। अधिकारियों ने सभी जिलों में कमेटी बनाकर उनसे बातचीत करने के साथ ही किसी की गिरफ्तारी नहीं होने का आश्वासन दिया। लेकिन जाट नेताओं ने सभी मांग मानने के साथ ही लिखित में आश्वासन देने की बात कही, जिससे अधिकारियों ने इनकार कर दिया। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत सकारात्मक होने का दावा किया है और जल्द समाधान होने की बात कही है।
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कमिश्नर चंद्र प्रकाश की अध्यक्षता में रविवार को प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मीटिंग रखी गई, जिसमें रोहतक, सोनीपत, करनाल, पानीपत, झज्जर के जाट समाज के नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया गया था। बैठक में आईजी संजय कुमार, डीसी अतुल कुमार, एसपी शशांक आनंद, एडीसी प्रदीप कुमार, एएसपी हिमांशु गर्ग, एसडीएम मुनीश नागपाल शामिल रहे। मीटिंग दोपहर को 2 बजे शुरू हुई जो शाम 6 बजे तक चली। बैठक में कमिश्नर ने जाट नेताओं की धरनास्थल पर शांति बनाए रखने के लिए तारीफ की। साथ ही धरना खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मजबूती से आरक्षण मामले की कोर्ट में पैरवी का निर्णय लिया है। सरकार कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे को जल्द से जल्द हटवाना चाहती है, जिससे बच्चों को कालेज में एडमिशन में परेशानी न हो।
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दूसरी ओर जाट समाज के नेताओं ने आरक्षण मामले में कोर्ट में जोरदार पैरवी के साथ ही युवाओं की जेल से रिहाई, मुकदमे खत्म करने, किसी की गिरफ्तारी नहीं कराने संबंधी मांगें रखी। जिस पर आईजी संजय कुमार ने कहा कि पुलिस किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं करेगी। अभी किसी की गिरफ्तारी भी नहीं होगी। यदि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो इसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि उसका समाधान किया जा सके। किसी निर्दोष की नामजदगी हुई तो उससे संबंधित सबूत देने पर दोबारा जांच कराई जा सकती है। बैठक में जाट नेताओं ने सभी आश्वासन लिखित में देने की बात रखी। उनका कहना था कि पहले भी कई बार वादे किए गए, लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया। लिखित में आश्वासन देने से प्रशासन पीछे हट गया, जिससे बात नहीं बन सकी।
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बैठक में रोहतक से शीशपाल बेनीवाल एडवोकेट, उमेद सिंह प्रधान, राजसिंह नरवाल, राजसिंह आसन, जयपाल सिंह जसिया, देवेंद्र जसिया, मन्नू आंवली, सुंदर सिंह, श्रीकृष्ण रूड़की, ओमप्रकाश खिड़वाली, उमेद सिंह पूर्व सरपंच रिठाल, सीरी देशवाल, कृष्ण लाल हुड्डा, करनाल से नफे सिंह मान, सतबीर सिंह, पानीपत से सतबीर सिंह, सूरत सिंह, करण सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुरेश बेनीवाल, दिलबाग सिंह, रणधीर सिंह, सुरेंद्र, सोनीपत से सत्यवान नरवाल, रणबीर, उमेद सिंह, मूलचंद दहिया, रामकुमार, रणबीर सिंह, मामन सिंह, आजाद लठवाल, डा. राजेश दहिया, जगत सिंह, दिलबाग सिंह, झज्जर से नवीन राहड एडवोकेट, सुरेश फौगाट, दिलबाग सिंह दलाल, कश्मीर सिंह जाखड़ आदि मौजूद रहे।

जिलेवार कमेटी से अलग-अलग बात करेंगे अधिकारी

कमिश्नर चंद्रप्रकाश ने जाट नेताओं से कहा कि वह अपने-अपने जिलों में कमेटी का गठन करें और अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखें। इसके बाद झज्जर के लिए मंगलवार, सोनीपत के लिए बुधवार, पानीपत के लिए बृहस्पतिवार का दिन तय किया गया है। रोहतक के जाट नेताओं ने धरनास्थल पर बातचीत करके बताया कि वह शुक्रवार को अधिकारियों से बातचीत करेंगे।


प्रशासन का दावा, आज संदेश भेजेंगे जाट नेता

प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि जाट नेताओं ने धरने के संबंध में सोमवार दोपहर तक बातचीत करके संदेश भेजने के लिए कहा है। जाटों ने प्रशासन को धरनास्थल पर शांति बनाए रखने का भी आश्वासन दिया है। अधिकारियों के साथ मीटिंग में जाट नेताओं ने एक-एक करके अपने विचार रखे और मांगों से अवगत कराया।

जाट समाज की मांगें

आंदोलन में शहीद हुए युवाओं के परिजनों को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए
जेलों में बंद युवाओं को रिहा किया जाए, मुकदमे खत्म हों और नया केस न हो
पुलिस की भर्ती में आंदोलनरत युवाओं को आवेदन करने की छूट दी जाए
छोड़े जाने तक अलग-अलग जेलों में बंद युवाओं को एक साथ रखा जाए
जसिया धरने में शामिल होने वाले सरपंचों को सस्पेंड करने की धमकी ना दी जाए
भड़काऊ भाषण देने वाले सांसद, पूर्व विधायक और अन्य पर कार्रवाई की जाए
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