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जसिया में जाट समाज का धरना 15वें दिन खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 20 Jun 2016 01:57 AM IST
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समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने धरने पर पहुंचकर की घोषणा
- फोटो : amar ujala
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर जसिया चौक पर चल रहा जाट समाज का धरना 15वें दिन खत्म कर दिया गया। दिल्ली में सरकार के प्रतिनिधियों से हुई वार्ता के बाद समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने रविवार को धरनास्थल पहुंचकर धरना खत्म करने की घोषणा की। इस मौके पर सरकार को चेताया कि 31 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 13 सितंबर को फिर से जसिया चौक पर धरना शुरू कर दिया जाएगा। इस पर सभी ने एकजुट होकर सहमति जताई।
शनिवार को दिल्ली में हुई वार्ता के बाद प्रदेश में चल रहे धरनों को खत्म कराने पर सहमति बनी थी, लेकिन जसिया में चल रहे धरने पर जाटों की अधिक भीड़ को देखते हुए आयोजकों ने अपने स्तर पर धरना खत्म कराने की घोषणा नहीं की थी। दूसरे स्थानों से धरने खत्म कराने के बाद रविवार दोपहर यशपाल मलिक दलबल के साथ जसिया पहुंचे। दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे मलिक धरने पर आए तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। इससे पहले मलिक कोई भी फैसला सुनाते मंच पर अन्य वक्ताओं ने अपनी बातें उनकी सामने रखी। भीड़ ने एकसाथ कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच पर आते ही काफी देर तक धरनारत लोगों की नब्ज टटोली। इसके बाद सरकार के साथ हुई वार्ता के विभिन्न बिंदुओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जाटों की मांग मानने को तैयार है, लेकिन इसके लिए 31 अगस्त तक का समय लिया है। सरकार के अनुरोध पर 31 अगस्त तक का समय दिया गया है, यदि इस अवधि में मांगें पूरी नहीं हुईं तो 13 सितंबर को फिर से जसिया में धरना शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने एक-एक बातों पर धरनारत लोगों को राजी किया, जिसके बाद खुले मंच से धरना खत्म कराने की घोषणा की गई। धरना खत्म होते ही सभी अपने-अपने घर चले गए। हालांकि देर शाम तक धरनास्थल से टेंट नहीं उखाड़ा गया था।
जूस पिलाकर खत्म कराई भूख हड़ताल
धरना खत्म होने की घोषणा के बाद यशपाल मलिक ने भूख हड़ताल पर बैठे छह लोगों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। उन्होंने समाज के लिए भूख हड़ताल पर बैठने वालों की हौसला आफजाई करते हुए उन्हें बधाई दी।
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इन मांगों पर बनीं सहमति
- जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट ने स्टे दिया है। इसके लिए सरकार जोरदार पैरवी करेगी।
- जेलों में बंद लोगों के परिजन अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दें, जिसकी दोबारा जांच होगी और निर्दोषों को बाहर निकाला जाएगा।
- सरकार 15-20 दिन में मुकदमा खत्म कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
- वार्ता के बाद अब कोई भी नई गिरफ्तारी नहीं होगी।
- सरकार 15 दिन के अंदर हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा देगी।
- 5 जून के धरनों को लेकर एक हजार लोगों पर दर्ज केस खत्म होंगे।
- आंदोलन के दौरान हिंसा का षडयंत्र रचने वाले सांसद राजकुमार सैनी की ओबीसी ब्रिगेड द्वारा जाट समाज के महापुरूषों की मूर्तियों को खण्डित करने वाले तथा जाट धर्मशालाओं व उनके प्रतिष्ठानों पर हमला करने वालों पर कार्रवाई हो।
नोट : दिल्ली में हुई वार्ता के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने धरने पर पहुंचकर लोगों को इन मांगों पर आश्वासन की जानकारी दी।
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शनिवार को दिल्ली में हुई वार्ता के बाद प्रदेश में चल रहे धरनों को खत्म कराने पर सहमति बनी थी, लेकिन जसिया में चल रहे धरने पर जाटों की अधिक भीड़ को देखते हुए आयोजकों ने अपने स्तर पर धरना खत्म कराने की घोषणा नहीं की थी। दूसरे स्थानों से धरने खत्म कराने के बाद रविवार दोपहर यशपाल मलिक दलबल के साथ जसिया पहुंचे। दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे मलिक धरने पर आए तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। इससे पहले मलिक कोई भी फैसला सुनाते मंच पर अन्य वक्ताओं ने अपनी बातें उनकी सामने रखी। भीड़ ने एकसाथ कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच पर आते ही काफी देर तक धरनारत लोगों की नब्ज टटोली। इसके बाद सरकार के साथ हुई वार्ता के विभिन्न बिंदुओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जाटों की मांग मानने को तैयार है, लेकिन इसके लिए 31 अगस्त तक का समय लिया है। सरकार के अनुरोध पर 31 अगस्त तक का समय दिया गया है, यदि इस अवधि में मांगें पूरी नहीं हुईं तो 13 सितंबर को फिर से जसिया में धरना शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने एक-एक बातों पर धरनारत लोगों को राजी किया, जिसके बाद खुले मंच से धरना खत्म कराने की घोषणा की गई। धरना खत्म होते ही सभी अपने-अपने घर चले गए। हालांकि देर शाम तक धरनास्थल से टेंट नहीं उखाड़ा गया था।
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जूस पिलाकर खत्म कराई भूख हड़ताल
धरना खत्म होने की घोषणा के बाद यशपाल मलिक ने भूख हड़ताल पर बैठे छह लोगों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। उन्होंने समाज के लिए भूख हड़ताल पर बैठने वालों की हौसला आफजाई करते हुए उन्हें बधाई दी।
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इन मांगों पर बनीं सहमति
- जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट ने स्टे दिया है। इसके लिए सरकार जोरदार पैरवी करेगी।
- जेलों में बंद लोगों के परिजन अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दें, जिसकी दोबारा जांच होगी और निर्दोषों को बाहर निकाला जाएगा।
- सरकार 15-20 दिन में मुकदमा खत्म कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
- वार्ता के बाद अब कोई भी नई गिरफ्तारी नहीं होगी।
- सरकार 15 दिन के अंदर हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा देगी।
- 5 जून के धरनों को लेकर एक हजार लोगों पर दर्ज केस खत्म होंगे।
- आंदोलन के दौरान हिंसा का षडयंत्र रचने वाले सांसद राजकुमार सैनी की ओबीसी ब्रिगेड द्वारा जाट समाज के महापुरूषों की मूर्तियों को खण्डित करने वाले तथा जाट धर्मशालाओं व उनके प्रतिष्ठानों पर हमला करने वालों पर कार्रवाई हो।
नोट : दिल्ली में हुई वार्ता के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने धरने पर पहुंचकर लोगों को इन मांगों पर आश्वासन की जानकारी दी।