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पटेल समाज की तरह ब्राह्मणों को भी मिले 10 फीसदी आरक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 10 May 2016 01:37 AM IST
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ब्राह्मणों ने उठाई आरक्षण की आवाज
- फोटो : amar ujala
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शहर में पहली बार 26 संस्थाओं ने एक साथ मिलकर परशुराम जयंती मनाई। सेक्टर 2 स्थित भगवान परशुराम आश्रम में ब्राह्मणों ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के सामने ब्राह्मणों को आरक्षण दिए जाने की आवाज को बुलंद किया। सोमवार दोपहर करीब 12:17 बजे, वित्तमंत्री के पहुंचने के बाद ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने एक के बाद एक अपने विचार रखने शुरू किए। लगभग सवा घंटे तक वक्ताओं ने अपनी बात रखी। ब्राह्मण प्रतिनिधि सतनारायण कौशिक ने गुजरात में पटेल समाज को मिले आरक्षण की तर्ज पर ब्राह्मण, राजपूत और पंजाबी समाज को भी 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने की मांग रखी। कौशिक ने कहा कि सात लाख से कम वार्षिक आय वालों को भी आरक्षण दिया जाए। राजीव अत्री ने कहा कि मौजूदा समय में ब्राह्मण समाज खुद को काफी असहाय महसूस कर रहा है। इसलिए सरकारी नौकरियों, चुनाव और दाखिलों में विशेष छूट दी जाए। प्रदेश में पंडित नेकीराम शर्मा, पंडित लख्मीचंद शर्मा के नाम पर संस्कृत विश्वविद्यालय खोले जाएं।
वित्तमंत्री ने कहा कि टैंट लगाकर, मंच सजाकर और एक-दूसरे की तारीफ कर के जयंती नहीं मनाई जाती। जयंती का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति विशेष के प्रति समर्पण भाव रखना होता है। भले ही धर्म स्थल पर दो कमरे क्यों न हाें, लेकिन उसका इस्तेमाल सेवा के लिए होना चाहिए। न कि हुक्का पीने और ताश खेलने का अड्डा बनाना चाहिए। कहा कि मैं सीएम मनोहर लाल खट्टर से उनकी मांगों को पूरी कराने के लिए एक वकील की तरह वकालत करूंगा। यह वकील कमजोर नहीं है, इसलिए तनाव न लें।
सेक्टर दो स्थित भगवान परशुराम आश्रम जनकल्याण समिति के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में 26 सामाजिक संस्थाओं ने एकजुटता दिखाई। समारोह की अध्यक्षता करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सामाजिक धर्मशालाएं और समाज के नाम पर बनाए गए भवन भाईचारे व समरसता का प्रतीक बनें। इसके लिए नित्य हवन होने चाहिए। साथ ही, सामाजिक कार्यक्रमों में हर जाति और समाज के लोगों को जोड़ना चाहिए। समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री को प्रदेश सरकार का खजाना कहकर संबोधित किया और परशुराम आश्रम के लिए दो एकड़ जमीन दिए जाने की मांग रखी। मंत्री को सात सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा गया। मंत्री ने अपने कोटे से आश्रम के निर्माण के लिए 11 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की। प्रदेश भाजपा के महांमत्री एवं विधायक मनीष ग्रोवर, बहादुरगढ़ के विधायक नरेश कौशिक, भाजपा सांसद रमेश कौशिक के भाई देवेंद्र कौशिक और भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल ने भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित किए। सुबह 9 बजे हवन शुरू हुआ, लेकिन पंडाल में लोगों और अतिथियों के न होेने के चलते कार्यक्रम दो घंटे की देरी से शुरू हुआ। फिर, दोपहर 2:30 बजे भीष्ण गर्मी होने के बावजूद श्रोता डटे रहे। गायक बाली शर्मा ने अपनी टीम के साथ भजन पेश कर दर्शकों का दिल जीता। मंच संचालन एडवोकेट डॉ. दीपक भारद्वाज और ज्ञानार्दन शर्मा ने किया।
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मांगपत्र की सात मांगें
- भगवान परशुराम आश्रम साल 2010 से निर्माणाधीन है। आर्थिक अभाव के कारण आश्रम का विस्तार कार्य धीमी गति से हो रहा है। आश्रम के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए 50 लाख रुपये की जरूरत है।
- शहर में किसी भी एक चौक का नाम भगवान परशुराम चौक रखा जाए। संभव हो तो परशुराम आश्रम समीप सोनीपत रोड स्थित चौक का नाम परशुराम चौक रखा जाए।
- स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का नाम पंडित भगवत दयाल शर्मा के नाम पर है। इसलिए मेडिकल मोड़ चौराहे पर उनकी प्रतिमा लगाई जाए।
- श्रीराम रंगशाला का नाम स्वतंत्रता सेनानी पंडित श्रीराम शर्मा रंगशाला रखा जाए, ताकि उन्हें उचित सम्मान मिल सके।
- भगवान परशुराम आश्रम के पास 850 गज भूमि उपलब्ध है, जो कि विभिन्न गतिविधियों के लिए बहुत कम है। इसलिए दो एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि आश्रम का पूरा विकास संभव हो सके।
- गौड़ ब्राह्मण शिक्षण संस्था का चुनाव तीन साल में होने का प्रावधान है, लेकिन पिछले तीन वर्षों से चुनाव नहीं हुआ है। इस वजह से संस्था के सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यक्रम सुचारु रूप से नहीं हो पा रहे हैं।
- जब तक गौड़ संस्था का चुनाव नहीं हो पाता, तब तक दैनिक कार्यों के निपटारे के लिए एडहॉक कमेटी का गठन किया जाए।
इन 26 सहयोगी संस्थाओं को किया गया सम्मानित
समारोह में हरियाणा ब्राह्मण कल्याण सभा रोहतक, भगवान परशुराम सेवा समिति, सर्वजातीय भगवान परशुराम सेवा संघ, पंडित सरदारा सिंह मैमोरियल ब्राह्मण धर्मशाला ट्रस्ट, श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य ट्रस्ट, यूथ इंडिया एसोशिएशन हरियाणा, महर्षि भारद्वाज सेवा समिति रोहतक, सहयोग पौधारोपण समिति रोहतक, पंडित श्रीराम शर्मा विचार मंच रोहतक, ग्राम वेलफेयर सोसायटी, वैदिक प्रचारिणी ब्राह्मण सभा, सर्व शक्ति जन कल्याण समिति, बाबा मंढी वाला स्मारक सेवा समिति, राहुल योगपीठ ट्रस्ट एवं सेवा समिति, वरिष्ठ नागरिक वाचनालय, आपके साथ संस्था रोहतक, दीक्षा इंस्टीट्यूट ऑफ आईटी, शिव गणेश मंडल, भगवान परशुराम सेना, ब्राह्मण सेवा संघ, अखिल भारतीय ब्राह्मण परिषद, ब्राह्मण युवा ब्रिगेड, वीर हनुमत कृपा मंडल, विपुल हेल्प फाउंडेशन और लोकहित सेवा संघ को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
ये रहे मौजूद
इस दौरान भारत भूषण सांघीवाल, परमानंद अत्री, रणधीर भारद्वाज, रविंद्र शर्मा, प्रो. रामेश्वर शर्मा, रामकरण अत्री, आजाद अत्री, रामफल शर्मा, सत्यनारायण एडवोकेट, डॉ. जेएन शर्मा, राजकुमार शर्मा, डॉ. कपिल कौशिक बीएस कौशिक, श्याम नाथ शर्मा, बिजेंद्र बह्मचारी, रमेश अत्री, डॉ. अशोक दीक्षित, रामअवतार शास्त्री, मंजुल पालीवाल, जेपी गौड़, योगाचार्य हरिओम कौशिक, आशुतोष कौशिक, कविंद्र पाराशर, मनीष कौशिक, जितेंद्र अत्री, दिनेश कौशिक, प्रवीण कौशिक, श्याम शर्मा, बिजेंद्र शर्मा, मदन भारद्वाज, मास्टर हरकिशन, चंद्रभान अत्री, भीम भारद्वाज, रामकिशन कौशिक, सेवानिवृत्त एसपी समेराम कौशिक, दीपक, सुशील शर्मा, ओमप्रकाश बहल, पूर्व विधायक शशी रंजन परमार, गीताराम शर्मा, श्रीभगवान भारद्वाज और पंडित विजय मौजूद रहे।
प्रदेश में पहली बार परशुराम जयंती को इतने बड़े स्तर पर मनाया गया है। यह एक अच्छा कदम है। पर, इसे यहीं खत्म न करके हर साल और बेहतर तरीके से मनाने पर कार्य होना चाहिए।
- सतीश कौशिक।
भगवान परशुराम एक विशेष जाति के नहीं थे। उन्होेंने हर समाज के लिए आवाज उठाई है। इसलिए देशभर में बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने की दिशा में हमें उनके आदर्शों पर चलने की जरूरत है।
- डॉ. सुमन अत्री।
पहली बार एक ही मंच पर जिले की 26 सामाजिक संस्थाओं को एकजुट किया गया है। यह बहुत अच्छी बात है। अभी तो ब्राह्मण समाज ने अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए केवल चंद कदम ही भरे हैं, अभी और उड़ान बाकी है। यह कार्यक्रम काफी अच्छा रहा है।
- कृष्णा शर्मा।
अपने ही लोगों ने साधा निशाना
समारोह की शुरुआत में ब्राह्मण समाज के एक प्रतिनिधि ने अपने ही लोगों पर निशाना साधा। कहा कि समारोह के लिए जो मेहनत पिछले एक महीने से की जा रही है, उसका आज कुछ खास परिणाम नहीं निकला है। यही फर्क है अपने और दूसरे समुदाय में। जब दूसरी बिरादरी का समारोह होता है तो इतनी भीड़ होती है कि टैंट तक खोलने पड़ जाते हैं। लेकिन, यहां तो बुलाकर अंदर बैठाया जा रहा है।
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वित्तमंत्री ने कहा कि टैंट लगाकर, मंच सजाकर और एक-दूसरे की तारीफ कर के जयंती नहीं मनाई जाती। जयंती का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति विशेष के प्रति समर्पण भाव रखना होता है। भले ही धर्म स्थल पर दो कमरे क्यों न हाें, लेकिन उसका इस्तेमाल सेवा के लिए होना चाहिए। न कि हुक्का पीने और ताश खेलने का अड्डा बनाना चाहिए। कहा कि मैं सीएम मनोहर लाल खट्टर से उनकी मांगों को पूरी कराने के लिए एक वकील की तरह वकालत करूंगा। यह वकील कमजोर नहीं है, इसलिए तनाव न लें।
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सेक्टर दो स्थित भगवान परशुराम आश्रम जनकल्याण समिति के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में 26 सामाजिक संस्थाओं ने एकजुटता दिखाई। समारोह की अध्यक्षता करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सामाजिक धर्मशालाएं और समाज के नाम पर बनाए गए भवन भाईचारे व समरसता का प्रतीक बनें। इसके लिए नित्य हवन होने चाहिए। साथ ही, सामाजिक कार्यक्रमों में हर जाति और समाज के लोगों को जोड़ना चाहिए। समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री को प्रदेश सरकार का खजाना कहकर संबोधित किया और परशुराम आश्रम के लिए दो एकड़ जमीन दिए जाने की मांग रखी। मंत्री को सात सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा गया। मंत्री ने अपने कोटे से आश्रम के निर्माण के लिए 11 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की। प्रदेश भाजपा के महांमत्री एवं विधायक मनीष ग्रोवर, बहादुरगढ़ के विधायक नरेश कौशिक, भाजपा सांसद रमेश कौशिक के भाई देवेंद्र कौशिक और भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल ने भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित किए। सुबह 9 बजे हवन शुरू हुआ, लेकिन पंडाल में लोगों और अतिथियों के न होेने के चलते कार्यक्रम दो घंटे की देरी से शुरू हुआ। फिर, दोपहर 2:30 बजे भीष्ण गर्मी होने के बावजूद श्रोता डटे रहे। गायक बाली शर्मा ने अपनी टीम के साथ भजन पेश कर दर्शकों का दिल जीता। मंच संचालन एडवोकेट डॉ. दीपक भारद्वाज और ज्ञानार्दन शर्मा ने किया।
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मांगपत्र की सात मांगें
- भगवान परशुराम आश्रम साल 2010 से निर्माणाधीन है। आर्थिक अभाव के कारण आश्रम का विस्तार कार्य धीमी गति से हो रहा है। आश्रम के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए 50 लाख रुपये की जरूरत है।
- शहर में किसी भी एक चौक का नाम भगवान परशुराम चौक रखा जाए। संभव हो तो परशुराम आश्रम समीप सोनीपत रोड स्थित चौक का नाम परशुराम चौक रखा जाए।
- स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का नाम पंडित भगवत दयाल शर्मा के नाम पर है। इसलिए मेडिकल मोड़ चौराहे पर उनकी प्रतिमा लगाई जाए।
- श्रीराम रंगशाला का नाम स्वतंत्रता सेनानी पंडित श्रीराम शर्मा रंगशाला रखा जाए, ताकि उन्हें उचित सम्मान मिल सके।
- भगवान परशुराम आश्रम के पास 850 गज भूमि उपलब्ध है, जो कि विभिन्न गतिविधियों के लिए बहुत कम है। इसलिए दो एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि आश्रम का पूरा विकास संभव हो सके।
- गौड़ ब्राह्मण शिक्षण संस्था का चुनाव तीन साल में होने का प्रावधान है, लेकिन पिछले तीन वर्षों से चुनाव नहीं हुआ है। इस वजह से संस्था के सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यक्रम सुचारु रूप से नहीं हो पा रहे हैं।
- जब तक गौड़ संस्था का चुनाव नहीं हो पाता, तब तक दैनिक कार्यों के निपटारे के लिए एडहॉक कमेटी का गठन किया जाए।
इन 26 सहयोगी संस्थाओं को किया गया सम्मानित
समारोह में हरियाणा ब्राह्मण कल्याण सभा रोहतक, भगवान परशुराम सेवा समिति, सर्वजातीय भगवान परशुराम सेवा संघ, पंडित सरदारा सिंह मैमोरियल ब्राह्मण धर्मशाला ट्रस्ट, श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य ट्रस्ट, यूथ इंडिया एसोशिएशन हरियाणा, महर्षि भारद्वाज सेवा समिति रोहतक, सहयोग पौधारोपण समिति रोहतक, पंडित श्रीराम शर्मा विचार मंच रोहतक, ग्राम वेलफेयर सोसायटी, वैदिक प्रचारिणी ब्राह्मण सभा, सर्व शक्ति जन कल्याण समिति, बाबा मंढी वाला स्मारक सेवा समिति, राहुल योगपीठ ट्रस्ट एवं सेवा समिति, वरिष्ठ नागरिक वाचनालय, आपके साथ संस्था रोहतक, दीक्षा इंस्टीट्यूट ऑफ आईटी, शिव गणेश मंडल, भगवान परशुराम सेना, ब्राह्मण सेवा संघ, अखिल भारतीय ब्राह्मण परिषद, ब्राह्मण युवा ब्रिगेड, वीर हनुमत कृपा मंडल, विपुल हेल्प फाउंडेशन और लोकहित सेवा संघ को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
ये रहे मौजूद
इस दौरान भारत भूषण सांघीवाल, परमानंद अत्री, रणधीर भारद्वाज, रविंद्र शर्मा, प्रो. रामेश्वर शर्मा, रामकरण अत्री, आजाद अत्री, रामफल शर्मा, सत्यनारायण एडवोकेट, डॉ. जेएन शर्मा, राजकुमार शर्मा, डॉ. कपिल कौशिक बीएस कौशिक, श्याम नाथ शर्मा, बिजेंद्र बह्मचारी, रमेश अत्री, डॉ. अशोक दीक्षित, रामअवतार शास्त्री, मंजुल पालीवाल, जेपी गौड़, योगाचार्य हरिओम कौशिक, आशुतोष कौशिक, कविंद्र पाराशर, मनीष कौशिक, जितेंद्र अत्री, दिनेश कौशिक, प्रवीण कौशिक, श्याम शर्मा, बिजेंद्र शर्मा, मदन भारद्वाज, मास्टर हरकिशन, चंद्रभान अत्री, भीम भारद्वाज, रामकिशन कौशिक, सेवानिवृत्त एसपी समेराम कौशिक, दीपक, सुशील शर्मा, ओमप्रकाश बहल, पूर्व विधायक शशी रंजन परमार, गीताराम शर्मा, श्रीभगवान भारद्वाज और पंडित विजय मौजूद रहे।
प्रदेश में पहली बार परशुराम जयंती को इतने बड़े स्तर पर मनाया गया है। यह एक अच्छा कदम है। पर, इसे यहीं खत्म न करके हर साल और बेहतर तरीके से मनाने पर कार्य होना चाहिए।
- सतीश कौशिक।
भगवान परशुराम एक विशेष जाति के नहीं थे। उन्होेंने हर समाज के लिए आवाज उठाई है। इसलिए देशभर में बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने की दिशा में हमें उनके आदर्शों पर चलने की जरूरत है।
- डॉ. सुमन अत्री।
पहली बार एक ही मंच पर जिले की 26 सामाजिक संस्थाओं को एकजुट किया गया है। यह बहुत अच्छी बात है। अभी तो ब्राह्मण समाज ने अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए केवल चंद कदम ही भरे हैं, अभी और उड़ान बाकी है। यह कार्यक्रम काफी अच्छा रहा है।
- कृष्णा शर्मा।
अपने ही लोगों ने साधा निशाना
समारोह की शुरुआत में ब्राह्मण समाज के एक प्रतिनिधि ने अपने ही लोगों पर निशाना साधा। कहा कि समारोह के लिए जो मेहनत पिछले एक महीने से की जा रही है, उसका आज कुछ खास परिणाम नहीं निकला है। यही फर्क है अपने और दूसरे समुदाय में। जब दूसरी बिरादरी का समारोह होता है तो इतनी भीड़ होती है कि टैंट तक खोलने पड़ जाते हैं। लेकिन, यहां तो बुलाकर अंदर बैठाया जा रहा है।