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राज्यसभा के लिए निर्दलीय को समर्थन दे इनेलो, हम भी साथ देंगे: हुड्डा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 17 May 2016 02:33 AM IST
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पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश में अगस्त में खाली हो रही दो राज्यसभा सीटों पर राजनीति गर्माने लगी है। विधानसभा में आंकड़ों के गणित को देखते हुए एक सीट पर भाजपा का रास्ता साफ है तो दूसरी पर उसे प्रमुख विपक्षी पार्टी इनेलो का साथ चाहिए। वहीं, इनेलो और कांग्रेस भी मिलकर इस सीट पर खेल कर सकती हैं। कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस पर अपना पासा भी फेंक दिया है। उन्होंने नया प्रस्ताव रखते हुए अपना रुख भी साफ कर दिया कि वे किसी पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन नहीं देंगे। लेकिन यदि कोई निर्दलीय आगे आता है और उसे इनेलो समर्थन करती है तो कांग्रेस भी उसके साथ खड़ी हो जाएगी।
हुड्डा सोमवार को रोहतक में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने दंगों के लिए प्रदेश सरकार को सबसे बड़ा दोषी ठहराते हुए कहा कि सीएम मनोहर लाल खट्टर को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। यह भी कहा गया कि सीएम में नैतिकता नहीं है और वह शायद ही इस्तीफा दें। पूर्व सीएम ने इनेलो को भाजपा की विपक्षी की जगह मुख्य सहयोगी पार्टी बताया। राज्यसभा सदस्य बनाने पर कहा कि अगर इनेलो का समर्थन लेकर कोई निर्दलीय प्रत्याशी सामने आता है तो हम भी उसको समर्थन देने को तैयार हैं। उसके लिए ऐसा नहीं है कि कोई बड़ा नाम सामने आए। यदि आम आदमी भी राज्यसभा तक पहुंचने के लिए इनेलो का समर्थन लेता है तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रेसवार्ता में राज्यसभा सदस्य शादीलाल बतरा, विधायक आनंद सिंह दांगी, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व विधायक बी. बी. बतरा, संतकुमार और चक्रवर्ती शर्मा मौजूद रहे।
किसी को नहीं दी नौकरी, हजारों को बेरोजगार कर दिया
पूर्व सीएम ने बिजली कर्मियों को हटाए जाने पर कहा कि सरकार ने डेढ़ साल में एक भी नौकरी नहीं दी। जबकि चुनाव के समय नौकरी देने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। अब नौकरी कर रहे लोगों को हटाया जा रहा है। इससे पता चलता है कि यह सरकार किसी की नहीं हो सकती। सरकार ने हजारों लोगों को बेरोजगार कर दिया है।
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राज्यसभा में ये है पेंच
प्रदेश में राज्यसभा की खाली हो रही दो सीटों में से एक पर पेच फंस सकता है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह और रेलमंत्री सुरेश प्रभु इन सीटों से सांसद हैं। इनका कार्यकाल पहली अगस्त 2016 को पूरा हो रहा है। दोनों सीटें एक ही दिन खाली हो रही हैं। खट्टर सरकार अपने दम पर एक ही सीट ले पाएगी। दूसरी सीट के लिए उसे प्रमुख विपक्षी दल इनेलो के समर्थन की जरूरत होगी।
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हुड्डा सोमवार को रोहतक में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने दंगों के लिए प्रदेश सरकार को सबसे बड़ा दोषी ठहराते हुए कहा कि सीएम मनोहर लाल खट्टर को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। यह भी कहा गया कि सीएम में नैतिकता नहीं है और वह शायद ही इस्तीफा दें। पूर्व सीएम ने इनेलो को भाजपा की विपक्षी की जगह मुख्य सहयोगी पार्टी बताया। राज्यसभा सदस्य बनाने पर कहा कि अगर इनेलो का समर्थन लेकर कोई निर्दलीय प्रत्याशी सामने आता है तो हम भी उसको समर्थन देने को तैयार हैं। उसके लिए ऐसा नहीं है कि कोई बड़ा नाम सामने आए। यदि आम आदमी भी राज्यसभा तक पहुंचने के लिए इनेलो का समर्थन लेता है तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रेसवार्ता में राज्यसभा सदस्य शादीलाल बतरा, विधायक आनंद सिंह दांगी, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व विधायक बी. बी. बतरा, संतकुमार और चक्रवर्ती शर्मा मौजूद रहे।
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किसी को नहीं दी नौकरी, हजारों को बेरोजगार कर दिया
पूर्व सीएम ने बिजली कर्मियों को हटाए जाने पर कहा कि सरकार ने डेढ़ साल में एक भी नौकरी नहीं दी। जबकि चुनाव के समय नौकरी देने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। अब नौकरी कर रहे लोगों को हटाया जा रहा है। इससे पता चलता है कि यह सरकार किसी की नहीं हो सकती। सरकार ने हजारों लोगों को बेरोजगार कर दिया है।
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राज्यसभा में ये है पेंच
प्रदेश में राज्यसभा की खाली हो रही दो सीटों में से एक पर पेच फंस सकता है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह और रेलमंत्री सुरेश प्रभु इन सीटों से सांसद हैं। इनका कार्यकाल पहली अगस्त 2016 को पूरा हो रहा है। दोनों सीटें एक ही दिन खाली हो रही हैं। खट्टर सरकार अपने दम पर एक ही सीट ले पाएगी। दूसरी सीट के लिए उसे प्रमुख विपक्षी दल इनेलो के समर्थन की जरूरत होगी।