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कोरोना मुक्त हुआ रोहतक, अब न सक्रिय और न ही संक्रमित
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स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने रविवार को जिले को कोरोना मुक्त होने का दावा किया है। अब जिले में न तो कोरोना के सक्रिय मरीज हैं और न ही संक्रमित हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। 22 अप्रैल 2020 को जिले के ककराना गांव में पहला संक्रमित केस मिला था। इसके बाद एक के बाद एक 25892 संक्रमितों की संख्या पहुंच गई। संक्रमण की दो लहरों की चपेट में आकर 566 ने जान गंवा दी और 25,326 ही कोरोना से जंग जीत पाए।
सितंबर में कोरोना के इक्का-दुक्का मरीज ही सामने आए, अधिकतर दिनों नया मरीज नहीं मिला। रविवार को सभी एक्टिव मरीज की जांच रिपोर्ट निगेटिव होने व क्वारंटीन पीरियड समाप्त होने से जिला एक बार फिर कोरोना से मुक्त हो गया। कोरोना की दो लहरों में संक्रमण दर 5.07 प्रतिशत पहुंची तो रिकवरी दर 97.74 प्रतिशत हो गई। संक्रमितों की संख्या घटने के साथ रविवार को महज 310 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। अब तक स्वास्थ्य विभाग 5,08,544 व्यक्तियों को निगरानी में रख चुका है।
पीजीआई ने किया उपचार तो स्वास्थ्य विभाग ने की कांटेक्ट ट्रेसिंग
कोरोना की दो लहरों में पीजीआई ने जहां मरीजों का उपचार किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कांटेक्ट ट्रेसिंग कर संक्रमण को आगे फैलने से रोका। दूसरी लहर की पीक में कोरोना से निपटने को निजी अस्पताल, सरकारी अस्पताल व समाजसेवी संस्थाएं एक साथ सामने आई और महामारी पर विजय प्राप्त की। दोनों लहरों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, बेड, दवाओं की कमी झेल चुके मरीजों ने भी राहत की सांस ली है कि अब वह कोरोना मुक्त हो गए और बड़ी महामारी से बाहर निकले हैं।
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वायरस से सतर्क रहने की जरूरत
जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं है, लेकिन महामारी का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए वायरस से सतर्क रहने की जरूरत है। बचाव और सुरक्षा के लिए गाइडलाइन का पालन करें और टीकाकरण करवाएं।
-कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त
टीकाकरण कराएं
हमारी टीम ने जिला ही नहीं प्रदेशभर के मरीजों का उपचार किया है। हमारी लैब ने पांच लाख से अधिक मरीजों के सैंपलों की जांच की है। हजारों मरीजों का उपचार किया है। अब हमारा फर्ज बनता है कि संक्रमण को फिर फैलने से रोकें। इसमें सभी अपना सहयोग दें और टीकाकरण करवाएं, ताकि हम कोरोना की तीसरी आशंकित लहर से बचे रहें। हमारे पास 300 आईसीयू बेड व 200 के करीब बच्चों के लिए आईसीयू व 4000 एलएमपी क्षमता की ऑक्सीजन उत्पन्न करने के प्लांट हैं।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
टीकाकरण जरूरी
टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 658765 डोज दी जा चुकी है। इसमें हेल्थ केयर वर्कर को 25525, फ्रंटलाइन वर्कर को 16711, 18 से 44 आयु वर्ग में 314872, 45 से 60 आयु वर्ग में 157724 डोज लगाई जा चुकी है। 60 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग में 143903 डोज लगाई जा चुकी है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही जरूरी है।
-डॉ. अनिलजीत त्रेहान, डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला टीकाकरण अधिकारी
अलर्ट रहने की जरूरत
जिला फिलहाल कोरोना मुक्त है, इसका मतलब यह नहीं है कि खतरा टल गया है। देश में जिस प्रकार कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं, उस हिसाब से अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है। संक्रमण से बचाव के लिए सभी टीकाकरण करवाएं।
-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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सितंबर में कोरोना के इक्का-दुक्का मरीज ही सामने आए, अधिकतर दिनों नया मरीज नहीं मिला। रविवार को सभी एक्टिव मरीज की जांच रिपोर्ट निगेटिव होने व क्वारंटीन पीरियड समाप्त होने से जिला एक बार फिर कोरोना से मुक्त हो गया। कोरोना की दो लहरों में संक्रमण दर 5.07 प्रतिशत पहुंची तो रिकवरी दर 97.74 प्रतिशत हो गई। संक्रमितों की संख्या घटने के साथ रविवार को महज 310 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। अब तक स्वास्थ्य विभाग 5,08,544 व्यक्तियों को निगरानी में रख चुका है।
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पीजीआई ने किया उपचार तो स्वास्थ्य विभाग ने की कांटेक्ट ट्रेसिंग
कोरोना की दो लहरों में पीजीआई ने जहां मरीजों का उपचार किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कांटेक्ट ट्रेसिंग कर संक्रमण को आगे फैलने से रोका। दूसरी लहर की पीक में कोरोना से निपटने को निजी अस्पताल, सरकारी अस्पताल व समाजसेवी संस्थाएं एक साथ सामने आई और महामारी पर विजय प्राप्त की। दोनों लहरों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, बेड, दवाओं की कमी झेल चुके मरीजों ने भी राहत की सांस ली है कि अब वह कोरोना मुक्त हो गए और बड़ी महामारी से बाहर निकले हैं।
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वायरस से सतर्क रहने की जरूरत
जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं है, लेकिन महामारी का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए वायरस से सतर्क रहने की जरूरत है। बचाव और सुरक्षा के लिए गाइडलाइन का पालन करें और टीकाकरण करवाएं।
-कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त
टीकाकरण कराएं
हमारी टीम ने जिला ही नहीं प्रदेशभर के मरीजों का उपचार किया है। हमारी लैब ने पांच लाख से अधिक मरीजों के सैंपलों की जांच की है। हजारों मरीजों का उपचार किया है। अब हमारा फर्ज बनता है कि संक्रमण को फिर फैलने से रोकें। इसमें सभी अपना सहयोग दें और टीकाकरण करवाएं, ताकि हम कोरोना की तीसरी आशंकित लहर से बचे रहें। हमारे पास 300 आईसीयू बेड व 200 के करीब बच्चों के लिए आईसीयू व 4000 एलएमपी क्षमता की ऑक्सीजन उत्पन्न करने के प्लांट हैं।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
टीकाकरण जरूरी
टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 658765 डोज दी जा चुकी है। इसमें हेल्थ केयर वर्कर को 25525, फ्रंटलाइन वर्कर को 16711, 18 से 44 आयु वर्ग में 314872, 45 से 60 आयु वर्ग में 157724 डोज लगाई जा चुकी है। 60 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग में 143903 डोज लगाई जा चुकी है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही जरूरी है।
-डॉ. अनिलजीत त्रेहान, डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला टीकाकरण अधिकारी
अलर्ट रहने की जरूरत
जिला फिलहाल कोरोना मुक्त है, इसका मतलब यह नहीं है कि खतरा टल गया है। देश में जिस प्रकार कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं, उस हिसाब से अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है। संक्रमण से बचाव के लिए सभी टीकाकरण करवाएं।
-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन