{"_id":"65206e9b2b0d3eaade0ba12d","slug":"road-to-accident-travel-carefully-rohtak-news-c-17-roh1018-263654-2023-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: हादसे की डगर, संभलकर करें सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: हादसे की डगर, संभलकर करें सफर
विज्ञापन
रोहतक। दिल्ली बाईपास से आईएमटी चौक तक की सड़क पर वाहनों को काफी सावधानी से निकलना पड़ रहा है। दोनों तरफ की सड़क के ज्यादातर हिस्से जर्जर हो चुके हैं। सड़क के बीचों बीच निकल रही सीवर लाइन के चैंबर तक ऊपर उठे हुए हैं। इससे रात के समय आने वाले वाहनों के साथ हादसों की संभावना बढ़ जाती है। यहीं नहीं वाहन चालकों के साथ बहुत बार हादसे तक हो चुके हैं। लेकिन उसके बाद भी प्रशासन द्वारा न तो कोई सांकेतिक बोर्ड लगा हुआ है और न ही ट्रैफिक पुलिस मौजूद है।
अस्थल बोहर निवासी ओमप्रकाश, अनिल, सुभाष, सागर व कुलदीप ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा इस सड़क पर एक बार नहीं तीन से चार बार पेचवर्क समेत अन्य निर्माण कार्य किए जा चुके हैं। इसकी वजह से होने वाला निर्माण कार्य जल्द ही उखड़ जाता है। आलम यह है कि कुछ जगहों पर सड़क एक से डेढ़ फीट तक जमीन में धंसी हुई है।
विश्वविद्यालय और स्कूल होने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं
दिल्ली बाईपास से आईएमटी चौक तक बीच में एक विश्वविद्यालय समेत तीन स्कूल मौजूद है, जिनमें 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों का रोजाना आवागमन होता है। रोजाना 50 से ज्यादा स्कूलों की बसें यहीं से गुजरती है। साथ लगती कॉलोनियों को भी शहर में प्रवेश करने के लिए यहीं से निकलना होता है। उसके बावजूद भी संबंधित विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। रात के समय इन सड़कों पर दुर्घटना होने की संभावना तक बढ़ जाती है।
विज्ञापन
हमें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है, पिछले माह ही सड़क जर्जर वाली जगह पर पेचवर्क का काम किया गया था। उसके बाद भी किसी तरह की असुविधा वहां पर बनी हुई है तो उसे आज की दुरुस्त करवा दिया जाएगा। आमजन और वाहन चालकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
नरेंद्र सिगंरोहा, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
अस्थल बोहर निवासी ओमप्रकाश, अनिल, सुभाष, सागर व कुलदीप ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा इस सड़क पर एक बार नहीं तीन से चार बार पेचवर्क समेत अन्य निर्माण कार्य किए जा चुके हैं। इसकी वजह से होने वाला निर्माण कार्य जल्द ही उखड़ जाता है। आलम यह है कि कुछ जगहों पर सड़क एक से डेढ़ फीट तक जमीन में धंसी हुई है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय और स्कूल होने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं
दिल्ली बाईपास से आईएमटी चौक तक बीच में एक विश्वविद्यालय समेत तीन स्कूल मौजूद है, जिनमें 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों का रोजाना आवागमन होता है। रोजाना 50 से ज्यादा स्कूलों की बसें यहीं से गुजरती है। साथ लगती कॉलोनियों को भी शहर में प्रवेश करने के लिए यहीं से निकलना होता है। उसके बावजूद भी संबंधित विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। रात के समय इन सड़कों पर दुर्घटना होने की संभावना तक बढ़ जाती है।
विज्ञापन
हमें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है, पिछले माह ही सड़क जर्जर वाली जगह पर पेचवर्क का काम किया गया था। उसके बाद भी किसी तरह की असुविधा वहां पर बनी हुई है तो उसे आज की दुरुस्त करवा दिया जाएगा। आमजन और वाहन चालकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
नरेंद्र सिगंरोहा, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग