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जेडटीओ को पद से हटाया, दो ठेकाकर्मी की सेवा समाप्त, चार कर्मियों पर चार्जशीट की तैयारी
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प्रॉपर्टी की गलत आईडी बनाने और अस्वीकृत संपत्ति को स्वीकृत करने के आरोपों की जांच की आंच लंबे समय से जेडटीओ (मुख्य कराधान अधिकारी) पद पर तैनात जगदीश शर्मा पर गिर गई है। बुधवार को उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद नगर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने जेडटीओ जगदीश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की शासन से संस्तुति कर दी है। वहीं, आउटसोर्स के दो कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। निगम के चार कर्मियों को चार्जशीट करने की तैयारी है। इधर, ऑफिस सुपरिंटेंडेंट अशोक कुमार को जेडटीओ के पद पर तैनात कर दिया गया है।
नगर निगम हाउस की मीटिंग 28 सितंबर को शुरू होते ही पार्षदों ने हंगामा करते हुए निगम में घालमेल के आरोप लगाए थे। पार्षदों का आरोप है कि निगम में प्रॉपर्टी की गलत आईडी बनाकर और फर्जी एनडीसी जारी करके बड़ा घालमेल किया जा रहा है। बिना चक्कर लगाए और सेवाभाव के संपत्ति कर व भवन शाखा विभाग में काम नहीं होता है। अमरूत योजना के तहत हुए कामों में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। पार्षदों के तेवर को देखकर सदन स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद एकजुट पार्षदों ने जांच की मांग करते हुए निगम कार्यालय परिसर में तीन दिन तक धरना दिया। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल आदि ने कार्रवाई का भरोसा दिया तब धरना खत्म हुआ था। पार्षदों के आरोपों की जांच सीटीपी केके वार्ष्णेय को सौंपी गई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट पूरी तरह से संपत्ति कर पर केंद्रित करके सौंपी गई है और भवन आदि शाखा को क्लीन चिट दी गई है। जांच की आंच बुधवार को नगर निगम में लंबे समय से जेडटीओ पद पर तैनात जगदीश शर्मा पर गिरी है। उन्हें तत्काल प्रभाव से जेडटीओ के पद से हटाकर मूल पद सीपीओ (सिटी प्लानिंग ऑफिसर) पर भेज दिया गया है। संपत्ति विभाग के दो आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, जांच में दोषी पाए गए निगम के चार कर्मियों को चार्जशीट करने की तैयारी है। बुधवार को हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से निगम में हड़कंप मचा रहा। वहीं, ऑफिस सुपरिंटेंडेंट अशोक कुमार को जेडटीओ का पदभार सौंप दिया गया है।
दोनों जेडटीओ होंगे नए
प्रॉपर्टी टैक्स विभाग में गड़बड़ी की शिकायत पर निगम आयुक्त ने एकाउंट विभाग में तैनात अंकित गुलिया को जेडटीओ-दो के पद पर तैनात किया था। अब ऑफिस सुपरिंटेंडेंट को जेडटीओ-एक बनाया गया है। यानी अब प्रॉपर्टी टैक्स विभाग में दोनों नए जेडटीओ होंगे।
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पद से हटाना निदान नहीं, निलंबित किया जाए : सुनील
प्रॉपर्टी टैक्स और बिल्डिंग ब्रांच में घालमेल के आरोप लगाने वाले पार्षद सुनील कुमार ने फिर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जांच सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स विभाग तक सीमित कर दी गई है, जबकि बिल्डिंग ब्रांच में तैनात चहेतों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेडटीओ पद से हटाना निदान नहीं है। दोषी हैं, तो उन्हें सीधे निलंबित किया जाए। उनकी प्रॉपर्टी की जांच कराई जाए।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं तो फिर से देंगे धरना
जांच में आरोपों से संबंधित दस्तावेज देने वाले पार्षद राहुल देशवाल, पार्षद सुशील कुमार ने संयुक्त रूप से कहा है कि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह फिर से नगर निगम में धरना देंगे। इसलिए निगम प्रशासन जांच को गंभीरता से कराकर सख्त कार्रवाई करे।
जेडटीओ पद से जगदीश शर्मा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। अब वह अपने मूल पद सीपीओ का ही कार्यभार संभालेंगे। जगदीश शर्मा की जगह ऑफिस सुपरिंटेंडेंट अशोक कुमार को तैनात किया गया है। आउटसोर्स के दो कर्मियों को भी हटा दिया गया है। निगम के चार कर्मियों पर जल्द कार्रवाई होगी।
- सुरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
जेडटीओ के खिलाफ स्थानीय स्तर से कार्रवाई नहीं हो सकती है। निगम आयुक्त ने कार्रवाई की संस्तुति करके शासन को पत्र भेज दिया है। जगदीश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर से होगी। दो आउटसोर्स कर्मी भी हटा दिए गए हैं और चिह्नित विभागीय कर्मियों पर कार्रवाई होगी।
- मनमोहन गोयल, मेयर
जांच रिपोर्ट जेडटीओ के खिलाफ है, इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। आउटसोर्स के दो कर्मियों की तत्काल सेवा समाप्त कर दी गई है। रिपोर्ट में चिह्नित तीन-चार कर्मियों के खिलाफ चार्जशीट किया जा रहा है। गड़बड़ी करने वाले किसी भी कर्मी को नहीं बख्शा जाएगा।
- डॉ. नरहरि बांगड़, आयुक्त, नगर निगम
नई संपत्ति की पहचान व श्रेणी बदलने का काम देखेंगे ईओ
रोहतक। नगर निगम के संपत्ति कर विभाग में ईओ (एक्जीक्यूटिव ऑॅफिसर) को तैनात कर दिया गया है, जो नई संपत्ति की पहचान पत्र बनाने और संपत्ति की श्रेणी बदलने का काम देखेंगे। इसके अलावा टैक्स विभाग के अन्य कामों की भी निगरानी करेंगे।
संपत्ति कर विभाग में घालमेल और समय पर काम नहीं होने के आरोपों के चलते निगम प्रशासन ने संपत्ति कर विभाग में फेरबदल कर दिया है। अब जेडीटीओ के रूप में अंकित गुलिया और अशोक कुमार की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा हिसार से स्थानांतरित होकर आए राजेंद्र कुमार को ईओ के पद पर तैनात कर दिया है। वह नई आईडी बनाने और संपत्ति की श्रेणी बदलने के मामले देखेंगे। संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि राजेंद्र कुमार संपत्ति कर विभाग के अन्य कामों की निगरानी भी करेंगे।
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नगर निगम हाउस की मीटिंग 28 सितंबर को शुरू होते ही पार्षदों ने हंगामा करते हुए निगम में घालमेल के आरोप लगाए थे। पार्षदों का आरोप है कि निगम में प्रॉपर्टी की गलत आईडी बनाकर और फर्जी एनडीसी जारी करके बड़ा घालमेल किया जा रहा है। बिना चक्कर लगाए और सेवाभाव के संपत्ति कर व भवन शाखा विभाग में काम नहीं होता है। अमरूत योजना के तहत हुए कामों में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। पार्षदों के तेवर को देखकर सदन स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद एकजुट पार्षदों ने जांच की मांग करते हुए निगम कार्यालय परिसर में तीन दिन तक धरना दिया। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल आदि ने कार्रवाई का भरोसा दिया तब धरना खत्म हुआ था। पार्षदों के आरोपों की जांच सीटीपी केके वार्ष्णेय को सौंपी गई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट पूरी तरह से संपत्ति कर पर केंद्रित करके सौंपी गई है और भवन आदि शाखा को क्लीन चिट दी गई है। जांच की आंच बुधवार को नगर निगम में लंबे समय से जेडटीओ पद पर तैनात जगदीश शर्मा पर गिरी है। उन्हें तत्काल प्रभाव से जेडटीओ के पद से हटाकर मूल पद सीपीओ (सिटी प्लानिंग ऑफिसर) पर भेज दिया गया है। संपत्ति विभाग के दो आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, जांच में दोषी पाए गए निगम के चार कर्मियों को चार्जशीट करने की तैयारी है। बुधवार को हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से निगम में हड़कंप मचा रहा। वहीं, ऑफिस सुपरिंटेंडेंट अशोक कुमार को जेडटीओ का पदभार सौंप दिया गया है।
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दोनों जेडटीओ होंगे नए
प्रॉपर्टी टैक्स विभाग में गड़बड़ी की शिकायत पर निगम आयुक्त ने एकाउंट विभाग में तैनात अंकित गुलिया को जेडटीओ-दो के पद पर तैनात किया था। अब ऑफिस सुपरिंटेंडेंट को जेडटीओ-एक बनाया गया है। यानी अब प्रॉपर्टी टैक्स विभाग में दोनों नए जेडटीओ होंगे।
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पद से हटाना निदान नहीं, निलंबित किया जाए : सुनील
प्रॉपर्टी टैक्स और बिल्डिंग ब्रांच में घालमेल के आरोप लगाने वाले पार्षद सुनील कुमार ने फिर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जांच सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स विभाग तक सीमित कर दी गई है, जबकि बिल्डिंग ब्रांच में तैनात चहेतों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेडटीओ पद से हटाना निदान नहीं है। दोषी हैं, तो उन्हें सीधे निलंबित किया जाए। उनकी प्रॉपर्टी की जांच कराई जाए।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं तो फिर से देंगे धरना
जांच में आरोपों से संबंधित दस्तावेज देने वाले पार्षद राहुल देशवाल, पार्षद सुशील कुमार ने संयुक्त रूप से कहा है कि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह फिर से नगर निगम में धरना देंगे। इसलिए निगम प्रशासन जांच को गंभीरता से कराकर सख्त कार्रवाई करे।
जेडटीओ पद से जगदीश शर्मा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। अब वह अपने मूल पद सीपीओ का ही कार्यभार संभालेंगे। जगदीश शर्मा की जगह ऑफिस सुपरिंटेंडेंट अशोक कुमार को तैनात किया गया है। आउटसोर्स के दो कर्मियों को भी हटा दिया गया है। निगम के चार कर्मियों पर जल्द कार्रवाई होगी।
- सुरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
जेडटीओ के खिलाफ स्थानीय स्तर से कार्रवाई नहीं हो सकती है। निगम आयुक्त ने कार्रवाई की संस्तुति करके शासन को पत्र भेज दिया है। जगदीश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर से होगी। दो आउटसोर्स कर्मी भी हटा दिए गए हैं और चिह्नित विभागीय कर्मियों पर कार्रवाई होगी।
- मनमोहन गोयल, मेयर
जांच रिपोर्ट जेडटीओ के खिलाफ है, इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। आउटसोर्स के दो कर्मियों की तत्काल सेवा समाप्त कर दी गई है। रिपोर्ट में चिह्नित तीन-चार कर्मियों के खिलाफ चार्जशीट किया जा रहा है। गड़बड़ी करने वाले किसी भी कर्मी को नहीं बख्शा जाएगा।
- डॉ. नरहरि बांगड़, आयुक्त, नगर निगम
नई संपत्ति की पहचान व श्रेणी बदलने का काम देखेंगे ईओ
रोहतक। नगर निगम के संपत्ति कर विभाग में ईओ (एक्जीक्यूटिव ऑॅफिसर) को तैनात कर दिया गया है, जो नई संपत्ति की पहचान पत्र बनाने और संपत्ति की श्रेणी बदलने का काम देखेंगे। इसके अलावा टैक्स विभाग के अन्य कामों की भी निगरानी करेंगे।
संपत्ति कर विभाग में घालमेल और समय पर काम नहीं होने के आरोपों के चलते निगम प्रशासन ने संपत्ति कर विभाग में फेरबदल कर दिया है। अब जेडीटीओ के रूप में अंकित गुलिया और अशोक कुमार की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा हिसार से स्थानांतरित होकर आए राजेंद्र कुमार को ईओ के पद पर तैनात कर दिया है। वह नई आईडी बनाने और संपत्ति की श्रेणी बदलने के मामले देखेंगे। संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि राजेंद्र कुमार संपत्ति कर विभाग के अन्य कामों की निगरानी भी करेंगे।