{"_id":"64a71f1c11a338d39802ac57","slug":"relief-kit-reached-pgis-lab-testing-of-patients-samples-started-rohtak-news-c-17-roh1020-193594-2023-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: पीजीआई की लैब में पहुंची किट, मरीजों के सैंपल की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: पीजीआई की लैब में पहुंची किट, मरीजों के सैंपल की जांच शुरू
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस (स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान) में इलाज के लिए आने वाले हजारों मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। पिछले कई दिनों से रिजेंट व किट के अभाव में अटकी मरीजों के सैंपल की जांच का काम पटरी पर लौट आया है। किडनी, लिवर, विटामिन डी व थायराइड सरीखी जांच के लिए मरीजों की छह माह तक की वेटिंग चल रही थी। लैब में किट व रिजेंट आने से ये जांच सुचारु हो गई है। अमर उजाला ने इस संबंध में मरीजों की समस्या उठाते हुए 9 जून को समाचार प्रकाशित किया था।
पीजीआईएमएस की ओपीडी में रोजाना औसतन छह हजार से अधिक मरीज आते हैं। इनमें से करीब तीन हजार नए मरीज होते हैं। चिकित्सक इन मरीजों का इलाज करने से पहले कुछ जरूरी जांच कराता है। जांच के लिए मरीज लैब व सैंपल कलेक्शन सेंटर पर धक्के खाने को मजबूर हो रहे थे। कुछ को तो आपात स्थिति में निजी लैब का रुख करना पड़ रहा था। अब निदेशक ने कंपनी से संपर्क कर लैब में जरूरी किट व रिजेंट उपलब्ध करा दिया है। इससे लैब में सैंपल जांच का काम सुचारु हो गया है। अब यहां फिर सभी सभी तरह की जांच की जा रही है। वहीं पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग में पर्याप्त स्टाफ की मांग की गई है। अधिकारियों ने जल्दी ही स्टाफ मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।
पीजीआईएमएस एक बड़ा चिकित्सा संस्थान है। यहां रोजाना हजारों की संख्या में मरीज आते हैं। इनके लिए हर तरह की जरूरी व्यवस्था की गई है। मरीजों की जांच के लिए लैब में किट व रिजेंट भी उपलब्ध करा दिया गया है। संस्थान का प्रयास मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने का रहता है। फिलहाल व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।
विज्ञापन
- डॉ. एसएस लोहचब, निदेशक, पीजीआईएमएस
ओपीडी की लैब में होने वाली जांच का ब्योरा
पीजीआईएमएस की ओपीडी में 24 तरह की जांच सुविधा उपलब्ध है। ये सभी जांच संस्थान में की जा रही हैं। इसमें ब्लड शुगर, एसजीओटी, एसजीपीटी, एस कैल्शियम, एस फासफोरस, एस यूरिक एसिड, एस क्रिटेनिन, एस प्रोटीन, एस बिलिरूबिन टोटल, एस कोलेस्ट्रॉल, ब्लड यूरिया, मैग्नीशियम व अन्य जांच शामिल हैं। इसी तरह वार्डों के लिए 23, आपात विभाग के लिए 14 व ट्रामा सेंटर की लैब में 13 तरह की जांच किए जाने का दावा किया गया है।
विज्ञापन
रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस (स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान) में इलाज के लिए आने वाले हजारों मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। पिछले कई दिनों से रिजेंट व किट के अभाव में अटकी मरीजों के सैंपल की जांच का काम पटरी पर लौट आया है। किडनी, लिवर, विटामिन डी व थायराइड सरीखी जांच के लिए मरीजों की छह माह तक की वेटिंग चल रही थी। लैब में किट व रिजेंट आने से ये जांच सुचारु हो गई है। अमर उजाला ने इस संबंध में मरीजों की समस्या उठाते हुए 9 जून को समाचार प्रकाशित किया था।
पीजीआईएमएस की ओपीडी में रोजाना औसतन छह हजार से अधिक मरीज आते हैं। इनमें से करीब तीन हजार नए मरीज होते हैं। चिकित्सक इन मरीजों का इलाज करने से पहले कुछ जरूरी जांच कराता है। जांच के लिए मरीज लैब व सैंपल कलेक्शन सेंटर पर धक्के खाने को मजबूर हो रहे थे। कुछ को तो आपात स्थिति में निजी लैब का रुख करना पड़ रहा था। अब निदेशक ने कंपनी से संपर्क कर लैब में जरूरी किट व रिजेंट उपलब्ध करा दिया है। इससे लैब में सैंपल जांच का काम सुचारु हो गया है। अब यहां फिर सभी सभी तरह की जांच की जा रही है। वहीं पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग में पर्याप्त स्टाफ की मांग की गई है। अधिकारियों ने जल्दी ही स्टाफ मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
पीजीआईएमएस एक बड़ा चिकित्सा संस्थान है। यहां रोजाना हजारों की संख्या में मरीज आते हैं। इनके लिए हर तरह की जरूरी व्यवस्था की गई है। मरीजों की जांच के लिए लैब में किट व रिजेंट भी उपलब्ध करा दिया गया है। संस्थान का प्रयास मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने का रहता है। फिलहाल व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।
विज्ञापन
- डॉ. एसएस लोहचब, निदेशक, पीजीआईएमएस
ओपीडी की लैब में होने वाली जांच का ब्योरा
पीजीआईएमएस की ओपीडी में 24 तरह की जांच सुविधा उपलब्ध है। ये सभी जांच संस्थान में की जा रही हैं। इसमें ब्लड शुगर, एसजीओटी, एसजीपीटी, एस कैल्शियम, एस फासफोरस, एस यूरिक एसिड, एस क्रिटेनिन, एस प्रोटीन, एस बिलिरूबिन टोटल, एस कोलेस्ट्रॉल, ब्लड यूरिया, मैग्नीशियम व अन्य जांच शामिल हैं। इसी तरह वार्डों के लिए 23, आपात विभाग के लिए 14 व ट्रामा सेंटर की लैब में 13 तरह की जांच किए जाने का दावा किया गया है।