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Rohtak News: आज नाम दर्ज कराओ, छह माह बाद होगी जांच

Fri, 09 Jun 2023 02:34 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jun 2023 02:34 AM IST
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Register your name today, investigation will be done after six months
रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (पीजीआईएमएस) के नाम बड़े और दर्शन छोटे हो गए हैं।
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यहां दूर-दराज के इलाकों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को पिछले एक पखवाड़े से राहत नहीं मिल रही है। मरीजों को किडनी, लिवर समेत अनेक जांचों के लिए निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है। लैब में रिजेंट व जांच किट नहीं होने की वजह से ये जांच नहीं हो पा रही हैं। मरीजों को कल आना कहकर टरकाया जा रहा है। यही नहीं, विटामिन-डी व थायराइड की जांच के लिए भी पांच से छह महीने की वेटिंग चल रही है। इसके बाद ही इलाज शुरू होगा। इस बीच मरीज की हालत गंभीर बन सकती है। हालांकि संस्थान प्रबंधन ने जल्द ही समस्या के समाधान का दावा किया है।
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पीजीआईएमएस की ओपीडी रोजाना औसतन छह हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें से करीब तीन हजार नए मरीज होते हैं। चिकित्सक इन मरीजों का इलाज करने से पहले कुछ जरूरी जांच कराता है। इसके लिए वह मरीज को अपना परामर्श लिख देते हैं। इसके बाद मरीज लैब व सैंपल कलेक्शन सेंटर पर धक्के खाकर बाहर निजी लैब की ओर रुख कर लेता है। इसकी वजह संस्थान में मरीजों को जांच सुविधा मुहैया नहीं होना बताया गया है।
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केस 1:
ओपीडी में इलाज के लिए आए थे। यहां घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी जांच नहीं हुई। नंबर आने पर कहा, जांच बाहर से करा लो। यहां करानी है तो बाद में आना। गर्मी में लोग कई परेशानी उठा कर पीजीआईएमएस आते हैं। यहां भी राहत नहीं मिलती है।
मीना, झज्जर।
केस 2:
पीजीआईएमएस बड़ा अस्पताल है। यहां भी इलाज नहीं मिलेगा तो और कहां मिलेगा। मरीज मजबूरी में निजी लैब पर महंगी जांच कराने को विवश हैं। इसके बाद ही इलाज मिल पाता है। संस्थान की लैब में जांच नहीं हो रही है। इस कारण मरीज काफी परेशान हैं।
गीता कुमारी, दादरी
केस 3:
कई दिन से तबीयत खराब है। आराम नहीं मिलने पर यहां आया। डॉक्टर ने थायराइड जांच के लिए कहा। जांच कराने गया तो यहां लंबी कतार मिली। इसमें भी पांच से छह महीने की लंबी तारीख दी जा रही है। जब जांच छह महीने में होगी तो इलाज कब होगा।

मनोज, रेवाड़ी

वर्जन
संस्थान की लैब में कहां क्या गड़बड़ है, इस बारे में पता किया जाएगा। यदि कहीं कोई समस्या है तो जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा। मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- डॉ. एसएस लोहचब, निदेशक, पीजीआईएमएस
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