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Rohtak News: कोसली में 25 वर्ष से नहीं हुई रामलीला
Sun, 13 Oct 2024 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 13 Oct 2024 01:23 AM IST
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फोटो : 10रेवाड़ी। जानकारी देते हनुमान का रोल करने वाले शिवलाल गर्ग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। शहर में 25 वर्ष पहले दो स्थानों पर रामलीला का मंचन होता था लेकिन कलाकारों के अभाव में दोनों स्थानों पर रामलीला का मंचन बंद हो गया।
रामलीला का मंचन करने वाले कलाकारों में कुछ की नौकरी लग गई तो कोई दूसरे शहर में शिफ्ट हो गया। नए कलाकार नहीं तैयार हुए। परिणामस्वरूप कलाकारों के अभाव में रामलीला बंद कर दी गई। रामलीला मंचन के साथ रावण दहन भी बंद हो गया। रामलीला में 15 वर्ष तक हनुमान का किरदार निभाने वाले शिवलाल गर्ग बताते हैं कि कोसली में एक नहीं दो-दो रामलीला होती थी, लेकिन कलाकारों के अभाव में दोनों रामलीला बंद कर दी गई। इसके दो तीन वर्ष बाद फिर से रामलीला शुरू करने का प्रयास किया गया लेकिन कलाकार ना होने से सफलता नहीं मिली।
रामलीला में बालि की भूमिका निभाने वाले पं. मुंशीराम का कहना है कि रामलीला में कलाकारों का अभाव है। बाहर से कलाकार लाने में खर्च अधिक होता है। इसकी वजह से रामलीला का मंचन बंद करना पड़ा। इसके साथ ही कोसली शहर में रावण दहन भी बंद हो गया। जब रामलीला होती थी तो बड़ी संख्या में लोग देखने के लिए उमड़ते थे।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हुकम सिंह ने कोसली में दोबारा रामलीला मंचन शुरू कराने का प्रयास किया था। इसके बाद भी सफलता नहीं मिली। हुकम सिंह के प्रयास से दो-तीन साल रामलीला का मंचन हुआ लेकिन बाद में वह भी बंद हो गया।
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कोसली। शहर में 25 वर्ष पहले दो स्थानों पर रामलीला का मंचन होता था लेकिन कलाकारों के अभाव में दोनों स्थानों पर रामलीला का मंचन बंद हो गया।
रामलीला का मंचन करने वाले कलाकारों में कुछ की नौकरी लग गई तो कोई दूसरे शहर में शिफ्ट हो गया। नए कलाकार नहीं तैयार हुए। परिणामस्वरूप कलाकारों के अभाव में रामलीला बंद कर दी गई। रामलीला मंचन के साथ रावण दहन भी बंद हो गया। रामलीला में 15 वर्ष तक हनुमान का किरदार निभाने वाले शिवलाल गर्ग बताते हैं कि कोसली में एक नहीं दो-दो रामलीला होती थी, लेकिन कलाकारों के अभाव में दोनों रामलीला बंद कर दी गई। इसके दो तीन वर्ष बाद फिर से रामलीला शुरू करने का प्रयास किया गया लेकिन कलाकार ना होने से सफलता नहीं मिली।
रामलीला में बालि की भूमिका निभाने वाले पं. मुंशीराम का कहना है कि रामलीला में कलाकारों का अभाव है। बाहर से कलाकार लाने में खर्च अधिक होता है। इसकी वजह से रामलीला का मंचन बंद करना पड़ा। इसके साथ ही कोसली शहर में रावण दहन भी बंद हो गया। जब रामलीला होती थी तो बड़ी संख्या में लोग देखने के लिए उमड़ते थे।
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भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हुकम सिंह ने कोसली में दोबारा रामलीला मंचन शुरू कराने का प्रयास किया था। इसके बाद भी सफलता नहीं मिली। हुकम सिंह के प्रयास से दो-तीन साल रामलीला का मंचन हुआ लेकिन बाद में वह भी बंद हो गया।
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