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Rohtak News: मुआवजा राशि जारी करने सहित कई मांगें उठाईं
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रोहतक। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों के लंबित मुद्दों को लेकर शुक्रवार को किसानों ने उपायुक्त कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। राज्यपाल के नाम एसडीएम को मांगों का ज्ञापन सौंपा। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने की।
किसान सभा के जिला सचिव बलवान सिंह ने बताया कि सूखे और बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजे देने, बाजरे और धान की एमएसपी पर जल्द खरीद शुरू करने, मुआवजा राशि बढ़ाने, सूखे से बर्बाद फसलों की गिरदावरी करवाने, लंबित बीमा क्लेम जारी करवाने, 300 यूनिट फ्री बिजली देने सहित मांगें प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई हैं। जलभराव से जिन गावों में धान की फसल खराब हुई उनकी गिरदावरी में अब नुकसान कम दिखाया जा रहा है। जबकि दर्जनों गांवों में जलभराव से 100 प्रतिशत नुकसान है नुकसान कम दिखाने की वजह किसान मुआवजा पाने से वंचित होंगे।
इस अवसर पर ईश्वर रिठाल, महेंद्र, आनंद मोरखेड़ी, हरिओम मायना, कृष्ण, सतबीर, उमेद सिंह, रणबीर सिंह, रमेश खासा, कमान सिंह, राजेंद्र, वेदपाल, आशीष, कप्ताना, अजमेर आदि मौजूद रहे।
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प्रभावित गांवों में दोबारा से गिरदावरी के दिए आदेश
एसडीएम राकेश सैनी ने घिलोड़ कला, घिलोड़ खुर्द, रिठाल, मुंगान, किलोई आदि में दोबारा गिरदावरी करवाने के आदेश दिए है। प्रीत सिंह ने बताया कि जिन किसानों ने पिछली फसल का कॉपरेटिव बैंक और सीएससी से बीमा करवाया था उनका और रबी 2023 का बीमा क्लेम देने में बीमा कंपनी मनमानी कर रही है। बिना बिजाई के खाली रही कृषि भूमि का वर्ष 2021 से मुआवजा लंबित है। रबी 2022 का गेहूं की फसल ओलावृष्टि से बर्बाद हुई थी उसके मुआवजे बारे भी सरकार और प्रशासन कोई जवाब नहीं दे रहा है। इससे किसानों में काफी आक्रोश है ।
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किसान सभा के जिला सचिव बलवान सिंह ने बताया कि सूखे और बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजे देने, बाजरे और धान की एमएसपी पर जल्द खरीद शुरू करने, मुआवजा राशि बढ़ाने, सूखे से बर्बाद फसलों की गिरदावरी करवाने, लंबित बीमा क्लेम जारी करवाने, 300 यूनिट फ्री बिजली देने सहित मांगें प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई हैं। जलभराव से जिन गावों में धान की फसल खराब हुई उनकी गिरदावरी में अब नुकसान कम दिखाया जा रहा है। जबकि दर्जनों गांवों में जलभराव से 100 प्रतिशत नुकसान है नुकसान कम दिखाने की वजह किसान मुआवजा पाने से वंचित होंगे।
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इस अवसर पर ईश्वर रिठाल, महेंद्र, आनंद मोरखेड़ी, हरिओम मायना, कृष्ण, सतबीर, उमेद सिंह, रणबीर सिंह, रमेश खासा, कमान सिंह, राजेंद्र, वेदपाल, आशीष, कप्ताना, अजमेर आदि मौजूद रहे।
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प्रभावित गांवों में दोबारा से गिरदावरी के दिए आदेश
एसडीएम राकेश सैनी ने घिलोड़ कला, घिलोड़ खुर्द, रिठाल, मुंगान, किलोई आदि में दोबारा गिरदावरी करवाने के आदेश दिए है। प्रीत सिंह ने बताया कि जिन किसानों ने पिछली फसल का कॉपरेटिव बैंक और सीएससी से बीमा करवाया था उनका और रबी 2023 का बीमा क्लेम देने में बीमा कंपनी मनमानी कर रही है। बिना बिजाई के खाली रही कृषि भूमि का वर्ष 2021 से मुआवजा लंबित है। रबी 2022 का गेहूं की फसल ओलावृष्टि से बर्बाद हुई थी उसके मुआवजे बारे भी सरकार और प्रशासन कोई जवाब नहीं दे रहा है। इससे किसानों में काफी आक्रोश है ।