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Rohtak News: 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देने की उठाई मांग
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रोहतक।
ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान से आहत किसान सोमवार को मुआवजे की मांग लेकर लघु सचिवालय पहुंचे। यहां किसान सभा के अलावा समरगोपालपुर खुर्द, सुंदरपुर, भगवतीपुर, इंद्रगढ़, चांदी, बलियाना, खरेंटी, घरोंठी गांवों से भी किसानों के दल भी उपायुक्त से मिलकर मुआवजे के लिए गिरदावरी कराने व पोर्टल पर सीधे शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था बनाने की गुहार लगाने पहुंचे। लघुसचिवालय के गेट पर किसानों को पुलिस ने रोक दिया गया। इसके चलते प्रदर्शनकारियों ने वहीं सड़क पर बैठ कर जाम लगा दिया व रोष स्वरूप नारेबाजी की। जाम करीब तीन घंटे रहा। बाद में उपायुक्त ने उनसे मुलाकात कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान वापस लौटे।
किसान सभा के राज्य सचिव सुमित दलाल ने कहा कि किसानों को पोर्टल नहीं सीधे गिरदावरी करा कर फसलों के पूरे नुकसान की भरपाई की जाए। इसके लिए 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। जिले में 50 से ज्यादा गावों के किसानों की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। कुछ गांव तो शत प्रतिशत नुकसान वाले हैं। इसलिए किसान उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करने आए हैं। प्रदर्शन से पहले किसान मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। यहां से सभी सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। किसानों के लघुसचिवालय में प्रवेश करने के प्रयास पर पुलिस व किसानों के बीच कड़ी जोर आजमाइश हुई।
किसान सभा के राज्य सचिव ने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश, तूफान, ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों पूरी तरह तबाह कर दी है। ओलावृष्टि से गेहूं व सरसों शत प्रतिशत नुकसान हुआ है। फसलों बिछने व जलभराव से वह अब सड़ने और अंकुरित होने लगी है। मौसम ने किसान को भारी आर्थिक मार मारी है। उन्होंने कहा कि किसान पिछले चार साल से प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। पिछला मुआवजा भी अब तक वितरित नहीं हुआ है।
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इधर, संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि बेमौसमी बारिश, तूफान, ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के नुकसान की भरपाई, क्षतिपूर्ति पोर्टल और ऑनलाइन की अड़चनों को हटाते हुए अधिकारी गिरदावरी करें। गिरदावरी के लिए किसान को साथ लेकर खेतों में जाएं व किसान को उसका नुकसान दिखाया जाए। वर्तमान मुआवजा 15 हजार रुपये प्रति एकड़ है। इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ किया जाए। नुकसान का मुआवजा काश्तकार किसानों को दिया जाए। मुआवजा एक माह में देते हुए ऑनलाइन की बजाय किसानों को चैक से भुगतान किया जाए। फसल बर्बाद होने से चारे के प्रबंध के लिए नीति बनाई जाए।
प्रदर्शन में महम विधायक बलराज कुंडू, पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी के अलावा किसान सभा प्रधान प्रीत सिंह, बलवान सिंह, भारतीय किसान यूनियन के प्रधान रणधीर धामड़, बलबीर गिरावड़, गांधी टिटौली, भूप टोटोली, महेंद्र धामड, राय सिंह नेहरा, कमान खरक, राजबीर किलोई, बिरेंद्र चमारिया, जगबीर ताजामाजरा, राजवीर टिटोली, रामफल बलियाना, अशोक कान्ही, अनुज कान्ही, अनिल सरपंच घिलौड, वीरेंद्र घिलौड़, रामकिशन नौनांद, सोनू चमरिया, जगबीर, बलवान भरण, अशोक खरावड़, धर्मपाल मदीना, पवन रिठाल फोगाट, चांद सिंह, श्रीपाल समेत अनेक किसान मौजूद रहे।
10 गांवों में शत प्रतिशत नुकसान
किसानों ने उपायुक्त को पत्र लिखा है। इसमें मार्च में आए तूफान, बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि से जिले के लगभग सभी गावों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। यही नहीं, एक अप्रैल को जिके अनेक गांवों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। इसमें खरेंटी, चांदी, भगवतीपुर, गिरावड़, समरगोपालपुर, टिटोली, खेड़ी साध, कारौर, पहरावर, कन्हेली में ओलावृष्टि से शत प्रतिशत नुकसान हुआ है।
अधिकारी फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट करें तैयार
उपायुक्त डॉ. यशपाल ने साेमवार को अपने कैंप कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम एक गांव में जाकर ओलावृष्टि व बेमौसमी बारिश से फसलों में हुए नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए। अधिकारी मैनुअल गिरदावरी में यह सुनिश्चित करें कि फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट तैयार की जाए व किसानों को भी इस बारे में सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी मंगलवार से खेतों में जाकर फसलों में हुए नुकसान का जायजा लें व किसानों को आश्वस्त करें कि जिला प्रशासन पारदर्शी तरीके से फसलों के नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट सरकार को निर्धारित अवधि में भेज दी जाएगी। किसी भी प्रभावित किसान को मुआवजे से वंचित नहीं रहने दिया जायेगा।
उपायुक्त ने उपतहसील एवं तहसील अनुसार फसलों को हुए नुकसान की संबंधित अधिकारियों से प्राथमिक रिपोर्ट ली व क्षतिपूर्ति पोर्टल पर विवरण दर्ज कवाने वाले किसानों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव में मुनादी करा कर गिरदावरी की पूर्व सूचना लोगों को दें, ताकि वे मौके पर रहकर अपनी फसलों के नुकसान का आंकलन करा सकें। अधिकारी किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का हर बार पंजीकरण कराने के लिए भी प्रोत्साहित करें, ताकि किसी प्राकृतिक आपदा के समय उन्हें असुविधा न हो।
राजस्व विभाग, कृषि विभाग व विकास एवं पंचायत विभाग मिलकर फसलों के नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट तैयार कराए, ताकि सरकार के निर्देशानुसार 15 अप्रैल तक रिपोर्ट भिजवाई जा सके। गिरदावरी में एक समान मापदंड अपनाएं। फसलों के नुकसान का सही आंकलन पोर्टल पर तुरंत दर्ज कराएं। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, उपमंडलाधीश राकेश कुमार सैनी, सुभाष चंद्र जून, दलबीर सिंह फौगाट, नगराधीश मोहित महराना, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र शर्मा, कृषि उपनिदेशक डॉ. महाबीर सिंह, तहसीलदार मनोज कुमार, गुलाब सिंह, मदन लाल, नायब तहसीलदार बंसी लाल, दीपक, मुकुल कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान से आहत किसान सोमवार को मुआवजे की मांग लेकर लघु सचिवालय पहुंचे। यहां किसान सभा के अलावा समरगोपालपुर खुर्द, सुंदरपुर, भगवतीपुर, इंद्रगढ़, चांदी, बलियाना, खरेंटी, घरोंठी गांवों से भी किसानों के दल भी उपायुक्त से मिलकर मुआवजे के लिए गिरदावरी कराने व पोर्टल पर सीधे शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था बनाने की गुहार लगाने पहुंचे। लघुसचिवालय के गेट पर किसानों को पुलिस ने रोक दिया गया। इसके चलते प्रदर्शनकारियों ने वहीं सड़क पर बैठ कर जाम लगा दिया व रोष स्वरूप नारेबाजी की। जाम करीब तीन घंटे रहा। बाद में उपायुक्त ने उनसे मुलाकात कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान वापस लौटे।
किसान सभा के राज्य सचिव सुमित दलाल ने कहा कि किसानों को पोर्टल नहीं सीधे गिरदावरी करा कर फसलों के पूरे नुकसान की भरपाई की जाए। इसके लिए 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। जिले में 50 से ज्यादा गावों के किसानों की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। कुछ गांव तो शत प्रतिशत नुकसान वाले हैं। इसलिए किसान उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करने आए हैं। प्रदर्शन से पहले किसान मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। यहां से सभी सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। किसानों के लघुसचिवालय में प्रवेश करने के प्रयास पर पुलिस व किसानों के बीच कड़ी जोर आजमाइश हुई।
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किसान सभा के राज्य सचिव ने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश, तूफान, ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों पूरी तरह तबाह कर दी है। ओलावृष्टि से गेहूं व सरसों शत प्रतिशत नुकसान हुआ है। फसलों बिछने व जलभराव से वह अब सड़ने और अंकुरित होने लगी है। मौसम ने किसान को भारी आर्थिक मार मारी है। उन्होंने कहा कि किसान पिछले चार साल से प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। पिछला मुआवजा भी अब तक वितरित नहीं हुआ है।
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इधर, संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि बेमौसमी बारिश, तूफान, ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के नुकसान की भरपाई, क्षतिपूर्ति पोर्टल और ऑनलाइन की अड़चनों को हटाते हुए अधिकारी गिरदावरी करें। गिरदावरी के लिए किसान को साथ लेकर खेतों में जाएं व किसान को उसका नुकसान दिखाया जाए। वर्तमान मुआवजा 15 हजार रुपये प्रति एकड़ है। इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ किया जाए। नुकसान का मुआवजा काश्तकार किसानों को दिया जाए। मुआवजा एक माह में देते हुए ऑनलाइन की बजाय किसानों को चैक से भुगतान किया जाए। फसल बर्बाद होने से चारे के प्रबंध के लिए नीति बनाई जाए।
प्रदर्शन में महम विधायक बलराज कुंडू, पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी के अलावा किसान सभा प्रधान प्रीत सिंह, बलवान सिंह, भारतीय किसान यूनियन के प्रधान रणधीर धामड़, बलबीर गिरावड़, गांधी टिटौली, भूप टोटोली, महेंद्र धामड, राय सिंह नेहरा, कमान खरक, राजबीर किलोई, बिरेंद्र चमारिया, जगबीर ताजामाजरा, राजवीर टिटोली, रामफल बलियाना, अशोक कान्ही, अनुज कान्ही, अनिल सरपंच घिलौड, वीरेंद्र घिलौड़, रामकिशन नौनांद, सोनू चमरिया, जगबीर, बलवान भरण, अशोक खरावड़, धर्मपाल मदीना, पवन रिठाल फोगाट, चांद सिंह, श्रीपाल समेत अनेक किसान मौजूद रहे।
10 गांवों में शत प्रतिशत नुकसान
किसानों ने उपायुक्त को पत्र लिखा है। इसमें मार्च में आए तूफान, बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि से जिले के लगभग सभी गावों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। यही नहीं, एक अप्रैल को जिके अनेक गांवों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। इसमें खरेंटी, चांदी, भगवतीपुर, गिरावड़, समरगोपालपुर, टिटोली, खेड़ी साध, कारौर, पहरावर, कन्हेली में ओलावृष्टि से शत प्रतिशत नुकसान हुआ है।
अधिकारी फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट करें तैयार
उपायुक्त डॉ. यशपाल ने साेमवार को अपने कैंप कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम एक गांव में जाकर ओलावृष्टि व बेमौसमी बारिश से फसलों में हुए नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए। अधिकारी मैनुअल गिरदावरी में यह सुनिश्चित करें कि फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट तैयार की जाए व किसानों को भी इस बारे में सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी मंगलवार से खेतों में जाकर फसलों में हुए नुकसान का जायजा लें व किसानों को आश्वस्त करें कि जिला प्रशासन पारदर्शी तरीके से फसलों के नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट सरकार को निर्धारित अवधि में भेज दी जाएगी। किसी भी प्रभावित किसान को मुआवजे से वंचित नहीं रहने दिया जायेगा।
उपायुक्त ने उपतहसील एवं तहसील अनुसार फसलों को हुए नुकसान की संबंधित अधिकारियों से प्राथमिक रिपोर्ट ली व क्षतिपूर्ति पोर्टल पर विवरण दर्ज कवाने वाले किसानों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव में मुनादी करा कर गिरदावरी की पूर्व सूचना लोगों को दें, ताकि वे मौके पर रहकर अपनी फसलों के नुकसान का आंकलन करा सकें। अधिकारी किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का हर बार पंजीकरण कराने के लिए भी प्रोत्साहित करें, ताकि किसी प्राकृतिक आपदा के समय उन्हें असुविधा न हो।
राजस्व विभाग, कृषि विभाग व विकास एवं पंचायत विभाग मिलकर फसलों के नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट तैयार कराए, ताकि सरकार के निर्देशानुसार 15 अप्रैल तक रिपोर्ट भिजवाई जा सके। गिरदावरी में एक समान मापदंड अपनाएं। फसलों के नुकसान का सही आंकलन पोर्टल पर तुरंत दर्ज कराएं। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, उपमंडलाधीश राकेश कुमार सैनी, सुभाष चंद्र जून, दलबीर सिंह फौगाट, नगराधीश मोहित महराना, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र शर्मा, कृषि उपनिदेशक डॉ. महाबीर सिंह, तहसीलदार मनोज कुमार, गुलाब सिंह, मदन लाल, नायब तहसीलदार बंसी लाल, दीपक, मुकुल कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।