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कचरे से अटे हैं बरसाती नाले, कहीं बन न जाए बाढ़ के हालात : सुशील गुप्ता
Fri, 14 Jun 2024 04:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 14 Jun 2024 04:58 AM IST
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रोहतक। हरियाणा में पिछले साल बाढ़ आई। इसमें हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। अनेक मकान डूब गए। जानमाल का भारी नुकसान हुआ। भीषण बाढ़ से सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। जहां बाढ़ का कहर बरपा, वहां अब भी तटबंध कमजोर हैं। साइफन घास-फूस अटा पड़ा है।
शहर में भी बारिश के पानी की निकासी की तैयारी नहीं है। नाले जाम हैं। ऐसे में बाढ़ के हालात बनने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह कहना है आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता का। वह वीरवार को पार्टी के सोनीपत रोड स्थित जोनल कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
गुप्ता ने कहा कि 29 जून से मानसून आ जाएगा। अब तक बारिश के पानी की निकासी या बाढ़ से बचाव की कोई तैयारी नहीं की गई है। प्रदेश में पिछले साल जुलाई में यमुना, घग्गर, मारकंडा और सरस्वती नदी ने कहर बरपाया था। हजारों एकड़ फसल तबाह हुई थी। इस भीषण बाढ़ को एक साल बीतने को है, लेकिन हालात में बदलाव नहीं हुआ है। सरकार वादों के बजाय जमीनी स्तर पर काम करती तो पानी से होने वाली तबाही रोकने के लिए कुछ किया जाता। जिले में 13 ड्रेनों की सफाई का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। मानसून के मात्र 15 दिन बचे हैं। सरकार व प्रशासन युद्ध स्तर पर इन तटबंधों की रक्षा करे। डॉ. सुशील गुप्ता के साथ संगठन मंत्री अश्विनी दुल्हेड़ा, जिला अध्यक्ष बिजेंद्र हुड्डा, राजेंद्र शर्मा, रविंद्र मटरू, रणदीप राणा, कविता शर्मा और शिव मोहन गुप्ता भी मौजूद रहे।
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शहर में भी बारिश के पानी की निकासी की तैयारी नहीं है। नाले जाम हैं। ऐसे में बाढ़ के हालात बनने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह कहना है आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता का। वह वीरवार को पार्टी के सोनीपत रोड स्थित जोनल कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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गुप्ता ने कहा कि 29 जून से मानसून आ जाएगा। अब तक बारिश के पानी की निकासी या बाढ़ से बचाव की कोई तैयारी नहीं की गई है। प्रदेश में पिछले साल जुलाई में यमुना, घग्गर, मारकंडा और सरस्वती नदी ने कहर बरपाया था। हजारों एकड़ फसल तबाह हुई थी। इस भीषण बाढ़ को एक साल बीतने को है, लेकिन हालात में बदलाव नहीं हुआ है। सरकार वादों के बजाय जमीनी स्तर पर काम करती तो पानी से होने वाली तबाही रोकने के लिए कुछ किया जाता। जिले में 13 ड्रेनों की सफाई का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। मानसून के मात्र 15 दिन बचे हैं। सरकार व प्रशासन युद्ध स्तर पर इन तटबंधों की रक्षा करे। डॉ. सुशील गुप्ता के साथ संगठन मंत्री अश्विनी दुल्हेड़ा, जिला अध्यक्ष बिजेंद्र हुड्डा, राजेंद्र शर्मा, रविंद्र मटरू, रणदीप राणा, कविता शर्मा और शिव मोहन गुप्ता भी मौजूद रहे।
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