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Rohtak News: देहदान कर दूसरों के लिए मिसाल बनीं पुष्पावंती
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36 दिवंगत पुष्पावंती को प्रणाम करते पीजीआई निदेशक डॉ एसके सिंघल।35
रोहतक। 82 वर्षीय गांधीनगर निवासी पुष्पावंती जीते हुए तो मानवता की सेवा के लिए कार्य करती रहीं। मरने के बाद भी देहदान करके मिसाल कायम कर गईं। बुधवार को परिवार ने मरणोपरांत उनका शरीर पीजीआई के एनाटॉमी विभाग को दान किया।
निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने परिजनों को एक पौधा भेंट किया। दिवंगत पुष्पावंती के बेटे नरेश व पोते हेमंत ने मां की इच्छा पूरी करने के लिए शरीर दान कराया है।
दिवंगत पुष्पावंती के बेटे नरेश कुमार ने बताया कि वह धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। वह समाज की भलाई के लिए प्रयासरत रही। उनकी माता एक वर्ष से यही चाहती थीं कि मृत्यु के पश्चात उनका शरीर पीजीआई छात्रों की रिसर्च के लिए दान दिया जाए। पोते हेमंत ने कहा कि उनकी दादी से अन्य लोगों ने भी प्रेरणा ली है। यह जल्द ही अंगदान और देहदान का फॉर्म भरेंगे।
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डॉ. संजय गुप्ता ने आमजन से ऐसे कार्यों के लिए आगे की अपील की। इस दौरान डाॅ. विवेक मलिक, डॉ संजय गुप्ता, डॉ. उषा, डॉ. पारस , डॉ. अलेक्स , डॉ. महिमा, डॉ. संजय, डॉ. मुजाहिद व अन्य मौजूद रहे। संवाद
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निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने परिजनों को एक पौधा भेंट किया। दिवंगत पुष्पावंती के बेटे नरेश व पोते हेमंत ने मां की इच्छा पूरी करने के लिए शरीर दान कराया है।
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दिवंगत पुष्पावंती के बेटे नरेश कुमार ने बताया कि वह धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। वह समाज की भलाई के लिए प्रयासरत रही। उनकी माता एक वर्ष से यही चाहती थीं कि मृत्यु के पश्चात उनका शरीर पीजीआई छात्रों की रिसर्च के लिए दान दिया जाए। पोते हेमंत ने कहा कि उनकी दादी से अन्य लोगों ने भी प्रेरणा ली है। यह जल्द ही अंगदान और देहदान का फॉर्म भरेंगे।
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डॉ. संजय गुप्ता ने आमजन से ऐसे कार्यों के लिए आगे की अपील की। इस दौरान डाॅ. विवेक मलिक, डॉ संजय गुप्ता, डॉ. उषा, डॉ. पारस , डॉ. अलेक्स , डॉ. महिमा, डॉ. संजय, डॉ. मुजाहिद व अन्य मौजूद रहे। संवाद