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Rohtak News: मिथिला आर्ट्स से जीवन में रंग भर रहीं पुष्पलता
Tue, 14 Oct 2025 02:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 14 Oct 2025 02:43 AM IST
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29 मिथिला आर्ट्स के बाद स्टाल में रखे कपड़ाें को देखती पुष्पलता । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। शहर के देव कॉलोनी की पुष्पलता ने अपने हुनर से जिंदगी में नई राह बना ली है। मिथिला आर्ट्स के जरिए पुष्पलता अपने जीवन में रंग भर रही हैं। मिथिला आर्ट्स को अपनाकर पुष्पलता ने न अपनी खुुद की पहचान बनाई बल्कि दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने की राह दिखाई है।
12वीं पास पुष्पलता मूलरूप से बिहार की रहने वाली हैं। पिछले करीब 29 साल से रोहतक में परिवार के साथ रह रही हैं। पुष्पलता बताती हैं कि उनको बचपन से ही उन्हें कला का शौक था। मिथिला आर्ट्स उन्होंने अपनी मां सुधा से सीखी थी। अब यह आर्ट्स उनके लिए स्वरोजगार का जरिया बन गई है।
मिथिला आर्ट्स के तहत वे मधुबनी पेंटिंग कपड़ों पर करती हैं। इसके अलावा कागज व दीवार पर भी की जाती है। जिसकी बिहार के लोगों में विशेष मांग रहती है। मिथिला आर्ट्स के जरिए वे अपना भविष्य संवार रही हैं।
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2019 में बनाया स्वयं सहायता समूह
पुष्पलता ने वर्ष 2019 में एंजल नाम से स्वयं सहायता समूह बनाया। इस समूह में कल्पना दास, संगीता, सरिता, रानी, जूली, रानी वर्मा, बेबी, पिंकी व शिखा शामिल हैं। सभी महिलाएं बिहार से हैं। इनमें ज्यादातर 10वीं पास हैं। पुष्पलता समूह की प्रधान हैं। इनमें से काेई पेपर मैशिंग करती हैं तो कोई धागे से कढ़ाई करती हैं। उनके ग्रुप की ओर से हिसार, अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद व दिल्ली में प्रदर्शनी भी लगाई जाती हैं। अधिकारियों की ओर से उनको सम्मानित भी किया गया है। नगर निगम की ओर से उनके समूह का नया बस स्टैंड के पास स्टॉल भी अलॉट किया गया है।
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रोहतक। शहर के देव कॉलोनी की पुष्पलता ने अपने हुनर से जिंदगी में नई राह बना ली है। मिथिला आर्ट्स के जरिए पुष्पलता अपने जीवन में रंग भर रही हैं। मिथिला आर्ट्स को अपनाकर पुष्पलता ने न अपनी खुुद की पहचान बनाई बल्कि दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने की राह दिखाई है।
12वीं पास पुष्पलता मूलरूप से बिहार की रहने वाली हैं। पिछले करीब 29 साल से रोहतक में परिवार के साथ रह रही हैं। पुष्पलता बताती हैं कि उनको बचपन से ही उन्हें कला का शौक था। मिथिला आर्ट्स उन्होंने अपनी मां सुधा से सीखी थी। अब यह आर्ट्स उनके लिए स्वरोजगार का जरिया बन गई है।
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मिथिला आर्ट्स के तहत वे मधुबनी पेंटिंग कपड़ों पर करती हैं। इसके अलावा कागज व दीवार पर भी की जाती है। जिसकी बिहार के लोगों में विशेष मांग रहती है। मिथिला आर्ट्स के जरिए वे अपना भविष्य संवार रही हैं।
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2019 में बनाया स्वयं सहायता समूह
पुष्पलता ने वर्ष 2019 में एंजल नाम से स्वयं सहायता समूह बनाया। इस समूह में कल्पना दास, संगीता, सरिता, रानी, जूली, रानी वर्मा, बेबी, पिंकी व शिखा शामिल हैं। सभी महिलाएं बिहार से हैं। इनमें ज्यादातर 10वीं पास हैं। पुष्पलता समूह की प्रधान हैं। इनमें से काेई पेपर मैशिंग करती हैं तो कोई धागे से कढ़ाई करती हैं। उनके ग्रुप की ओर से हिसार, अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद व दिल्ली में प्रदर्शनी भी लगाई जाती हैं। अधिकारियों की ओर से उनको सम्मानित भी किया गया है। नगर निगम की ओर से उनके समूह का नया बस स्टैंड के पास स्टॉल भी अलॉट किया गया है।