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मनोविज्ञान की छात्रा ने हॉस्टल में की आत्महत्या
रोहतक
Updated Thu, 18 Sep 2014 02:46 AM IST
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एमडीयू हॉस्टल में बुधवार को हेल्थ विवि के मनोविज्ञान विभाग की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा ने पहले ब्लेड से बाएं हाथ की नस काटी फिर चुन्नी से फंदा लगा लिया। शाम 4 बजे उसकी रूममेट कमरे में पहुंची तो घटना का खुलासा हुआ। छात्रा का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। पीजीआई थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सुसाइड नोट नहीं मिलने से अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग पाया है। एमडीयू के कृष्णा हॉस्टल के 26 नंबर कमरे में गाजियाबाद के मोहन नगर निवासी रीना राय और करनाल की एक छात्रा रहती थीं। रीना राय पंडित बी. डी. शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मनोरोग विभाग में एमफिल प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
बुधवार को रीना क्लास में नहीं गई। शाम चार बजे उसकी रूममेट वापस कमरे में आई तो रीना को फंदे पर झूलता हुआ पाया। रीना ने अपनी चुन्नी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। छात्रा ने तुरंत हॉस्टल वार्डन को सूचना दी। हेल्थ विवि प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई। डीएसपी ओमप्रकाश और पीजीआई थाना प्रभारी एमआई खान मौके पर पहुंचे।
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फोरेंसिक जांच एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया को मौके पर बुलाया गया।
पहले काटी हाथ की नस - रीना ने आत्महत्या करने के लिए पहले ब्लेड से अपने बाएं हाथ की नस काटी। उसके बाद उसने फांसी का फंदा लगाया। हाथ की नस काटे जाने के कारण पूरे बेड पर खून बिखर गया। फंदे पर लटकने से दोनों हाथों की मुट्ठियां भी बंद हो गई थीं।
परिजनों ने दो घंटे नहीं उठाया फोन - हेल्थ विवि प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रा के परिजनों को पहली बार चार बजे फोन मिलाया। परिजनों के तीन नंबर हॉस्टल प्रबंधन के पास थे। लेकिन तीनों में से किसी ने भी फोन नहीं उठाया। दो घंटे तक लगातार फोन करने के बाद शाम छह बजे एक परिजन ने फोन उठाया तो घटना की सूचना दी गई।
तीन दिन से शाम को नहीं खाया खाना - पुलिस जांच में सामने आया है कि तीन-चार दिन से रीना बहुत तनाव में थी। वह पूरा दिन गुमसुम रहती और तीन दिन से उसने शाम को खाना भी नहीं खाया। हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि वह तीन-चार दिन से ढंग से पढ़ भी नहीं पा रही थी। उससे कई बार पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया।
लैपटॉप और मोबाइल से हो सकता है खुलासा - छात्रा के कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अब पुलिस छात्रा के लैपटॉप और मोबाइल की गहनता से जांच करेगी। उसके वॉटस ऐप व फेसबुक एकाउंट की जांच भी की जाएगी। वह किस कारण तनाव में थी, यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस ने छात्रा के मोबाइल व लैपटॉप को कब्जे में ले लिया है।
हॉस्टल में कुछ कमरे में रहती हैं हेल्थ विवि की छात्राएं - बता दें कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कृष्णा हॉस्टल के कुछ कमरे हेल्थ विवि को दिए गए हैं। यहां हेल्थ विवि के मनोविज्ञान विभाग और दूसरे विभागों की छात्राएं रह रही हैं।
पीजीआईएमएस थाना, रोहतक के एसएचओ एमआई खान ने बताया कि एमफिल की छात्रा ने कृष्णा हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की है। जांच के लिए टीम गई थी। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। परिजनों को फोन पर सूचना दे दी गई है। अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच की जा रही है।
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सुसाइड नोट नहीं मिलने से अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग पाया है। एमडीयू के कृष्णा हॉस्टल के 26 नंबर कमरे में गाजियाबाद के मोहन नगर निवासी रीना राय और करनाल की एक छात्रा रहती थीं। रीना राय पंडित बी. डी. शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मनोरोग विभाग में एमफिल प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
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बुधवार को रीना क्लास में नहीं गई। शाम चार बजे उसकी रूममेट वापस कमरे में आई तो रीना को फंदे पर झूलता हुआ पाया। रीना ने अपनी चुन्नी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। छात्रा ने तुरंत हॉस्टल वार्डन को सूचना दी। हेल्थ विवि प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई। डीएसपी ओमप्रकाश और पीजीआई थाना प्रभारी एमआई खान मौके पर पहुंचे।
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फोरेंसिक जांच एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया को मौके पर बुलाया गया।
पहले काटी हाथ की नस - रीना ने आत्महत्या करने के लिए पहले ब्लेड से अपने बाएं हाथ की नस काटी। उसके बाद उसने फांसी का फंदा लगाया। हाथ की नस काटे जाने के कारण पूरे बेड पर खून बिखर गया। फंदे पर लटकने से दोनों हाथों की मुट्ठियां भी बंद हो गई थीं।
परिजनों ने दो घंटे नहीं उठाया फोन - हेल्थ विवि प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रा के परिजनों को पहली बार चार बजे फोन मिलाया। परिजनों के तीन नंबर हॉस्टल प्रबंधन के पास थे। लेकिन तीनों में से किसी ने भी फोन नहीं उठाया। दो घंटे तक लगातार फोन करने के बाद शाम छह बजे एक परिजन ने फोन उठाया तो घटना की सूचना दी गई।
तीन दिन से शाम को नहीं खाया खाना - पुलिस जांच में सामने आया है कि तीन-चार दिन से रीना बहुत तनाव में थी। वह पूरा दिन गुमसुम रहती और तीन दिन से उसने शाम को खाना भी नहीं खाया। हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि वह तीन-चार दिन से ढंग से पढ़ भी नहीं पा रही थी। उससे कई बार पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया।
लैपटॉप और मोबाइल से हो सकता है खुलासा - छात्रा के कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अब पुलिस छात्रा के लैपटॉप और मोबाइल की गहनता से जांच करेगी। उसके वॉटस ऐप व फेसबुक एकाउंट की जांच भी की जाएगी। वह किस कारण तनाव में थी, यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस ने छात्रा के मोबाइल व लैपटॉप को कब्जे में ले लिया है।
हॉस्टल में कुछ कमरे में रहती हैं हेल्थ विवि की छात्राएं - बता दें कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कृष्णा हॉस्टल के कुछ कमरे हेल्थ विवि को दिए गए हैं। यहां हेल्थ विवि के मनोविज्ञान विभाग और दूसरे विभागों की छात्राएं रह रही हैं।
पीजीआईएमएस थाना, रोहतक के एसएचओ एमआई खान ने बताया कि एमफिल की छात्रा ने कृष्णा हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की है। जांच के लिए टीम गई थी। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। परिजनों को फोन पर सूचना दे दी गई है। अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच की जा रही है।