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मनोवैज्ञानिक विद्यार्थियों को अवसाद से उबारेंगे, डीएचई ने लांच की दो एप
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रोहतक। डीएचई की वेबसाइट पर दर्शाया गया विद्यार्थियों की काउंसिलिंग का प्लान।
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। लॉकडाउन के चलते घरों में बैठे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। उन्हें अवसाद या तनाव से उबारने के लिए डीएचई (डायरेक्टर हायर एजूकेशन) व सरकार ने कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के मनोवैज्ञानिक ऑनलाइन संपर्क कर उनकी शंकाओं व समस्याओं का समाधान करेंगे। इसके लिए वीरवार दोपहर बाद हुई अधिकारियों की बैठक में दो एप भी लांच किए गए हैं। यही नहीं विभाग ने एक हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया है। विद्यार्थी इस पर अपनी समस्या के समाधान को लेकर संपर्क कर सकता है।
योर दोस्त व टच बेस एप किए लांच
वीरवार को डीएचई की दूसरे दिन भी प्रदेश के मनोविज्ञान शिक्षकों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक, उप निदेशक, सह निदेशक के अलावा शिक्षा मंत्री कंवर पाल व प्रदेश के 180 से अधिक मनोवैज्ञानिक शामिल रहे। यहां योर दोस्त व टच बेस दो एप भी लांच किए गए।
एप के जरिए रुबरू होंगे शिक्षक व विद्यार्थी
योर दोस्त व टच बेस एप पर शिक्षकों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। अब विद्यार्थियों का भी पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद एप के जरिए मनोवैज्ञानिक व विद्यार्थी एक दूसरे रूबरू होंगे। विद्यार्थियों की समस्या जानकर मनोवैज्ञानिक उनका समाधान सुझाएंगे।
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डीएचई के साथ वीरवार को दूसरे दिन भी ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें लॉकडाउन के चलते घरों में बैठे तनाव या अवसाद से घिरे प्रदेश के युवाओं को उबारने पर चर्चा हुई। युवाओं को नकारात्मकता से निकालने को लेकर बड़ा व सराहनीय कदम उठाने का फैसला लिया जाएगा। इसके लिए उनकी ऑनलाइन काउंसिलिंग की जाएगी।
डॉ. दिनेश सिंह, सहायक प्राध्यापक, नेकीराम कॉलेज।
सरकार व डीएचई ने युवाओं की चिंता का समाधान करने के लिए उनकी काउंसिलिंग का फैसला लिया है। इसके लिए दो एप भी लांच किए गए हैं। इस काम को अंजाम देने के लिए कॉलेजों व विवि के मनोवैज्ञानिकों की टीम बनाई है। यह टीम विद्यार्थियों से संपर्क करेगी।
प्रो. नवरतन शर्मा, मनोविज्ञान विभाग एमडीयू।
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योर दोस्त व टच बेस एप किए लांच
वीरवार को डीएचई की दूसरे दिन भी प्रदेश के मनोविज्ञान शिक्षकों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक, उप निदेशक, सह निदेशक के अलावा शिक्षा मंत्री कंवर पाल व प्रदेश के 180 से अधिक मनोवैज्ञानिक शामिल रहे। यहां योर दोस्त व टच बेस दो एप भी लांच किए गए।
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एप के जरिए रुबरू होंगे शिक्षक व विद्यार्थी
योर दोस्त व टच बेस एप पर शिक्षकों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। अब विद्यार्थियों का भी पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद एप के जरिए मनोवैज्ञानिक व विद्यार्थी एक दूसरे रूबरू होंगे। विद्यार्थियों की समस्या जानकर मनोवैज्ञानिक उनका समाधान सुझाएंगे।
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डीएचई के साथ वीरवार को दूसरे दिन भी ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें लॉकडाउन के चलते घरों में बैठे तनाव या अवसाद से घिरे प्रदेश के युवाओं को उबारने पर चर्चा हुई। युवाओं को नकारात्मकता से निकालने को लेकर बड़ा व सराहनीय कदम उठाने का फैसला लिया जाएगा। इसके लिए उनकी ऑनलाइन काउंसिलिंग की जाएगी।
डॉ. दिनेश सिंह, सहायक प्राध्यापक, नेकीराम कॉलेज।
सरकार व डीएचई ने युवाओं की चिंता का समाधान करने के लिए उनकी काउंसिलिंग का फैसला लिया है। इसके लिए दो एप भी लांच किए गए हैं। इस काम को अंजाम देने के लिए कॉलेजों व विवि के मनोवैज्ञानिकों की टीम बनाई है। यह टीम विद्यार्थियों से संपर्क करेगी।
प्रो. नवरतन शर्मा, मनोविज्ञान विभाग एमडीयू।