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Rohtak News: विस्थापितों को मुआवजा देने का प्रस्ताव नामंजूर

Sun, 28 May 2023 02:22 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 28 May 2023 02:22 AM IST
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Proposal to give compensation to the displaced rejected
रोहतक। एलिवेटेड ट्रैक के विस्थापितों को 15 गज जमीन का मुआवजा देने के प्रस्ताव को मुख्यालय ने हरी झंडी देने से इनकार कर दिया है। क्योंकि इसमें रेलवे की जमीन भी आ रही है।
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नगर निगम प्रशासन ने पार्षदों के सामने नया प्रस्ताव रखा है, जिसमें दुकानदारों को दो हजार रुपये प्रति वर्ग गज छूट देना है। इस प्रस्ताव पर वित्त कमेटी के पांच में से चार सदस्यों ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है। अब हाउस की बैठक बुलाने की तैयारी चल रही है।
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रोहतक-पानीपत वाया गोहाना रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजरती है। इसके चलते अकसर बजरंग भवन व शीला बाईपास के नजदीक फाटक बंद होने से सिविल रोड व बस स्टैंड रोड पर जाम की स्थिति रहती थी। वर्ष 2017 में रेलवे ने राज्य सरकार के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन से लेकर राजीव गांधी स्टेडियम तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाया था। इसके लिए गांधी कैंप के 37 लोगों की दुकानें तोड़ी थीं। सरकार ने पावर हाउस चौक के नजदीक 57 दुकानें बनाकर दी हैं। साथ ही पीजीआई की जमीन लेकर घरों के लिए जमीन देने की तैयारी है। पावर हाउस चौक पर दुकानें वर्ष 2022 में बनकर तैयार हो गई थीं, लेकिन अभी तक आवंटित नहीं की गई हैं।
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यूं फंस रहा मुआवजे का पेंच
नगर निगम ने दुकानदारों की जमीन का अधिग्रहण किया तो किसी की 12 से 15 गज जमीन ली गई थी। जांच में पता चला कि जिस जमीन की रजिस्ट्री दुकानदार दे रहे हैं, उसमें रेलवे की जमीन भी बताई जा रही है। दुकानदारों व निगम के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी थी कि दुकानों की जमीन 15 गज तक मानी जाएगी। इस प्रस्ताव को मुख्यालय भेजा गया, लेकिन मुख्यालय ने रेलवे की जमीन का मुआवाज देने से इंकार कर दिया। अब नया प्रस्ताव भेजा गया है कि विवेका नंद कॉम्प्लैक्स में दुकानदारों को दो हजार रुपये प्रति गज की छूट दी जाए। इस प्रस्ताव को नगर निगम प्रशासन ने वित्त कमेटी के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा, लेकिन कमेटी के बीच सर्वसम्मति नहीं बन रही है।

नए प्रस्ताव पर पार्षद हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मैं कैसे हस्ताक्षर कर सकता हूं। वित्त कमेटी की बैठक के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर हाउस की बैठक भी बुलाई जाएगी। 12 जून तक ट्रेनिंग पर गए निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा वापस आ जाएंगे।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम

विस्थापितों को पांच साल भी राहत नहीं मिली है। दो हजार रुपये प्रति गज छूट देने की बजाए विस्थापितों को पूरी दुकानें दी जाएं। नए प्रस्ताव पर वे हस्ताक्षर नहीं करेंगे।
अशोक खुराना, प्रतिनिधि महिला पार्षद कंचन खुराना

वित्त कमेटी में पांच सदस्य हैं। इसमें मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजू सहगल, डिप्टी मेयर अनिल, वार्ड एक के पार्षद कृष्ण सहरावत व वार्ड 13 की पार्षद कंचन खुराना हैं। उनके पास यह प्रस्ताव नहीं आया है। जरूरत पड़ने पर सर्वसम्मति बनाने का प्रयास करेंगे।

अनिल कुमार, डिप्टी मेयर, नगर निगम

फरवरी के बाद हाउस की बैठक नहीं हुई, पर्दे के पीछे भेजे जा रहे प्रस्ताव
नगर निगम हाउस की फरवरी माह में हुई बैठक में शहर के विकास कार्यों पर चर्चा हुआ थी। मार्च माह में बुलाई बैठक में केवल बजट पास किया गया। नियमों के तहत हर माह हाउस की बैठक होनी चाहिए, लेकिन पार्षद भी मांग नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों ने पहरावर की जमीन के प्रस्ताव पर घर फाइल भेजकर हस्ताक्षर करवा दिए। इसके अलावा चौकों के नामकरण के प्रस्ताव पर भी हस्ताक्षर करवाए गए हैं। हालांकि पार्षदों ने एलिवेटेड रोड के नए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है।
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