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प्रॉपर्टी टैक्स : ऑनलाइन पोर्टल पर अब फाइल नहीं होगी रद्द, आपत्ति लगाकर भेजेंगे निगम कर्मी

Sat, 10 Sep 2022 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 12:15 AM IST
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Property tax: File will no longer be canceled on the online portal, corporation workers will send objections
प्रॉपटी टैक्स ब्रांच के अंदिर एनडीसी पोर्टल पर फाइल भेजते कर्मचारी। अमर उजाला
रोहतक। नगर निगम अब प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने या नई बनवाने के लिए आवेदन में कमी मानकर उसे रद्द नहीं करेगा, बल्कि आपत्ति लगाकर आवेदनकर्ता के पास वापस भेजेगा। मुख्यालय ने निगम के एनडीसी पोर्टल पर नया विकल्प जोड़ दिया है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जो फाइल रद्द होने के बाद कारण पूछने के लिए निगम के अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर थे।
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पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में 2010 में नगर परिषद को भंग करके निगम का दर्जा दिया गया था। एक साल बाद 2011 में निगम का प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे हुआ, जिसमें 1 लाख 76 हजार प्रॉपर्टी टैक्स के लिए चयनित की गई थी। अब 2020-21 में नये सिरे से शहर में प्रॉपर्टी को लेकर सर्वे हुआ है, जिसमें 2 लाख 92 हजार प्रॉपर्टी चयनित की गई है। इसमें से 2 लाख 30 हजार का डाटा तैयार हो चुका है। सरकार ने नई प्रॉपर्टी आईडी बनाने या संशोधन करने के लिए यूएलबी की साइट पर एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) पोर्टल बनाया हुआ है। उसके ऊपर आवेदन किए जाते हैं।
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व्यापारी नेता को काटने पड़े थे चक्कर, 33 दिन बाद फाइल की थी रद्द
31 अगस्त को शहर के व्यापारी नेता गुलशन निझावन नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के पास पहुंचे। बताया कि उन्होंने प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए पहली बार 27 जुलाई को आवेदन किया। मैसेज आया कि आपका काम 10 दिन में हो जाएगा, लेकिन 2 अगस्त को आवेदन रद्द करते हुए कारण बताया गया कि आवेदन के साथ दी गई रजिस्ट्री की कॉपी साफ नहीं है। उन्होंने 22 अगस्त को दोबारा से उन्हीं दस्तावेजों के साथ आवेदन किया। निगम ने 30 अगस्त को फिर से आवेदन रद्द कर दिया। इस तरह लोगों को चक्कर कटवाए जा रहे हैं। निगम आयुक्त ने जांच के आदेश दिए थे।
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हर रोज 40 से ज्यादा आ रहे लोग प्रॉपर्टी आईडी को लेकर
नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में हर रोज लोग प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए चक्कर काटते रहते हैं। 10 से 15 जहां कार्यालय में आते हैं, वहीं 30 के करीब ऑनलाइन आवेदन करते हैं। दो से तीन हर रोज अपने वार्ड के पार्षद के पास जाकर प्रॉपर्टी आईडी को लेकर आ रही परेशानी का समाधान कराने की मांग रखते हैं। वार्ड नंबर 13 की महिला पार्षद कंचन के पति अशोक खुराना का कहना है कि उसके पास चार लोग हर रोज आ रहे हैं। अब देखना है कि लोगों को राहत मिल पाती है या नहीं।
वर्जन-
नगर निगम के एनडीसी पोर्टल पर मुख्यालय की तरफ से नया विकल्प जोड़ा गया है। अब नगर निगम के कर्मचारी पोर्टल पर आए आवेदन को कमी बताकर रद्द नहीं करेंगे, बल्कि आपत्ति लगाकर उसे वापस शिकायतकर्ता के पास भेजेंगे। तीन दिन के अंदर आवेदनकर्ता को आपत्ति दूर करनी होगी।
- धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम
बाक्स
रिटायर डीएसपी काट रहा दो साल से चक्कर, नहीं हो रहा रिकॉर्ड ठीक
हरियाणा पुलिस के रिटायर डीएसपी 75 वर्षीय ईश्वर सैनी ने बताया कि उसकी नए बस स्टैंड के नजदीक आजादगढ़ में जमीन है। निगम के रिकॉर्ड में एक भाग को 311 वर्ग गज की जगह 400 वर्ग गज लिखा हुआ है। जबकि एक जगह 295 वर्ग गज को 50 वर्ग गज दिखा रहे हैं। वह 2020 से निगम के अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। निगम की टैक्स ब्रांच के अधिकारी कहते हैं कि नए सिरे से सर्वे होगा, लेकिन अभी तक रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया गया।
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फ्लैटों के फ्लोर वाइज नहीं बन रही आईडी
निगम आयुक्त को पार्षदों ने बताया कि शहर के अंदर आउटर में फ्लैट भी बन गए हैं। वहां पर भू तल वाले फ्लैट की रजिस्ट्री व आईडी तो है, लेकिन दूसरी व तीसरी मंजिल के फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हैं। निगम की ओर से भी फ्लैट की प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनाई जा रही है। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही भरे हुए टैक्स का बिल दोबारा भेजा जा रहा है। आयुक्त ने मुख्यालय अधिकारियों से बात कर समस्या के समाधान का भरोसा दिया।
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प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। निगम आयुक्त को लोगों की परेशानी से अवगत कराने के लिए मेयर के साथ निगम आयुक्त से मिले थे। निगम आयुक्त ने भरोसा दिया है कि व्यवस्था में जल्द सुधार होगा।

- राजेश सैनी, मनोनीत पार्षद नगर निगम
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निगम आयुक्त बोले, अब गूगल पे व पीटीएम से भी भरा जाएगा टैक्स
उधर, निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने निगम की टैक्स ब्रांच के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में हिदायत दी कि
लोगों के कार्य समय अवधि में किए जाएं। जांच करें कि क्यों नहीं पोर्टल से प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं निकल रहे। साथ ही कहा कि पोर्टल में परिवर्तन करवाकर ऑनलाइन फोन पे, गूगल पे व पीटीएम सहित दूसरे माध्यमों से भी टैक्स जमा कराने की व्यवस्था करवाएंगे।
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