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प्रॉपर्टी टैक्स : त्रुटियां अहम वजह, छूट के बावजूद वसूली का टारगेट अधूरा
Fri, 15 Nov 2024 02:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 15 Nov 2024 02:42 AM IST
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14सीटीके12..नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स काउंटर पर लगी लाइन। संवाद
रोहतक। प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य हासिल करना नगर निगम के लिए लगातार तीसरे साल मुश्किल लग रहा है। चुनावी साल में लगातार छूट के बावजूद निगम अभी तक 20 करोड़ रुपये भी टैक्स वसूल नहीं कर सका है। इसकी अहम वजह प्रॉपर्टी आईडी में लगातार मिल रही त्रुटियां व बकायदारों के खिलाफ कार्रवाई न होना है। निगम आयुक्त धमेंद्र ने टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को वसूली पर फोकस करने की हिदायत दी है।
नगर निगम ने साल 2024-25 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 35 करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन निगम उसे हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है, क्योंकि तीन साल से शहर के लोग प्रॉपर्टी आईडी में मिल रही त्रुटियों से परेशान हैं। इस कारण टैक्स भी जमा नहीं हो रहा है। चुनावी साल में रिकवरी बढ़ाने के लिए सरकार ने 30 सितंबर तक बकाया पर पूर्ण ब्याज माफी व चालू वित्त वर्ष के टैक्स को स्वयं प्रमाणित करने पर 15 प्रतिशत की छूट दे रखी थी। इसके बावजूद लोग टैक्स जमा नहीं करवा सके क्योंकि सर्वे कंपनी ने प्रॉपर्टी टैक्स के रिकाॅर्ड में व्यापक त्रुटियां छोड़ दीं, जिससे लोगों की प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी हो गई। कहीं मोबाइल नंबर गलत तो कहीं नाम व क्षेत्र गलत कर दिया गया। नगर निगम लगातार तीसरे से प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में पीछे चल रहा है। 2022-23 में 55 करोड़ का टारगेट रखा था, लेकिन निगम 36 करोड़ रुपये की रिकवरी ही कर सका। 2023-24 में 36 करोड़ का टारगेट रखा, लेकिन 26 करोड़ ही वसूली हो सकी। अब 35 करोड़ का टारगेट रखा है, लेकिन वसूली 20 करोड़ के करीब ही पहुंची है।
वर्जन
निगम ने अपनी तरफ से लक्ष्य हासिल करने का पूरा प्रयास किया। बकायेदाराें की सूची तैयार है। पहले 20 हजार के करीब लोगों को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद टैक्स राशि जमा न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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जितेंद्र कुमार, डीएमसी नगर निगम
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नगर निगम ने साल 2024-25 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 35 करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन निगम उसे हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है, क्योंकि तीन साल से शहर के लोग प्रॉपर्टी आईडी में मिल रही त्रुटियों से परेशान हैं। इस कारण टैक्स भी जमा नहीं हो रहा है। चुनावी साल में रिकवरी बढ़ाने के लिए सरकार ने 30 सितंबर तक बकाया पर पूर्ण ब्याज माफी व चालू वित्त वर्ष के टैक्स को स्वयं प्रमाणित करने पर 15 प्रतिशत की छूट दे रखी थी। इसके बावजूद लोग टैक्स जमा नहीं करवा सके क्योंकि सर्वे कंपनी ने प्रॉपर्टी टैक्स के रिकाॅर्ड में व्यापक त्रुटियां छोड़ दीं, जिससे लोगों की प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी हो गई। कहीं मोबाइल नंबर गलत तो कहीं नाम व क्षेत्र गलत कर दिया गया। नगर निगम लगातार तीसरे से प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में पीछे चल रहा है। 2022-23 में 55 करोड़ का टारगेट रखा था, लेकिन निगम 36 करोड़ रुपये की रिकवरी ही कर सका। 2023-24 में 36 करोड़ का टारगेट रखा, लेकिन 26 करोड़ ही वसूली हो सकी। अब 35 करोड़ का टारगेट रखा है, लेकिन वसूली 20 करोड़ के करीब ही पहुंची है।
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वर्जन
निगम ने अपनी तरफ से लक्ष्य हासिल करने का पूरा प्रयास किया। बकायेदाराें की सूची तैयार है। पहले 20 हजार के करीब लोगों को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद टैक्स राशि जमा न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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जितेंद्र कुमार, डीएमसी नगर निगम