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नकल काे बढ़ावा ः 20 हजार रुपये फीस दीजिए और बनवाइए बीएड का परीक्षा केंद्र

ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 21 May 2017 01:47 AM IST
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  बीएड के परीक्षा केंद्र
बीएड के परीक्षा केंद्र - फोटो : file photo

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इस बार सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में भी बीएड के परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी ने उन कॉलेजों को भी सेंटर बनने का मौका दिया है जिन्हें एमडीयू ने नकल होने के चलते सेंटर बनाने से मना कर दिया था। हालांकि सेंटर बनवाने के इच्छुक कॉलेज को कुछ मानक पूरे करने होंगे। इसके साथ ही 20 हजार रुपये बतौर फीस यूनिवर्सिटी में जमा करानी होगी। यूनिवर्सिटी का यह आदेश खुद में कई सवाल खड़े कर रहा है। इस आदेश के बाद प्रदेश में नकल के गोरखधंधे को फलने-फूलने का मौका मिलेगा। 
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प्रदेशभर में करीब 525 बीएड कॉलेज हैं। पिछले सत्र में सभी बीएड कॉलेजों को सरकार ने जींद यूनिवर्सिटी के अधीन कर दिया था, लेकिन हाल ही में सरकार ने अपना फैसला बदलते हुए कॉलेजों को जिले के अनुसार आवंटित कर दिया। आवंटन के बाद भी उन विद्यार्थियों का दूसरा वर्ष जींद यूनिवर्सिटी कराएगी, जिन्होंने पिछले साल एडमिशन लिया था।


इनमें कुछ विद्यार्थियों की परीक्षाएं 21 जून और कुछ परीक्षाएं 1 जुलाई से शुरू होनी हैं। परीक्षा शेड्यूल जारी होते ही यूनिवर्सिटी की तरफ से सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को सेंटर बनाने का मौका दिया है। दरअसल, यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि जो सेल्फ फाइनेंस कॉलेज परीक्षा सेंटर बनवाना चाहता है, उसे कुछ मानक पूरे करने होंगे। इसके साथ ही 20 हजार रुपये फीस देनी होगी। इसमें पांच हजार रुपये आवेदन फीस और 15 हजार रुपये सेंटर फीस रहेगी। यूनिवर्सिटी के इस आदेश के बाद सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में नकल का गोरखधंधा बढ़ने की आशंका है। 

ये खड़े हो रहे सवाल 
यूनिवर्सिटी के इस नोटिस के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में नकल का गोरखधंधा किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में कुछ समय पहले एमडीयू ने इन कॉलेजों को सेंटर बनाने से मना कर दिया था। अब सवाल यह है कि जो कॉलेज जींद यूनिवर्सिटी को सेंटर बनाने के लिए 20 हजार रुपये देगा वह उसकी भरपाई कहां से करेगा। सूत्रों की मानें तो इन रुपयों की भरपाई परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों से की जाएगी। विद्यार्थियों को नकल कराई जाएगी, जिसके एवज में उससे रुपये लिए जाएंगे। 

यह मानक भी करने होंगे पूरे 
- कॉलेज में 200 विद्यार्थियों की सीटिंग होनी चाहिए। 
- बिजली और इंटरनेट आदि की व्यवस्था जरूरी है। 

- कॉलेज में स्ट्रांग रूम, विद्यार्थियों के लिए शौचालय, पानी और सुरक्षा आदि की व्यवस्था। 
- कॉलेज में सात स्थायी शिक्षक होने चाहिए और परीक्षा कराने के लिए स्टाफ सक्षम हो। 
- संस्थान में कंप्यूटर, प्रिंटर और फोटो स्टेट मशीन होना भी जरूरी है।

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